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हाईवे किनारे से अतिक्रमण हटा लेकिन विवाद बरकरार
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पुवायां। पुवायां में राजीव चौक के पास से खुटार रोड पर हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में अतिक्रमण हटा दिया गया है, लेकिन विवाद अभी बरकरार है। इस मामले में एक पक्ष ने पुलिस को तहरीर दी है तो दूसरे पक्ष ने डीएम और एसपी को पत्र लिखकर सुरक्षा की मांग की है।
गौरतलब है कि पुवायां के कौशलेंद्र मिश्रा ने जनवरी 2021 में हाईकोर्ट में जनहित याचिका के माध्यम से राजीव चौक के पास से खुटार रोड पर हाईवे की भूमि पर अवैध कब्जा हटवाने की मांग की थी। हाईकोर्ट ने छह सप्ताह में कार्रवाई के निर्देश दिए थे, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर कौशलेंद्र ने हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दाखिल की थी। अवमानना याचिका में हाईकोर्ट ने अधिकारियों को एक और अवसर देते हुए आदेश का अनुपालन कराने का आदेश जारी किया था।
इसके बाद शुक्रवार को एसडीएम, नायब तहसीलदार, एनएचएआई के अधिकारियों ने पुलिस बल के साथ अतिक्रमण को जेसीबी से गिरवा दिया।
शनिवार को राज पांडेय ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि हाईवे की भूमि से कब्जा हटने के बाद भी उनकी चार गुणे 16 फिट जगह शेष रहती है। इस जमीन पर भी कुछ लोग कार्य नहीं करने दे रहे हैं। पुलिस ने उनसे मौके पर यथास्थिति रखने को कहा। उधर हाईकोर्ट में याचिका करने वाले पुवायां के कौशलेंद्र मिश्रा ने डीएम को भेजे पत्र में आरोप लगाया है कि अतिक्रमण हटाने के दौरान कुछ हिस्से पर लोगों का अवैध कब्जा रह गया है। यह लोग फिर से निर्माण करने के प्रयास में है। शेष निर्माण को भी गिरवाया जाए।
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जान को खतरा, सुरक्षा दे प्रशासन
याचिका डालने वाले कौशलेंद्र मिश्रा ने एसपी को भेजे पत्र में बताया कि उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दी थी। याचिका पर एक आदेश के तहत अवैध कब्जे हटवाए गए हैं। अवैध कब्जा करने वाले कुछ लोगों से उनको जान का खतरा है। इस कारण उनको सुरक्षा मुहैया कराई जानी चाहिए।
जानकारी जुटाते रहे दुकानदार
जिस स्थान पर अतिक्रमण हटाया गया है, उसके आसपास के दुकानदार भी सशंकित हैं और आगे की कार्रवाई के बारे में टोह ले रहे हैं। दुकानदारों को आशंका है कि एनएचएआई के अधिकारी अन्य अवैध कब्जेदारों के खिलाफ भी एक्शन ले सकते हैं।
कौशलेंद्र मिश्रा ने हाईकोर्ट में केवल लोगों के अवैध कब्जे के खिलाफ याचिका की थी। इस मामले में अवमानना की याचिका भी की गई थी। इसके बाद जिलाधिकारी के आदेश पर उप जिलाधिकारी की मौजूदगी में राजस्व विभाग की टीम ने पैमाइश कर जहां तक निशान लगाए थे, वहां तक अतिक्रमण को हटा दिया है। पैमाइश आदि की कार्रवाई राजस्व विभाग ही करता है। चिह्नित भूमि पर बिना किसी भेदभाव के अवैध कब्जे शुक्रवार को हटा दिए गए हैं। एनएचएआई की कुछ भूमि पर अन्य लोग भी अवैध रूप से काबिज हैं, लेकिन वह मामला अलग है। जो लोग एनएचएआई की भूमि पर काबिज हैं, उनको नोटिस दिए जाएंगे और अवैध कब्जे हटवाए जाएंगे। - तुषार सिंह, डिप्टी मैनेजर एनएचएआई बरेली
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गौरतलब है कि पुवायां के कौशलेंद्र मिश्रा ने जनवरी 2021 में हाईकोर्ट में जनहित याचिका के माध्यम से राजीव चौक के पास से खुटार रोड पर हाईवे की भूमि पर अवैध कब्जा हटवाने की मांग की थी। हाईकोर्ट ने छह सप्ताह में कार्रवाई के निर्देश दिए थे, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर कौशलेंद्र ने हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दाखिल की थी। अवमानना याचिका में हाईकोर्ट ने अधिकारियों को एक और अवसर देते हुए आदेश का अनुपालन कराने का आदेश जारी किया था।
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इसके बाद शुक्रवार को एसडीएम, नायब तहसीलदार, एनएचएआई के अधिकारियों ने पुलिस बल के साथ अतिक्रमण को जेसीबी से गिरवा दिया।
शनिवार को राज पांडेय ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि हाईवे की भूमि से कब्जा हटने के बाद भी उनकी चार गुणे 16 फिट जगह शेष रहती है। इस जमीन पर भी कुछ लोग कार्य नहीं करने दे रहे हैं। पुलिस ने उनसे मौके पर यथास्थिति रखने को कहा। उधर हाईकोर्ट में याचिका करने वाले पुवायां के कौशलेंद्र मिश्रा ने डीएम को भेजे पत्र में आरोप लगाया है कि अतिक्रमण हटाने के दौरान कुछ हिस्से पर लोगों का अवैध कब्जा रह गया है। यह लोग फिर से निर्माण करने के प्रयास में है। शेष निर्माण को भी गिरवाया जाए।
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जान को खतरा, सुरक्षा दे प्रशासन
याचिका डालने वाले कौशलेंद्र मिश्रा ने एसपी को भेजे पत्र में बताया कि उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दी थी। याचिका पर एक आदेश के तहत अवैध कब्जे हटवाए गए हैं। अवैध कब्जा करने वाले कुछ लोगों से उनको जान का खतरा है। इस कारण उनको सुरक्षा मुहैया कराई जानी चाहिए।
जानकारी जुटाते रहे दुकानदार
जिस स्थान पर अतिक्रमण हटाया गया है, उसके आसपास के दुकानदार भी सशंकित हैं और आगे की कार्रवाई के बारे में टोह ले रहे हैं। दुकानदारों को आशंका है कि एनएचएआई के अधिकारी अन्य अवैध कब्जेदारों के खिलाफ भी एक्शन ले सकते हैं।
कौशलेंद्र मिश्रा ने हाईकोर्ट में केवल लोगों के अवैध कब्जे के खिलाफ याचिका की थी। इस मामले में अवमानना की याचिका भी की गई थी। इसके बाद जिलाधिकारी के आदेश पर उप जिलाधिकारी की मौजूदगी में राजस्व विभाग की टीम ने पैमाइश कर जहां तक निशान लगाए थे, वहां तक अतिक्रमण को हटा दिया है। पैमाइश आदि की कार्रवाई राजस्व विभाग ही करता है। चिह्नित भूमि पर बिना किसी भेदभाव के अवैध कब्जे शुक्रवार को हटा दिए गए हैं। एनएचएआई की कुछ भूमि पर अन्य लोग भी अवैध रूप से काबिज हैं, लेकिन वह मामला अलग है। जो लोग एनएचएआई की भूमि पर काबिज हैं, उनको नोटिस दिए जाएंगे और अवैध कब्जे हटवाए जाएंगे। - तुषार सिंह, डिप्टी मैनेजर एनएचएआई बरेली