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समय के साथ शिक्षण पद्धति में भी बदलाव जरूरी : वीके मिश्रा
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सीबीएसई के इंटरनेशल ट्रेनर को स्मृति चिह्न देते कैंब्रिज कॉन्वेंट स्कूल पुवायां के डॉयरेक्टर।
पुवायां। कैंब्रिज कॉन्वेंट स्कूल के सभागार में रविवार को एक दिवसीय कार्यशाला हुई। इसमें सीबीएसई के इंटरनेशनल ट्रेनर और बरेली के सिटी कोआर्डिनेटर, दिल्ली पब्लिक स्कूल बरेली के प्रिंसिपल वीके मिश्रा ने शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया।
प्रशिक्षण के पहले चरण में प्रशिक्षक ने कहा कि समय के परिवर्तन के साथ-साथ शिक्षण पद्धति में बदलाव समय की मांग है। शिक्षकों को बच्चों के लिए पहले से ही कुछ प्लॉनिंग करनी होगी। कोई भी गतिविधि बच्चों के बौद्धिक स्तर को ध्यान में रखते हुए करनी चाहिए। दूसरे चरण में कक्षा में योजना और लेशन प्लॉनिंग के बारे में जानकारी दी गई। स्कूल के डॉयरेक्टर डॉ. रचित अग्रवाल ने बताया कि प्रशिक्षण का उद्देश्य था बच्चों के बौद्धिक स्तर में सुधार करना तथा कक्षा के वातावरण को बच्चों के अनुकूल बनाना था, जिससे बच्चों की पढ़ाई सुचारू रूप से चल सके।
प्रशिक्षक ने कहा कि बच्चों को यह नहीं लगना चाहिए कि वे जेल में हैं और वक्त काटकर जल्दी घर जाना है। इससे पूर्व स्कूल प्रबंधक और शिक्षकों ने प्रशिक्षक का स्वागत किया और उनको स्मृति चिह्न भेंट किए। कार्यक्रम के अंत में स्कूल के प्रिंसिपल राहुल देव शर्मा ने प्रशिक्षण को बच्चों का भविष्य सुधारने और कक्षा का माहौल बच्चों के अनुकूल करने में मदद करने वाला बताते हुए आभार जताया।
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प्रशिक्षण के पहले चरण में प्रशिक्षक ने कहा कि समय के परिवर्तन के साथ-साथ शिक्षण पद्धति में बदलाव समय की मांग है। शिक्षकों को बच्चों के लिए पहले से ही कुछ प्लॉनिंग करनी होगी। कोई भी गतिविधि बच्चों के बौद्धिक स्तर को ध्यान में रखते हुए करनी चाहिए। दूसरे चरण में कक्षा में योजना और लेशन प्लॉनिंग के बारे में जानकारी दी गई। स्कूल के डॉयरेक्टर डॉ. रचित अग्रवाल ने बताया कि प्रशिक्षण का उद्देश्य था बच्चों के बौद्धिक स्तर में सुधार करना तथा कक्षा के वातावरण को बच्चों के अनुकूल बनाना था, जिससे बच्चों की पढ़ाई सुचारू रूप से चल सके।
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प्रशिक्षक ने कहा कि बच्चों को यह नहीं लगना चाहिए कि वे जेल में हैं और वक्त काटकर जल्दी घर जाना है। इससे पूर्व स्कूल प्रबंधक और शिक्षकों ने प्रशिक्षक का स्वागत किया और उनको स्मृति चिह्न भेंट किए। कार्यक्रम के अंत में स्कूल के प्रिंसिपल राहुल देव शर्मा ने प्रशिक्षण को बच्चों का भविष्य सुधारने और कक्षा का माहौल बच्चों के अनुकूल करने में मदद करने वाला बताते हुए आभार जताया।
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