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अनुराधा नक्षत्र और अमृत योग में मनाई जाएगी भैया दूज
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शाहजहांपुर। भाई-बहन के स्नेह का प्रतीक भैयादूज शनिवार को मनाई जाएगी। शनिवार को भद्रा नहीं रहेगी, इसलिए सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक बहनें अपने भाइयों को तिलक लगाकर त्योहार मना सकती है। शनिवार को दोपहर 1:07 बजे से अपराह्न 2:38 बजे तक विशेष (स्थायी) मुहूर्त रहेगा।
भैयादूज दिवाली के दो दिन बाद कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाई जाती है। इसे यम द्वितीया भी कहा जाता है। भैयादूज भाई-बहन के स्नेह को दर्शाता है। इस दिन बहनें अपने भाई के माथे पर तिलक लगाकर उसकी खुश-समृद्धि की कामना करती हैं। मान्यता के अनुसार इस दिन यमराज के नाम का चौमुखी दीपक जलाकर घर की दहलीज के बाहर रखा जाता है। दुर्गा माता मंदिर के पुजारी अरुण शुक्ला ने बताया कि इस बार भैयादूज पर अनुराधा नक्षत्र और अमृत योग रहेगा। शनिवार को भद्रा नहीं रहेगी, इसलिए सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक बहनें अपने भाइयों को तिलक लगाकर त्योहार मना सकती है। शनिवार दोपहर 1:07 बजे से अपराह्न 2:38 बजे के बीच विशेष मुहूर्त में भैया दूज करने पर भाई-बहन के बीच स्नेह ज्यादा स्थायी होगा। पुजारी अरुण शुक्ला के मुताबिक भैयादूज के दिन बहनें सबसे पहले घर के आंगन में चौक बनाएं। फिर उस पर भाई को बैठाकर माथे पर तिलक लगाने के साथ मुंह मीठा कराएं। ईश्वर से सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना करें।
भैया दूज से एक दिन पहले शुक्रवार को मिठाइयों की दुकानों पर जबरदस्त भीड़ रही। तमाम लोगों ने बहन को देने के लिए गिफ्ट भी खरीदे।
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भैयादूज दिवाली के दो दिन बाद कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाई जाती है। इसे यम द्वितीया भी कहा जाता है। भैयादूज भाई-बहन के स्नेह को दर्शाता है। इस दिन बहनें अपने भाई के माथे पर तिलक लगाकर उसकी खुश-समृद्धि की कामना करती हैं। मान्यता के अनुसार इस दिन यमराज के नाम का चौमुखी दीपक जलाकर घर की दहलीज के बाहर रखा जाता है। दुर्गा माता मंदिर के पुजारी अरुण शुक्ला ने बताया कि इस बार भैयादूज पर अनुराधा नक्षत्र और अमृत योग रहेगा। शनिवार को भद्रा नहीं रहेगी, इसलिए सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक बहनें अपने भाइयों को तिलक लगाकर त्योहार मना सकती है। शनिवार दोपहर 1:07 बजे से अपराह्न 2:38 बजे के बीच विशेष मुहूर्त में भैया दूज करने पर भाई-बहन के बीच स्नेह ज्यादा स्थायी होगा। पुजारी अरुण शुक्ला के मुताबिक भैयादूज के दिन बहनें सबसे पहले घर के आंगन में चौक बनाएं। फिर उस पर भाई को बैठाकर माथे पर तिलक लगाने के साथ मुंह मीठा कराएं। ईश्वर से सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना करें।
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भैया दूज से एक दिन पहले शुक्रवार को मिठाइयों की दुकानों पर जबरदस्त भीड़ रही। तमाम लोगों ने बहन को देने के लिए गिफ्ट भी खरीदे।