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मुड़िया आस में अफसरों ने की गन्ना सर्वे की जांच
ब्यूरो/शाहजहांपुर
Updated Wed, 18 May 2016 11:51 PM IST
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sugar cane
- फोटो : amar ujala
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गन्ना विभाग के अधिकारियों की टीम ने जिला गन्ना अधिकारी के नेतृत्व में बुधवार को रोजा शुगर वर्क्स के पेराई क्षेत्र में शामिल गांव मुड़िया आस का दौरा करके प्लाट वार गन्ना सर्वे का निरीक्षण किया। स्थलीय निरीक्षण में गन्ना सर्वे को लेकर कोई गड़बड़ी नहीं पाई गई। बाद में डीसीओ ने कांट समेत पड़ोस के गांव कुर्रिया ढोढो में खेतों पर जाकर गन्ना की बढ़वार ले रही फसल का निरीक्षण किया।
जिला गन्ना अधिकारी बृजेश कुमार पटेल के अनुसार टेलीफोन पर कई दिन से शिकायत मिल रही थी कि रोजा शुगर वर्क्स से संबंधित मुड़िया आस गांव में किए गए गन्ना सर्वे में मनमानी की गई है। मौके पर जाकर देखने से पता चला कि शिकायत निराधार है। उन्होंने बताया कि मुड़िया आस में गन्ना के कुल 14 प्लाट हैं जिनमें पांच प्लाट पेड़ी गन्ना के और शेष नौ प्लाट गन्ना पौध के सर्वे में दर्ज हैं। नाप कराने पर सभी प्लाट सही पाए गए।
बाद में अधिकारियों ने कांट निवासी खालिद के खेत पर जाकर वहां पेड़ी गन्ना पर रोजा चीनी मिल की ओर से कराए जा रहे एनपीके और इमिडाक्लोर के छिड़काव का निरीक्षण किया। इस मौके पर रोजा शुगर वर्क्स के उपाध्यक्ष टीएस यादव ने बताया कि फसल सुरक्षा के लिए मिल की ओर से अनुदान पर स्प्रे कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि स्प्रे पर प्रति एकड़ 500 रुपये लागत आती है, लेकिन किसानों से केवल 370 रुपये लिए जा रहे हैं।
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इसी कड़ी में डीसीओ पटेल ने कुर्रिया ढोढो में उन्नतशील किसान कौशल मिश्रा के फार्म पर जाकर ट्रेंच विधि से पांच फुट के अंतराल पर बोई गई गन्ना फसल के साथ मूंग की सह फसली खेती का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने वहां लगाए गए ड्रिप इरीगेशन सिस्टम की सराहना की। खोत स्वामी ने बताया कि ड्रिप सिस्टम से दो घंटे में आठ एकड़ गन्ना की सिंचाई हो जाती है। पानी के साथ उर्वरक दिए जाने से सिंचाई और खाद लागत में बचत हो रही है। निरीक्षण मेें ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक डॉ. सुनील कुमार, रोजा शुगर वक्स्र के गन्ना प्रबंधक सुरेंद्र सिंह मान, ब्लॉक इंचार्ज मुनेश्वर सिंह आदि शामिल रहे।
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जिला गन्ना अधिकारी बृजेश कुमार पटेल के अनुसार टेलीफोन पर कई दिन से शिकायत मिल रही थी कि रोजा शुगर वर्क्स से संबंधित मुड़िया आस गांव में किए गए गन्ना सर्वे में मनमानी की गई है। मौके पर जाकर देखने से पता चला कि शिकायत निराधार है। उन्होंने बताया कि मुड़िया आस में गन्ना के कुल 14 प्लाट हैं जिनमें पांच प्लाट पेड़ी गन्ना के और शेष नौ प्लाट गन्ना पौध के सर्वे में दर्ज हैं। नाप कराने पर सभी प्लाट सही पाए गए।
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बाद में अधिकारियों ने कांट निवासी खालिद के खेत पर जाकर वहां पेड़ी गन्ना पर रोजा चीनी मिल की ओर से कराए जा रहे एनपीके और इमिडाक्लोर के छिड़काव का निरीक्षण किया। इस मौके पर रोजा शुगर वर्क्स के उपाध्यक्ष टीएस यादव ने बताया कि फसल सुरक्षा के लिए मिल की ओर से अनुदान पर स्प्रे कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि स्प्रे पर प्रति एकड़ 500 रुपये लागत आती है, लेकिन किसानों से केवल 370 रुपये लिए जा रहे हैं।
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इसी कड़ी में डीसीओ पटेल ने कुर्रिया ढोढो में उन्नतशील किसान कौशल मिश्रा के फार्म पर जाकर ट्रेंच विधि से पांच फुट के अंतराल पर बोई गई गन्ना फसल के साथ मूंग की सह फसली खेती का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने वहां लगाए गए ड्रिप इरीगेशन सिस्टम की सराहना की। खोत स्वामी ने बताया कि ड्रिप सिस्टम से दो घंटे में आठ एकड़ गन्ना की सिंचाई हो जाती है। पानी के साथ उर्वरक दिए जाने से सिंचाई और खाद लागत में बचत हो रही है। निरीक्षण मेें ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक डॉ. सुनील कुमार, रोजा शुगर वक्स्र के गन्ना प्रबंधक सुरेंद्र सिंह मान, ब्लॉक इंचार्ज मुनेश्वर सिंह आदि शामिल रहे।