UP News: अधिसूचना जारी होने के साथ ही शाहजहांपुर में सक्रिय हो जाएगा विकास प्राधिकरण, जानें क्या होंगे बदलाव
कैबिनेट की मंजूरी मिलने के साथ ही शाहजहांपुर प्रदेश का 29वां प्राधिकरण बन गया है। सुनियोजित विकास के साथ अब हमारा शहर सी से ए श्रेणी का बन जाएगा। अवैध निर्माण पर लगाम लगेगी। बगैर सत्यापन और अनुमति के बनने वाली कॉलोनियों पर नकेल कसी जाएगी।
विस्तार
शासन की ओर से अधिसूचना जारी होने के साथ ही शाहजहांपुर में विकास प्राधिकरण सक्रिय हो जाएगा। वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने शाहजहांपुर को विकास प्राधिकरण बनाए जाने का एलान किया था। महायोजना 2031 के तहत शहर के 49 गांवों को विकास प्राधिकरण में शामिल किया गया है। प्राधिकरण का दायरा 132 वर्ग किमी हो जाएगा।
इसके बाद ए ग्रेड की श्रेणी में शहर को लाने की कवायद शुरू होगी। प्राधिकरण की ओर से आवासीय कॉलोनियों का निर्माण कराया जाएगा। सरकार की ओर से आने वाले बजट का प्रयोग पूर्ण रूप से शहर के विकास के लिए किया जाएगा। अन्य मदों में इसके बजट का इस्तेमाल नहीं होगा।
अवैध कॉलोनियों पर हो सकती है कार्रवाई
अधिकारियों के मुताबिक, डूब क्षेत्र में भवन बनाना अवैध है। इसके बाद भी खन्नौत और गर्रा नदी के किनारे लोगों ने सैंकड़ों की संख्या में आवास बना लिए हैं। लोधीपुर क्षेत्र में काफी हिस्से में ऐसा नजारा देखा जा सकता है। इसको लेकर विनियमित क्षेत्र से कोई नक्शा पास नहीं कराया गया है। यहां निर्माण पूरी तरह से अवैध है। इसी तरह से बहादुरपुरा, बिजलीपुरा, पक्का पुल के पास, सरायकाइयां, अजीजगंज आदि क्षेत्रों में काफी संख्या में डूब क्षेत्र में आवास बने हुए हैं। इन पर कार्रवाई हो सकती है।
बगैर अनुमति निर्माण कराए जाने पर कराया जाएगा ध्वस्त
शहर में विनियमित क्षेत्र की अनदेखी से बाढ़ग्रस्त क्षेत्र में भी मकानें और दुकानें बनकर तैयार हो गई हैं। नदी के मुहाने तक मकान बने हुए हैं। वहीं, कृषि भूमि का यूज बदलवाए बगैर लोगों ने प्लॉटिंग कर दी है। जिम्मेदारों के कार्रवाई न करने से लगातार अवैध कॉलोनियां विकसित हो रही हैं। प्राधिकरण की स्थापना होने से ऐसे निर्माण पर लगाम लगेगी। बगैर अनुमति निर्माण कराने पर ध्वस्त कराया जाएगा। इसको लेकर लोगों को जागरूक भी
किया जाएगा।
बगैर नक्शा पास कराए दूसरी मंजिल पर भी नहीं होगा निर्माण
विकास प्राधिकरण के गठन से पूर्व बने निर्माण पर यथास्थिति रहने की संभावना है। विकास प्राधिकरण बनने के बाद अगर किसी को दूसरी मंजिल पर भी निर्माण कराना है तो इसके लिए नक्शा पास कराना होगा। कृषि भूमि पर निर्माण नहीं कराया जा सकेगा। इसके लिए पहले प्राधिकरण से नक्शा पास कराने की प्रक्रिया करनी होगी। कृषि भूमि को आवासीय भूमि में तब्दील कराना होगा। शहर के कई क्षेत्रों में कृषि भूमि पर कॉलोनियां बनी हुईं हैं। इनके विषय में प्राधिकरण ही निर्णय करेगा।
नौ मीटर की सड़क, पार्क के लिए छोड़नी होगी जगह, वरना शिकंजा
विशेषज्ञों के मुताबिक विकास प्राधिकरण में नई कॉलोनियां मानक के अनुसार बनेंगी। कॉलोनी में कम से कम नौ मीटर की सड़क होगी। मास्टर प्लान के हिसाब से जमीन का इस्तेमाल किया जाएगा। इसमें 20 प्रतिशत जगह में पार्क (हरियाली के लिए), 20 प्रतिशत में पार्किंग, गेट पर सुंदरीकरण के साथ अन्य सुविधाएं देनी हाेंगी। इन सुविधाओं में करीब 45 प्रतिशत भूमि का इस्तेमाल किया जाएगा, जबकि 55 प्रतिशत जमीन पर ही आवासों का सुनियोजित तरीके से निर्माण कराया जाएगा।
- शहरी नियोजन और विकास की योजनाएं बनेंगी।
- बुनियादी ढांचे का विकास और रखरखाव होगा। इसमें सड़कें, बिजली, पानी, सीवेज और सार्वजनिक परिवहन आदि शामिल हैं।
- भवन निर्माण व जमीन उपयोग के लिए नियमों और कानूनों को लागू किया जाएगा।
- शहरी क्षेत्रों में सामाजिक और आर्थिक विकास को बढ़ावा दिया जाएगा।
डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि विकास प्राधिकरण की मंजूरी मिल गई है। अधिसूचना जारी होने के साथ ही विकास प्राधिकरण अस्तित्व में आ जाएगा। शासन की ओर से उपाध्यक्ष की नियुक्ति की जाएगी। प्राधिकरण होने से शहर का सुनियोजित रूप से विकास हो सकेगा।
ले-आउट की मंजूरी के बाद शुरू कराना होगा कार्य
औद्योगिक और व्यावसायिक भवनों का निर्माण बगैर ले-आउट की मंजूरी के नहीं कराया जा सकेगा। ले-आउट के मुताबिक कार्य नहीं होगा तो प्राधिकरण के अधिकारी हस्तक्षेप कर कार्रवाई करेंगे। व्यावसायिक भवन के लिए भी मानक पूरे करने होंगे। कुल स्थान के 40 प्रतिशत क्षेत्र में ही भवन बनाया जा सकेगा। पार्किंग के लिए जगह छोड़नी होगी। निश्चित संख्या में ही फ्लोर बनाए जा सकेंगे।
अध्यक्ष और उपाध्यक्ष की होगी नियुक्ति
विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष कमिश्नर होते हैं। उपाध्यक्ष के लिए आईएएस अधिकारी, सचिव के लिए पीसीएस अधिकारी की नियुक्ति की जाएगी। फाइनेंस कंट्रोलर को भी तैनात किया जाएगा। शहर को सेक्टर में बांटा जाएगा। इसमें प्रत्येक सेक्टर में एक्सईएन और जेई की तैनाती होगी। इसका बायलॉज तैयार होगा। प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक फिलहाल अस्थायी तौर पर प्राधिकरण के लिए कार्यालय तैयार किया जाएगा।