अमर उजाला गांव महोत्सव: कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना बोले- महिला प्रधानों को स्वतंत्र रूप से काम करने की जरूरत
शनिवार को अमर उजाला गांव महोत्सव के दूसरे दिन की शुरुआत वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने दीप जलाकर की। उन्होंने सामाजिक कार्यों में अग्रणी भूमिका निभा रहीं महिलाओं को सम्मानित किया।
विस्तार
शाहजहांपुर में अमर उजाला गांव महोत्सव के दूसरे दिन मुख्य अतिथि वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि गांवों के समग्र विकास के लिए महिला प्रधानों को स्वतंत्रतापूर्वक कार्य करने की आवश्यकता है। प्रधान बनने के बाद उन्हें दूसरों की छाया में रहकर कार्य करने की बजाय अपने निर्णय स्वयं लेने सीखने होंगे।
शनिवार को अमर उजाला गांव महोत्सव के दूसरे दिन की शुरुआत वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने दीप जलाकर की। उन्होंने सामाजिक कार्यों में अग्रणी भूमिका निभा रहीं महिलाओं को सम्मानित किया। इसके बाद महिला संगठनों को उनकी समाज सेवा के लिए सम्मान समर्पित किया।
कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना ने दीप जलाकर की कार्यक्रम की शुरुआत
महिला प्रधानों को सम्मानित करने के बाद वित्त मंत्री ने कहा कि महिलाओं के प्रति समाज को अपने नजरिये में बदलाव करने की आवश्यकता है। बचपन से ही घर में महिलाओं के मन में दूसरे पर आश्रित रहने की सोच भरी जाती है। आज भी महिलाएं भले ही कितने ऊंचे ओहदे पर पहुंच जाएं, परिवार के अंदर उनका महत्व उस अनुपात में नहीं बढ़ पाता। नारी सश्क्तीकरण के लिए यह आवश्यक है कि महिलाओं को परिवार और समाज में दोयम दर्जा न मिले, बल्कि बराबरी की अहमियत मिले।
उत्कृष्ट कार्य करने वालीं महिलाओं को वित्त मंत्री ने सम्मानित किया
'शिक्षित हों महिलाएं'
उन्होंने कहा कि इसके लिए सबसे आवश्यक है कि महिलाएं शिक्षित हों। शिक्षा के जरिये ही महिलाएं आत्मनिर्भर बन सकती हैं और समाज की गैरबराबरी की सोच को खत्म कर सकती हैं। हर हालात में नारियों को रोजगार उन्मुख शिक्षा देने की आवश्यकता है।
लिविंग ट्री एजुकेशन सोसायटी के सदस्यों को वित्त मंत्री ने सम्मानित किया
उन्होंने कहा कि कई बार महिला प्रधान उनसे कहती हैं कि हम प्रधान तो बन गए लेकिन करने के लिए कुछ नहीं हैं। सुरेश खन्ना ने कहा कि महिला प्रधान कहती हैं कि हम अगर कुछ करना भी चाहें तो उनके ऐसे रिश्तेदार काम नहीं करने देते जो राजनीति में सक्रिय हैं। असलियत में ऐसे ही लोग पीछे से प्रधानी चलाते हैं। आज 30 प्रतिशत सीटें नगर निकाय और पंचायत में महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। महिला प्रधानों को आगे आकर काम करने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों का उद्देश्य यही है कि महिलाओं का सशक्तिकरण हो। चुनी हुई महिला जनप्रतिनिधि को अपने निर्णय लेने का अधिकार होना चाहिए। इसमें उनके परिजन भी सहयोग करें। महिलाएं सीखेंगी और आगे बढ़ेंगी।
उन्होंने कहा कि आज भी 72 प्रतिशत लोग ग्रामीण क्षेत्र में रहते हैं। गांवों के विकास के लिए केंद्र और प्रदेश सरकार निरंतर कार्य कर रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को जब तक हम स्वावलंबी नहीं बनाएंगे तब तक देश का संपूर्ण विकास संभव नहीं है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सरकार ने ढाई करोड़ आवासों में महिलाओं को सहभागी बनाया है।
गांव महोत्सव में यूनिटी संस्था के सदस्यों को सम्मानित किया गया
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के बेसिक इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए सरकार काम कर रही है। सरकार ने 110 नगर निकाय की बढ़ोतरी की है। इससे ग्रामीण क्षेत्र के विकास को रफ्तार मिलेगी। इस दौरान पूर्व दर्जा राज्य मंत्री सुरेंद्रनाथ वाल्मीकि, जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष डीपीएस राठौर, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष अजय प्रताप सिंह यादव, सीओ सिटी बीएस वीरकुमार आदि मौजूद रहे।
गीता देवी, लज्जावती, गायत्री देवी, सुमनलता, पूनम गुप्ता, माधुरी देवी, रानू पांडेय, साधना सक्सेना, लक्ष्मी देवी, मृदुला द्विवेदी, कल्पना देवी, हिमांगी सिंह, कुमारी खुशबू, रेखा देवी, कल्पना गुप्ता, माया देवी, बबली देवी, गीता देवी, अनीता देवी, उर्मिला देवी, सुखरानी देवी, रामदेवी, रिंकी देवी, राजबेटी, अनुपम देवी, सुशीला देवी, मुन्नी देवी, शबनम, अनामिका गुप्ता आदि।
गांव महोत्सव में लायंस क्लब शक्ति की सदस्यों को सम्मानित किया गया
सामाजिक कार्यों के लिए इन्हें दिया गया सम्मान
विमला बहन, संगीता मोहन, दपिंदर कौर, निकहत परवीन, काजल यादव, वीनस जैन, तराना जमाल, शमा जैदी, आसमा बेगम, गुलिस्ता खान, डॉ. आंचल कौशल आदि।
नर्सिंग के क्षेत्र में सेवा के लिए इन्हें मिला सम्मान
निर्मला, निधि, अलवीना, रेनू