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भाकियू नेता भड़के, थाना गेट पर प्रदर्शन
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धरने पर बैठे भाकियू जिलाध्यक्ष मंजीत सिंह से वार्ता करते बंडा थाना प्रभारी। संवाद
- फोटो : POWAYAN
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पुवायां। बंडा थाने के दो सिपाहियों पर फंसाने की नीयत से झूठा बयान दिलाने का आरोप लगाते हुए भाकियू जिलाध्यक्ष थाने के गेट पर धरने पर बैठ गए। बाद में थाना प्रभारी के समझाने के बाद उन्होंने धरना समाप्त किया।
बंडा थाने के दो सिपाही 29 जुलाई को गांव कुइयां महोलिया से कच्ची शराब बनाने और बेचने के आरोप में दो लोगों को पकड़कर लाए थे। सिपाहियों ने शराब बनाने वालों से कहा कि वह एक व्यक्ति का नाम लें कि वह उनसे शराब बिकवाने के नाम पर दो हजार रुपये वसूलता है।
जानकारी पाकर थाना प्रभारी ने उस व्यक्ति को भी थाने बुला लिया, जिस पर रुपये लेने का आरोप था। थाना प्रभारी के सामने शराब बेचने वाले कहने लगे कि उन्होंने रुपये दवा लाने के लिए दिए थे। इसके बाद शराब बेचने वाले बार-बार बयान बदलते रहे।
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इस बीच भाकियू टिकैत गुट के जिलाध्यक्ष मंजीत सिंह ने भी थाने पहुंचकर सिपाहियों पर लोगों को प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए कहा कि सिपाही बिना वर्दी और कार से घूमते हैं। सिपाहियों के पास कार से चलने के लिए बजट कहां से आता है। इस बीच एक किसान नेता ने वीडियो बनाना शुरू कर दिया। विवाद बढ़ने पर भाकियू नेताओं ने थाने के गेट पर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया।
थाना प्रभारी मनोज कुमार मौके पर पहुंचे और किसान नेताओं से वार्ता की। मंजीत सिंह ने कहा कि सिपाहियों का हलका बदले जाने और उनके खिलाफ जांच होने तक धरना जारी रहेगा। बंडा पुलिस के अनुसार कच्ची शराब बनाने वाले एक व्यक्ति पर आरोप लगा रहे थे। बाद में वह बयान से मुकर गए। इस बीच वीडियो बनाने को लेकर सिपाहियों और किसान नेताओं के बीच विवाद हो गया। भाकियू के लोग धरने पर बैठ गए। किसान नेताओं को समझाकर मामले को शांत करा दिया गया है। अब दोनों पक्षों में कोई विवाद नहीं है।
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मामले की जानकारी नहीं है। बंडा के थाना प्रभारी से मामले की जानकारी कर जांच कराई जाएगी।
-प्रवीण कुमार, सीओ सिटी
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बंडा थाने के दो सिपाही 29 जुलाई को गांव कुइयां महोलिया से कच्ची शराब बनाने और बेचने के आरोप में दो लोगों को पकड़कर लाए थे। सिपाहियों ने शराब बनाने वालों से कहा कि वह एक व्यक्ति का नाम लें कि वह उनसे शराब बिकवाने के नाम पर दो हजार रुपये वसूलता है।
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जानकारी पाकर थाना प्रभारी ने उस व्यक्ति को भी थाने बुला लिया, जिस पर रुपये लेने का आरोप था। थाना प्रभारी के सामने शराब बेचने वाले कहने लगे कि उन्होंने रुपये दवा लाने के लिए दिए थे। इसके बाद शराब बेचने वाले बार-बार बयान बदलते रहे।
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इस बीच भाकियू टिकैत गुट के जिलाध्यक्ष मंजीत सिंह ने भी थाने पहुंचकर सिपाहियों पर लोगों को प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए कहा कि सिपाही बिना वर्दी और कार से घूमते हैं। सिपाहियों के पास कार से चलने के लिए बजट कहां से आता है। इस बीच एक किसान नेता ने वीडियो बनाना शुरू कर दिया। विवाद बढ़ने पर भाकियू नेताओं ने थाने के गेट पर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया।
थाना प्रभारी मनोज कुमार मौके पर पहुंचे और किसान नेताओं से वार्ता की। मंजीत सिंह ने कहा कि सिपाहियों का हलका बदले जाने और उनके खिलाफ जांच होने तक धरना जारी रहेगा। बंडा पुलिस के अनुसार कच्ची शराब बनाने वाले एक व्यक्ति पर आरोप लगा रहे थे। बाद में वह बयान से मुकर गए। इस बीच वीडियो बनाने को लेकर सिपाहियों और किसान नेताओं के बीच विवाद हो गया। भाकियू के लोग धरने पर बैठ गए। किसान नेताओं को समझाकर मामले को शांत करा दिया गया है। अब दोनों पक्षों में कोई विवाद नहीं है।
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मामले की जानकारी नहीं है। बंडा के थाना प्रभारी से मामले की जानकारी कर जांच कराई जाएगी।
-प्रवीण कुमार, सीओ सिटी