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Shahjahanpur News: 11 हजार का नकद इनाम, कपड़े और शराब... कई लाट साहब बनने को तैयार
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शाहजहांपुर। होली पर शहर में निकाला जाने वाला लाट साहब का जुलूस प्रदेश ही नहीं, बल्कि देश भर में अपनी अनूठी परंपरा की वजह से मशहूर है। बड़े लाट साहब की सवारी चौक से निकलती है, जबकि छोटे लाट साहब आरसी मिशन से निकाले जाते हैं। जुलूसों को लेकर पुलिस और प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है। लाट साहब बनने के लिए आयोजन कमेटी के संपर्क में करीब आधा दर्जन लोग हैं। कमेटी के उपाध्यक्ष संजय वर्मा के अनुसार, लाट साहब को 11 हजार का नकद पुरस्कार, नए कपड़े और शराब उपहार में दी जाती है।
चौक से बड़े लाट साहब की सवारी भव्य तरीके से निकाली जाती है। भैंसागाड़ी पर लाट साहब को हेलमेट पहनाकर बैठाया जाता है। उनकी जूने-चप्पलों और झाड़ू से पिटाई की जाती है। लाट साहब को लेकर पुलिस ने तैयारियों को अंजाम देना शुरू कर दिया है। एसपी एस. आनंद फोर्स के साथ जुलूस का रूट तय कर चुके हैं। गड़बड़ी की आशंका वाले लोगों को रेड कार्ड जारी किए जा रहे हैं। प्रशासन के अधिकारी भी जुलूस के रास्तों की बाधाओं को दूर करने में जुटे है।
इस तैैयारी के बीच में बड़े लाट साहब के जुलूस की आयोजन कमेटी भी सक्रिय हो गई। उसे इस बार लाट साहब की तलाश के लिए भटकना नहीं पड़ रहा है। खुद ही आधा दर्जन लोगों ने लाट साहब बनने की पेशकश कर कमेटी का काम आसान कर दिया है। पिछले वर्ष रामपुर के युवक को लाट साहब बनने का मौका मिला था। इस बार भी उसने फोन करके सहमति दे दी है। आयोजन कमेटी के उपाध्यक्ष संजय वर्मा बताते हैं कि लाट साहब के लिए स्थानीय के अलावा रामपुर और मुरादाबाद के लोगों ने भी संपर्क साधा है। एक को लाट साहब बनाया जाता है, जबकि दो को रिजर्व में रखा जाता है।
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आरएएफ की निगरानी में निकाला जाए लाट साहब का जुलूस
पिछले कुछ वर्षों में लाट साहब की भैंसागाड़ी पर सिपाहियों को तैनात कर जल्दी से जुलूस को संपन्न करा दिया जाता रहा है। इस बार चौक की कमेटी के लोगों ने आपत्ति जताई है। कमेटी के उपाध्यक्ष संजय वर्मा ने बताया कि आरएएफ को बड़े लाट साहब के लिए मांगकर आरसी मिशन में तैनात कर दिया जाता है। इस बार आरएएफ की निगरानी में ही जुलूस निकाला जाए। यह मांग उन्होंने एसपी और अन्य अधिकारियों से की है।
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चौक से बड़े लाट साहब की सवारी भव्य तरीके से निकाली जाती है। भैंसागाड़ी पर लाट साहब को हेलमेट पहनाकर बैठाया जाता है। उनकी जूने-चप्पलों और झाड़ू से पिटाई की जाती है। लाट साहब को लेकर पुलिस ने तैयारियों को अंजाम देना शुरू कर दिया है। एसपी एस. आनंद फोर्स के साथ जुलूस का रूट तय कर चुके हैं। गड़बड़ी की आशंका वाले लोगों को रेड कार्ड जारी किए जा रहे हैं। प्रशासन के अधिकारी भी जुलूस के रास्तों की बाधाओं को दूर करने में जुटे है।
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इस तैैयारी के बीच में बड़े लाट साहब के जुलूस की आयोजन कमेटी भी सक्रिय हो गई। उसे इस बार लाट साहब की तलाश के लिए भटकना नहीं पड़ रहा है। खुद ही आधा दर्जन लोगों ने लाट साहब बनने की पेशकश कर कमेटी का काम आसान कर दिया है। पिछले वर्ष रामपुर के युवक को लाट साहब बनने का मौका मिला था। इस बार भी उसने फोन करके सहमति दे दी है। आयोजन कमेटी के उपाध्यक्ष संजय वर्मा बताते हैं कि लाट साहब के लिए स्थानीय के अलावा रामपुर और मुरादाबाद के लोगों ने भी संपर्क साधा है। एक को लाट साहब बनाया जाता है, जबकि दो को रिजर्व में रखा जाता है।
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आरएएफ की निगरानी में निकाला जाए लाट साहब का जुलूस
पिछले कुछ वर्षों में लाट साहब की भैंसागाड़ी पर सिपाहियों को तैनात कर जल्दी से जुलूस को संपन्न करा दिया जाता रहा है। इस बार चौक की कमेटी के लोगों ने आपत्ति जताई है। कमेटी के उपाध्यक्ष संजय वर्मा ने बताया कि आरएएफ को बड़े लाट साहब के लिए मांगकर आरसी मिशन में तैनात कर दिया जाता है। इस बार आरएएफ की निगरानी में ही जुलूस निकाला जाए। यह मांग उन्होंने एसपी और अन्य अधिकारियों से की है।