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किसानों के 3.30 अरब रुपये दबाए बैठीं चीनी मिलें

Sat, 20 Mar 2021 12:19 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 20 Mar 2021 12:19 AM IST
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cane farmers problems
शाहजहांपुर। गन्ना पेराई सत्र 2020-21 अब समापन की ओर है। बजाज ग्रुप की मकसूदापुर मिल गन्ना पेराई बंद कर चुकी है। इसके बावजूद जनपद की पांचों चीनी मिलें किसानों का 3.30 अरब रुपये गन्ना मूल्य अभी तक दबाए बैठी हैं। जनपद की मिलों ने वर्तमान पेराई सत्र में अभी तक आठ अरब रुपये से अधिक का गन्ना खरीदा है, लेकिन किसानों को भुगतान केवल 4.63 अरब रुपये किया है।
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गत वर्ष 20 मार्च के बाद लॉकडाउन लागू होने पर चीनी मिलों को गन्ना आपूर्ति मेें बाधा पड़ने लगी थी। हालांकि, बाद में शासन के आदेशानुसार प्रशासन ने किसानों की गन्ना से भरी ट्रॉलियों को खेतों से मिल गेट तक लाने की छूट दी थी। क्रय केंद्रों से गन्ना की ढुलाई करने वाले ट्रकों को भी आवाजाही की अनुमति दी गई। इसके बावजूद गन्ना ढोने वाले ट्रैक्टर-ट्रॉलियों पर पुलिस की रोकटोक होने के कारण मिलों को गन्ना मिलना कम हो गया। इस वजह से पेराई सत्र 2019-20 मेें कई चीनी मिलों ने गत वर्ष मई तक पेराई जारी रखी। इस बार होली से पहले औसत तापमान बढ़ने पर गन्ना को सूखने से बचाने के लिए किसानों ने अभी से कटाई शुरू कर दी।
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नतीजा यह हुआ कि जनपद के कई क्षेत्रों में अभी से गन्ना खत्म होने लगा और मिलें अब तक 277.93 लाख क्विंटल गन्ना खरीद चुकी हैं। इसके अलावा जिले में सक्रिय लगभग 500 कोल्हू और लघु खांडसारी इकाइयां भी गन्ना पेरकर गुड़, राब आदि बना रही हैं। ऐसी स्थिति में पर्याप्त गन्ना नहीं मिलने पर मिलों को नो केन की स्थिति मेें बार-बार पेराई रोकनी पड़ रही है। इसके बावजूद कई मिलों मेें प्रबंधन से जुड़े अधिकारी बकाया गन्ना मूल्य के भुगतान को लेकर लापरवाह बने हैं। केवल निगोही मिल प्रबंधन ने गत 24 फरवरी तक खरीदे गए गन्ना मूल्य का 94 प्रतिशत भुगतान किया है।
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भुगतान मेें मकसूदापुर मिल फिर फिसड्डी साबित
भुगतान की दृष्टि से निगोही मिल सबसे आगे चल रही है लेकिन मकसूदापुर मिल गत वर्ष 14 नवंबर तक खरीदे गए गन्ना का महज 3.12 प्रतिशत भुगतान कर सकी है जबकि इस मिल ने चालू पेराई सीजन में किसानों से 66 लाख क्विंटल गन्ना खरीद कर 7.40 लाख क्विंटल चीनी बना ली है। इस मिल पर किसानों की सबसे ज्यादा 1.87 अरब रुपये की देनदारी बनी हुई है। इसी तरह रोजा मिल ने गत 28 जनवरी तक खरीदे गए गन्ना का 72 प्रतिशत, तिलहर सहकारी चीनी मिल ने 11 जनवरी तक खरीदे गए गन्ना का 49.66 प्रतिशत और सहकारी क्षेत्र की पुवायां मिल ने गत वर्ष 20 दिसंबर तक गन्ना देने वाले किसानों को 29.71 प्रतिशत भुगतान किया है।

मिल वार गन्ना खरीद (लाख क्विंटल), देयता, भुगतान और बकाया (लाख रुपये)
चीनी मिल गन्ना खरीद गन्ना मूल्य भुगतान अवशेष भुगतान प्रतिशत
निगोही मिल 104.38 30067.70 28521.85 1545.85 94.86
मकसूदापुर मिल 66.01 19385.29 605.70 18779.69 3.12
रोजा मिल 61.09 17345.96 12499.11 4846.85 72.06
तिलहर मिल 25.30 7180.66 3566.27 3614.39 49.66
पुवायां मिल 21.15 6030.80 1792.89 4240.92 29.71
बीते पेराई सत्र मेें शासन के आदेश पर कई मिलों के चीनी गोदाम सीज करके प्रशासन ने अपनी निगरानी में चीनी की बिक्री से प्राप्त 85 प्रतिशत धनराशि से किसानों को भुगतान कराया था। मकसूदापुर मिल प्रबंधन ने बजाज समूह की अन्य मिलों के वित्तीय सहयोग से किसानों को भुगतान किया, लेकिन इस मिल पर अभी किसानों का पिछले सत्र का काफी बकाया है। भुगतान की स्थिति से शासन और गन्ना आयुक्त को लगातार अवगत कराया जा रहा है। इस बारे मेें जो भी दिशा निर्देश मिलेंगे, उसके अनुरूप कार्रवाई कर किसानों को बकाया भुगतान कराया जाएगा। - डॉ. खुशीराम भार्गव, जिला गन्ना अधिकारी
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