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Shahjahanpur News: बड़े भाई के हत्यारे को आजीवन कारावास
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शाहजहांपुर। गला दबाकर बड़े भाई की हत्या के दोषी को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया है।
29 अक्तूबर 2020 को खुदागंज थाना क्षेत्र के गांव बरौरा के चौकीदार प्रभुदयाल ने पुलिस को सूचना दी थी कि गांव के रमनपाल सिंह की संदिग्ध हालात में मौत हो गई है। पुलिस ने शव का पोस्टमॉर्टम कराया तो गला दबाकर हत्या होने की पुष्टि हुई। इसके बाद एक नवंबर को रमनपाल की मां मायादेवी ने खुदागंज थाने में तहरीर देकर बताया कि उसका छोटा बेटा अजय उर्फ दीवान सिंह 20 वर्षों से गांव में ही अपने फुफेरे भाई धर्मपाल सिंह के घर रह रहा था।
28 अक्तूबर 2020 की रात लगभग दस बजे उसका बेटा अपने घर में खाना खा रहा था। तभी छोटा बेटा अजय उर्फ दीवान सिंह वहां आ गया। आते ही वह रमनपाल के साथ गालीगलौज करने लगा। दोनों के बीच हाथापाई होने लगी तो उसने दोनों को अलग करने का प्रयास किया लेकिन वे नहीं माने। इस पर माया देवी गांव में रहने वाली अपनी बेटी को बुलाने के लिए चली गई।
लौटकर आई तो तो देखा कि अजय दरवाजे के पास खड़ा था और रमन का शव चारपाई पर पड़ा हुआ था। अजय ने गला दबाकर रमनपाल की हत्या कर दी थी। उसके शोर मचाने पर गांव के कई लोग मौके पर आ गए। पुलिस ने पहुंचकर जांच की। पुलिस ने अजय के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना के बाद आरोपपत्र अदालत भेजा।
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अदालत में मुकदमा चलने के दौरान गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर अपर सत्र न्यायाधीश अभय प्रताप सिंह प्रथम ने अजय को दोषी पाया । उसे भाई की हत्या में आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
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घर में घुसकर हमले में पिता और दो पुत्रों को पांच-पांच वर्ष कारावास की सजा
शाहजहांपुर। कब्रिस्तान के विवाद में घर में घुसकर हमला करने के दोषी पिता और दो पुत्रों को अदालत ने पांच-पांच वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है।
कांट थाना क्षेत्र के मोहल्ला शेरवान के रहने वाले अनीस ने पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर बताया था कि सैय्यदबाड़ा के रहने वाले इमरान, बब्बू उसके बेटों फूल मियां, चांद मियां से उसका कब्रिस्तान को लेकर विवाद चल रहा था। 12 मई 2012 को सुबह करीब सात बजे वे लोग लाठी-कांता और तमंचा लेकर उसके घर में घुस आए। आते ही गालीगलौज करते हुए हमला कर दिया।
उसके चाचा मंजूर उसे बचाने आए तो उन पर कांते से हमला कर दिया। मारपीट में चाचा व अनीस घायल हो गए। पुलिस ने चारों लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना की। विवेचना के बाद बब्बू, चांद मियां और फूल मियां के खिलाफ आरोपपत्र अदालत भेजा। अदालत में मुकदमा चलने के दौरान गवाहों के बयानात और साक्ष्यों के आधार पर अपर सत्र न्यायाधीश आशीष वर्मा ने बब्बू, फूल मियां और चांद मियां को दोषी पाते हुए पांच-पांच वर्ष के कारावास की सजा से दंडित किया। संवाद
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गैंगस्टर एक्ट में दोषी को तीन वर्ष के कारावास की सजा
शाहजहांपुर। गैंगस्टर एक्ट में दोषी को अदालत ने तीन वर्ष दस महीने और 26 दिन के कारावास की सजा सुनाई है। दोषी पर पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
गढि़यारंगीन थाना क्षेत्र के गांव मरेना निवासी वासुदेव संगठित गिरोह बनाकर अपने साथियो के साथ मिलकर लूट, नकबजनी, चोरी आदि वारदात अंजाम देता था। इससे आर्थिक व भौतिक लाभ प्राप्त करता था। पुलिस ने उस पर गैंगस्टर एक्ट लगाकर आरोपपत्र अदालत भेजा था। न्यायालय एडीजे-05 में दोषी वासुदेव को तीन वर्ष 10 माह 26 दिन का कारावास एवं पांच हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया गया। संवाद
