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Shahjahanpur News: मथुरा कंस्ट्रक्शन के प्रोपराइटर पर रिपोर्ट दर्ज
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शाहजहांपुर। नगर निगम के कार्यों की निविदा में कूटरचित चरित्र प्रमाणपत्र लगाकर प्रतिभाग करने और अनुचित लाभ हासिल करने के आरोप में सदर बाजार पुलिस ने मथुरा कंस्ट्रक्शन के प्रोपराइटर प्रदीप कुमार गुप्ता के खिलाफ धोखाधड़ी समेत संबंधित धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है। पुलिस ने मामले की विवेचना शुरू कर दी है।
नगर निगम के मुख्य अभियंता आशीष त्रिवेदी की ओर से दर्ज कराई गई रिपोर्ट के मुताबिक वित्तीय वर्ष 2025-26 में सीसी सड़क और नाली निर्माण के लिए 19 मार्च से नौ अप्रैल 2025 तक ऑनलाइन निविदाएं आमंत्रित की गईं थीं। इनमें तीन फर्मों ने प्रतिभाग किया था। मथुरा कंस्ट्रक्शन ने भी हैसियत प्रमाणपत्र, जीएसटी, लेबर, ईपीएफ और जिलाधिकारी कार्यालय से जारी बताया गया 23 दिसंबर 2023 का चरित्र प्रमाणपत्र लगाकर निविदा प्रस्तुत की थी।
शिकायत के अनुसार बाद में डीएम कार्यालय से कराई गई जांच में चरित्र प्रमाणपत्र कार्यालय से जारी होना नहीं पाया गया। इसी तरह अन्य कार्यों की निविदाओं में लगाए गए 16 जनवरी 2026 के चरित्र प्रमाणपत्रों के संबंध में भी जिलाधिकारी कार्यालय से जारी न होने की बात सामने आई।
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नगर निगम के मुताबिक मथुरा कंस्ट्रक्शन की निविदाएं न्यूनतम दर होने के कारण नियमानुसार स्वीकृत हुईं और विभिन्न कार्य आवंटित किए गए। काम पूरा होने के बाद बिल-बाउचर प्रस्तुत किए गए और भुगतान भी किया गया। सीओ सिटी देवव्रत वाजपेयी ने बताया कि मामले में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। इंस्पेक्टर अपराध विनोद कुमार को जांच दी गई है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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नगर निगम के मुख्य अभियंता आशीष त्रिवेदी की ओर से दर्ज कराई गई रिपोर्ट के मुताबिक वित्तीय वर्ष 2025-26 में सीसी सड़क और नाली निर्माण के लिए 19 मार्च से नौ अप्रैल 2025 तक ऑनलाइन निविदाएं आमंत्रित की गईं थीं। इनमें तीन फर्मों ने प्रतिभाग किया था। मथुरा कंस्ट्रक्शन ने भी हैसियत प्रमाणपत्र, जीएसटी, लेबर, ईपीएफ और जिलाधिकारी कार्यालय से जारी बताया गया 23 दिसंबर 2023 का चरित्र प्रमाणपत्र लगाकर निविदा प्रस्तुत की थी।
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शिकायत के अनुसार बाद में डीएम कार्यालय से कराई गई जांच में चरित्र प्रमाणपत्र कार्यालय से जारी होना नहीं पाया गया। इसी तरह अन्य कार्यों की निविदाओं में लगाए गए 16 जनवरी 2026 के चरित्र प्रमाणपत्रों के संबंध में भी जिलाधिकारी कार्यालय से जारी न होने की बात सामने आई।
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नगर निगम के मुताबिक मथुरा कंस्ट्रक्शन की निविदाएं न्यूनतम दर होने के कारण नियमानुसार स्वीकृत हुईं और विभिन्न कार्य आवंटित किए गए। काम पूरा होने के बाद बिल-बाउचर प्रस्तुत किए गए और भुगतान भी किया गया। सीओ सिटी देवव्रत वाजपेयी ने बताया कि मामले में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। इंस्पेक्टर अपराध विनोद कुमार को जांच दी गई है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।