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रोजा मंडी में खाद्य विभाग के सेंटर ने खोला खरीद का खाता
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शाहजहांपुर। खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 मेें समर्थन मूल्य पर बृहस्पतिवार से शुरू हुई धान की सरकारी खरीद अभी रफ्तार नहीं पकड़ सकी है। बीते दिन गांधी जयंती पर अवकाश के कारण क्रय केंद्र बंद रहे, लेकिन शनिवार को सेंटर खुलने पर भी अधिकांश क्रय केंद्रों पर सन्नाटा पसरा रहा। हालांकि, इस बीच रोजा मंडी में खाद्य विभाग के क्रय केंद्र प्रभारी ददरौल ब्लॉक के पैदापुर गांव से आए एक किसान के 19.20 क्विंटल धान की तौल कराकर खरीद की शुरुआत की, लेकिन जिले में अन्य तमाम सेंटर सूने पड़े रहे। खास यह है कि शासन स्तर से धान क्रय नीति में इस बार खरीद से बाहर रखी गईं क्रय एजेंसी यूपीएसएस, यूपी एग्रो और कर्मचारी कल्याण निगम को दोबारा खरीद की अनुमति मिलने पर इन एजेंसियों के कई केंद्र बढ़ा दिए गए, लेकिन उन पर धान की आवक नहीं हुई। उधर, मंडियों में आढ़तों पर मानक से अधिक नमी वाला धान 1235 से 1250 रुपये प्रति क्विंटल के भाव से खरीदा गया।
रोजा मंडी समिति परिसर में विभिन्न एजेंसियों के सात सेंटर खोले जा चुके हैं। इनमें से अधिकांश क्रय केंद्र दोपहर बाद तक ठप रहे क्योंकि ज्यादातर किसान अपना अधिक नमी वाला धान लेकर वहां की आढ़तों पर जा रहे हैं। गल्ला व्यापारी भी नमी के हिसाब धान का भाव तय कर रहे हैं। दोपहर बाद तक आरएफसी और पीसीएफ के क्रय केंद्र खाली पड़े रहे। समर्थन मूल्य पर धान की तोल कराने पहुंचे किसानों को नमी ज्यादा बताकर लौटा दिया गया तो उन्होंने आढ़तों पर धान देना चाहा, लेकिन नमी मापक से धान का परीक्षण करने के बाद गल्ला आढ़तियों ने धान को सुखाने के लिए अपने पास रख लिया और तोल के लिए किसानों को सोमवार को आने की सलाह दी।
शाम करीब चार बजे रोजा मंडी मेें खाद्य विभाग के क्रय केंद्र पर धान लेकर पहुंचे गांव पैगापुर निवासी धर्मेंद्र कुमार ने नमी की जांच कराई तो मानक के अनुरूप 15.6 प्रतिशत पाई गई। इस पर केंद्र प्रभारी ने धर्मेंद्र के धान की तोल करा दी और पीएफएमएस से धनराशि भेजने के लिए रजिस्टर पर उनका नाम-पता, बैंक खाता नंबर आदि दर्ज कर लिया। बता देें कि शासन ने अधिकतम नमी मानक 17 प्रतिशत नियत किया है, लेकिन अभी जो आवक हो रही है, उसमें नमी का स्तर 22 से 28 प्रतिशत तक बना हुआ है। शनिवार को कुछ आढ़तों पर 26 से 27 फीसदी वाला धान 1200 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदा गया।
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तिलहर मंडी में केंद्रों पर सन्नाटा, आढ़तेें गुलजार
तिलहर। मंडी समिति परिसर में लगे धान खरीद केंद्रों पर शनिवार को तीसरे दिन भी कोई खरीद नहीं हो सकी। किसानों की उपज का समर्थन मूल्य देने के लिए मंडी परिसर में आरएफसी और पीसीएफ के दो केंद्र खोले गए हैं, लेकिन दोनों केंद्रों पर खरीद नहीं हो सकी। कुछ किसान इन केंद्रों पर धान लेकर पहुंचे, लेकिन उसमें नमी मानक से ज्यादा पाई गई। आरएफ सी के केंद्र प्रभारी अजय कुमार ने बताया कि मानक के अनुरूप धान मिलने मेें अभीदो-तीन दिन का समय लग सकता है। मंडी सचिव जगदीश प्रसाद वर्मा के अनुसार शुक्रवार और शनिवार को मंडी की आढ़तों पर 5690 क्विंटल धान की आवक हुई है।
किसानों की बात
रोजा मंडी मेें कई सेेंटर इंचाजे़ से मिले, लेकिन धान देखने पर उन्होंने नमी ज्यादा बताकर खरीदने से मना कर दिया। आढ़त वाले भी नमी प्रतिशत के आधार पर भाव तय कर रहे हैं।
- मंजीत सिंह, चौंरा (रोजा)
रोजा मंडी में धान दिखाने लाए थे, लेकिन उसमें नमी ज्यादा है। अभी तोल कराना घाटे का सौदा साबित होगा, क्योंकि आढ़तों पर भी सही रेट नहीं लग रहा है। धान को सुखाने के बाद लाऊंगा।
- राजेश दिनकर, रनमस्तपुर बुजुर्ग (बंडा)
मैं अपना धान लेकर शनिवार को तिलहर मंडी के आरएफसी केंद्र पर गया, लेकिन केंद्र प्रभारी ने नमी ज्यादा बताकर धान खरीदने से मना कर दिया। यही हाल रहा तो धान कम रेट पर बेचना पड़ेगा।
-अवतार सिंह, दिया खेड़ा (तिलहर)
