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बच्चे घबराएं नहीं, चाइल्ड लाइन सेवा 1098 पर कॉल लगाएं

Tue, 08 Mar 2022 02:14 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 08 Mar 2022 02:14 AM IST
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children call on child line service on 1098
शाहजहांपुर के आर्य कन्या पाठशाला इंटर कॉलेज में अपराजिता कार्यक्रम को संबोधित करते चाइल्ड लाइन - फोटो : SHAHJAHANPUR
शाहजहांपुर। बच्चे अगर किसी मुसीबत हों तो वे घबराएं नहीं। चाइल्ड लाइन सेवा का नंबर 1098 पर कॉल करें और अपनी समस्या बताएं। टीम के सदस्य मौके पर पहुंचेंगे और बच्चे की समस्या दूर करने की कोशिश करेंगे।
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अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से अभियान ‘अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स’ के तहत आर्य कन्या पाठशाला इंटर कॉलेज में कार्यक्रम हुआ, जिसमें चाइल्ड लाइन के जिला समन्वयक विनय शर्मा ने कहा कि सरकार की ओर से तमाम हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं, जिन पर कॉल करके अपनी समस्याओं का समाधान कराया जा सकता है। ऐसे ही एक चाइल्ड लाइन सेवा 1098 को शुरू किया है, जिस पर निशुल्क कॉल करके 0 से 18 साल तक के बच्चों के साथ होने वाले बाल अपराधों को रोक सकते हैं। बताया कि किसी बच्चे का शोषण हो रहा है, उसे प्रताड़ित किया जाता है। मारपीट कर घर से भगा देते हैं। कोई बच्चा ढाबे व दुकानों पर बालश्रम कर रहा है। किसी बच्चे को भिक्षावृत्ति करनी पड़ रही है। कहीं पर बाल विवाह हो रहा है। मानव तस्करी के दौरान बच्चों को ले जाया जाता है। यह सभी घटनाएं बाल अपराध में आती हैं। इनसे प्रताड़ित बच्चों को सहारे की जरूरत होती है।
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उन्होंने छात्राओं से कहा कि अगर आपके साथ या फिर किसी अन्य बच्चे के साथ इस तरह की घटनाएं होती है और लगता है कि वह मुसीबत में हैं, तो बेहिचक चाइल्ड लाइन सेवा 1098 को कॉल करें। बताया कि इस नंबर के डायल करने पर तुरंत ही आपकी बात सुनीं जाएगी। नाम, पता और समस्या को नोट कराने के 60 मिनट में चाइल्ड लाइन की टीम मौके पर पहुंचेगी। विनय शर्मा ने मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना की जानकारी देते हुए बताया कि कोविड काल में अपने माता-पिता को खोने वाले बच्चों की आर्थिक मदद के लिए प्रदेश सरकार ने यह योजना शुरू की है। इसके तहत जिले में अब तक 65 बच्चों को मदद दी जा चुकी है। बताया कि किसी बच्चे के माता-पिता की कोविड से मौत होने पर उसको चार हजार रुपये तथा सामान्य मौत पर 2500 रुपये देने का प्रावधान है।
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चाइल्ड लाइन की टीम मेंबर मृदुलता ने कहा कि यूपी 112 की तरह ही चाइल्ड लाइन सेवा का 1098 टोल फ्री नंबर है। जिस पर कॉल करके अपनी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। उन्होंने छात्राओं को अपने अंदाज में नंबर याद कराया। छात्राओं ने उनकी बात को दोहराया..10, 9, 8 बच्चों के ठाठ, दिन हो या रात 1098 पर करो बात। प्रधानाचार्या अनुपमा ने कहा कि ‘अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स’ के तहत छात्राओं को जागरूक करने का कार्य काफी सराहनीय है। अंत में उन्होंने आभार जताया। इस मौके पर स्कूल की उप प्रधानाचार्या प्रेमलता गुप्ता, शिक्षिका सरिता गुप्ता, वीना पांडेय, वंदना व प्रतिभा मौजूद रहीं।
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छात्राएं बोलीं अपराजिता के माध्यम से मिली अच्छी जानकारी
अपराजिता के माध्यम से छात्राओं को सशक्त बनाने का काम अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से किया जा रहा है। यह बहुत ही अच्छा काम है। हमारे विद्यालय में छात्राओं को चाइल्ड लाइन 1098 की जानकारी दी गई। - गीता सिंह
चाइल्ड लाइन 1098 के बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं थी। अपराजिता के माध्यम के इसकी जानकारी हुई है। सच में यह छात्राओं के लिए महत्वपूर्ण है। खासतौर से 0 से 18 साल तक की छात्राओं के लिए इसकी जानकारी होनी चाहिए। - आरुषि यादव
कोविड काल में कई बच्चों ने अपने माता-पिता को खो दिया था, उनके लिए सरकार की ओर से चलाई जा रही मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना की जानकारी भी दी गई। ऐसे बच्चों को आर्थिक मदद दिया जाना अच्छा कदम है। - मानसी सैनी
अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स के तहत चाइल्ड लाइन के जिला समन्वयक विनय शर्मा ने हमें 0 से 18 साल के बच्चों की सुरक्षा के लिए जारी 1098 नंबर के संबंध में बताया। हम दूसरे बच्चों को भी इसकी जानकारी देंगे। - गुलनाज
विद्यालय में पहले भी गोष्ठियों व कार्यशालाओं का आयोजन कर महिला व छात्राओं की सुरक्षा के लिए सरकार की आरे से चलाई जाने वाली योजनाओं की जानकारी दी जाती रही है। चाइल्ड लाइन 1098 के बारे में नहीं पता था। - अनमोल
बाल अपराधों को रोकने के लिए चाइल्ड लाइन की ओर से किया जा रहा काम सराहनीय है। मुझे या किसी अन्य बच्चे को कोई मुसीबत होती है, तो चाइल्ड लाइन के टोल फ्री नंबर 1098 पर कॉल करके शिकायत दर्ज कराऊंगी। - गीता
छात्राओं के साथ छेड़खानी की घटनाएं बढ़ती ही जा रही है। हालांकि इन पर नियंत्रण के लिए पुलिस भी सक्रिय हुई है। लेकिन छात्राओं को भी जागरूक होना होगा। यही अपराजिता के तहत आयोजित कार्यक्रम में हमें बताया गया है। - कशिश

बच्चों का शोषण और प्रताड़ित करना, उसने जबरदस्ती काम कराना, कम उम्र में ही बच्चों का विवाह करवा देना यह सभी बाल अपराध हैं। इसके संबंध में हमें बताया गया। इस पर रोक लगाने के लिए किए जा रहे प्रयास अच्छे हैं। - शिवांगी
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