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29 अक्तूबर 2020 को खुदागंज थाना क्षेत्र के गांव बरौरा के चौकीदार प्रभुदयाल ने पुलिस को सूचना दी थी कि गांव के रमनपाल सिंह की संदिग्ध हालात में मौत हो गई है। पुलिस ने शव का पोस्टमॉर्टम कराया तो गला दबाकर हत्या होने की पुष्टि हुई। इसके बाद एक नवंबर को रमनपाल की मां मायादेवी ने खुदागंज थाने में तहरीर देकर बताया कि उसका छोटा बेटा अजय उर्फ दीवान सिंह 20 वर्षों से गांव में ही अपने फुफेरे भाई धर्मपाल सिंह के घर रह रहा था।
28 अक्तूबर 2020 की रात लगभग दस बजे उसका बेटा अपने घर में खाना खा रहा था। तभी छोटा बेटा अजय उर्फ दीवान सिंह वहां आ गया। आते ही वह रमनपाल के साथ गालीगलौज करने लगा। दोनों के बीच हाथापाई होने लगी तो उसने दोनों को अलग करने का प्रयास किया लेकिन वे नहीं माने। इस पर माया देवी गांव में रहने वाली अपनी बेटी को बुलाने के लिए चली गई।
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लौटकर आई तो तो देखा कि अजय दरवाजे के पास खड़ा था और रमन का शव चारपाई पर पड़ा हुआ था। अजय ने गला दबाकर रमनपाल की हत्या कर दी थी। उसके शोर मचाने पर गांव के कई लोग मौके पर आ गए। पुलिस ने पहुंचकर जांच की। पुलिस ने अजय के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना के बाद आरोपपत्र अदालत भेजा।
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अदालत में मुकदमा चलने के दौरान गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर अपर सत्र न्यायाधीश अभय प्रताप सिंह प्रथम ने अजय को दोषी पाया । उसे भाई की हत्या में आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
घर में घुसकर हमले में पिता और दो पुत्रों को पांच-पांच वर्ष कारावास की सजा
शाहजहांपुर। कब्रिस्तान के विवाद में घर में घुसकर हमला करने के दोषी पिता और दो पुत्रों को अदालत ने पांच-पांच वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है।
कांट थाना क्षेत्र के मोहल्ला शेरवान के रहने वाले अनीस ने पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर बताया था कि सैय्यदबाड़ा के रहने वाले इमरान, बब्बू उसके बेटों फूल मियां, चांद मियां से उसका कब्रिस्तान को लेकर विवाद चल रहा था। 12 मई 2012 को सुबह करीब सात बजे वे लोग लाठी-कांता और तमंचा लेकर उसके घर में घुस आए। आते ही गालीगलौज करते हुए हमला कर दिया।
उसके चाचा मंजूर उसे बचाने आए तो उन पर कांते से हमला कर दिया। मारपीट में चाचा व अनीस घायल हो गए। पुलिस ने चारों लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना की। विवेचना के बाद बब्बू, चांद मियां और फूल मियां के खिलाफ आरोपपत्र अदालत भेजा। अदालत में मुकदमा चलने के दौरान गवाहों के बयानात और साक्ष्यों के आधार पर अपर सत्र न्यायाधीश आशीष वर्मा ने बब्बू, फूल मियां और चांद मियां को दोषी पाते हुए पांच-पांच वर्ष के कारावास की सजा से दंडित किया। संवाद
गैंगस्टर एक्ट में दोषी को तीन वर्ष के कारावास की सजा
शाहजहांपुर। गैंगस्टर एक्ट में दोषी को अदालत ने तीन वर्ष दस महीने और 26 दिन के कारावास की सजा सुनाई है। दोषी पर पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
गढि़यारंगीन थाना क्षेत्र के गांव मरेना निवासी वासुदेव संगठित गिरोह बनाकर अपने साथियो के साथ मिलकर लूट, नकबजनी, चोरी आदि वारदात अंजाम देता था। इससे आर्थिक व भौतिक लाभ प्राप्त करता था। पुलिस ने उस पर गैंगस्टर एक्ट लगाकर आरोपपत्र अदालत भेजा था। न्यायालय एडीजे-05 में दोषी वासुदेव को तीन वर्ष 10 माह 26 दिन का कारावास एवं पांच हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया गया। संवाद