रोजा मंडी में एक किसान से खाद्य विभाग के क्रय केंद्र पर धान खरीद की गई है। कुछ अन्य केंद्रों पर किसान अपनी उपज सूखने के लिए केंद्र प्रभारियों को दे गए हैं। धान में नमी ज्यादा निकलने से सरकारी खरीद में बाधा पड़ रही है, लेकिन तीन-चार दिन धूप निकलने पर समर्थन मूल्य देने लायक धान मिलने लगेगा। जिन एजेंसियों को दोबारा खरीद का मौका दिया गया है, उनके सेंटर नए सिरे से तय किए जाएंगे।
- गिरिजेश कुमार चौधरी, एडीएम फाइनेंस/प्रभारी अधिकारी (धान खरीद)
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रोजा मंडी समिति परिसर में विभिन्न एजेंसियों के सात सेंटर खोले जा चुके हैं। इनमें से अधिकांश क्रय केंद्र दोपहर बाद तक ठप रहे क्योंकि ज्यादातर किसान अपना अधिक नमी वाला धान लेकर वहां की आढ़तों पर जा रहे हैं। गल्ला व्यापारी भी नमी के हिसाब धान का भाव तय कर रहे हैं। दोपहर बाद तक आरएफसी और पीसीएफ के क्रय केंद्र खाली पड़े रहे। समर्थन मूल्य पर धान की तोल कराने पहुंचे किसानों को नमी ज्यादा बताकर लौटा दिया गया तो उन्होंने आढ़तों पर धान देना चाहा, लेकिन नमी मापक से धान का परीक्षण करने के बाद गल्ला आढ़तियों ने धान को सुखाने के लिए अपने पास रख लिया और तोल के लिए किसानों को सोमवार को आने की सलाह दी।
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शाम करीब चार बजे रोजा मंडी मेें खाद्य विभाग के क्रय केंद्र पर धान लेकर पहुंचे गांव पैगापुर निवासी धर्मेंद्र कुमार ने नमी की जांच कराई तो मानक के अनुरूप 15.6 प्रतिशत पाई गई। इस पर केंद्र प्रभारी ने धर्मेंद्र के धान की तोल करा दी और पीएफएमएस से धनराशि भेजने के लिए रजिस्टर पर उनका नाम-पता, बैंक खाता नंबर आदि दर्ज कर लिया। बता देें कि शासन ने अधिकतम नमी मानक 17 प्रतिशत नियत किया है, लेकिन अभी जो आवक हो रही है, उसमें नमी का स्तर 22 से 28 प्रतिशत तक बना हुआ है। शनिवार को कुछ आढ़तों पर 26 से 27 फीसदी वाला धान 1200 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदा गया।
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तिलहर मंडी में केंद्रों पर सन्नाटा, आढ़तेें गुलजार
तिलहर। मंडी समिति परिसर में लगे धान खरीद केंद्रों पर शनिवार को तीसरे दिन भी कोई खरीद नहीं हो सकी। किसानों की उपज का समर्थन मूल्य देने के लिए मंडी परिसर में आरएफसी और पीसीएफ के दो केंद्र खोले गए हैं, लेकिन दोनों केंद्रों पर खरीद नहीं हो सकी। कुछ किसान इन केंद्रों पर धान लेकर पहुंचे, लेकिन उसमें नमी मानक से ज्यादा पाई गई। आरएफ सी के केंद्र प्रभारी अजय कुमार ने बताया कि मानक के अनुरूप धान मिलने मेें अभीदो-तीन दिन का समय लग सकता है। मंडी सचिव जगदीश प्रसाद वर्मा के अनुसार शुक्रवार और शनिवार को मंडी की आढ़तों पर 5690 क्विंटल धान की आवक हुई है।
किसानों की बात
रोजा मंडी मेें कई सेेंटर इंचाजे़ से मिले, लेकिन धान देखने पर उन्होंने नमी ज्यादा बताकर खरीदने से मना कर दिया। आढ़त वाले भी नमी प्रतिशत के आधार पर भाव तय कर रहे हैं।
- मंजीत सिंह, चौंरा (रोजा)
रोजा मंडी में धान दिखाने लाए थे, लेकिन उसमें नमी ज्यादा है। अभी तोल कराना घाटे का सौदा साबित होगा, क्योंकि आढ़तों पर भी सही रेट नहीं लग रहा है। धान को सुखाने के बाद लाऊंगा।
- राजेश दिनकर, रनमस्तपुर बुजुर्ग (बंडा)
मैं अपना धान लेकर शनिवार को तिलहर मंडी के आरएफसी केंद्र पर गया, लेकिन केंद्र प्रभारी ने नमी ज्यादा बताकर धान खरीदने से मना कर दिया। यही हाल रहा तो धान कम रेट पर बेचना पड़ेगा।
-अवतार सिंह, दिया खेड़ा (तिलहर)
रोजा मंडी में एक किसान से खाद्य विभाग के क्रय केंद्र पर धान खरीद की गई है। कुछ अन्य केंद्रों पर किसान अपनी उपज सूखने के लिए केंद्र प्रभारियों को दे गए हैं। धान में नमी ज्यादा निकलने से सरकारी खरीद में बाधा पड़ रही है, लेकिन तीन-चार दिन धूप निकलने पर समर्थन मूल्य देने लायक धान मिलने लगेगा। जिन एजेंसियों को दोबारा खरीद का मौका दिया गया है, उनके सेंटर नए सिरे से तय किए जाएंगे।
- गिरिजेश कुमार चौधरी, एडीएम फाइनेंस/प्रभारी अधिकारी (धान खरीद)