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Shahjahanpur News: शिवजी को प्रसन्न कर देवराज इंद्र ने दैत्यों का किया संहार
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खिरनीबाग स्थित जीआईसी क्रीड़ा मैदान में कथा सुनाते संत प्रशांत प्रभु जी महाराज। स्रोत : आयोजक
शाहजहांपुर। खिरनीबाग में राजकीय इंटर कॉलेज के खेल मैदान पर श्री शिव महापुराण कथा सोमवार से आरंभ हो गई। वाराणसी से आए संत प्रशांत प्रभु जी महाराज ने कथा के पहले दिन असुरों के अत्याचार का वर्णन कर उन पर देवराज इंद्र की विजय का प्रसंग सुनाया।
उन्हाेंने बताया कि एक बार इंद्रदेव और असुरों में भयंकर युद्ध हुआ। इंद्र ने असुरों की विशाल सेना का संहार किया तो असुरों का राजा दैत्यासुर कुपित हो उठा। उसने माया का रूप धारण कर छल-कपट से इंद्र की सेना को परास्त कर दिया।
इंद्र देवगुरु बृहस्पति की शरण में पहुंचे। उन्होंने बताया कि शिवभक्त होने के कारण दैत्यासुर को भगवान शिव से अनेक दिव्यास्त्र मिले हैं। उसे परास्त करने के लिए देवराज को प्रदोष काल में एक वर्ष तक श्रद्धा व भक्ति से भगवान शिव की आराधना करने का परामर्श दिया।
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देवराज ने प्रदोष व्रत और तपस्या कर शिवजी को प्रसन्न किया। तत्पश्चात, शिवजी से मिले दिव्यास्त्रों से दैत्यासुर सहित सभी असुरों का संहार कर दिया। प्रारंभ में आयोजक हरिशरण वाजपेयी ने पत्नी सीमा के साथ व्यास पीठ का पूजन किया।
बनारस से आए आचार्य विवेकानंद शास्त्री और आचार्य कार्तिकेय द्विवेदी ने पूजन कराया। कथा पंडाल में श्रद्धालुओं ने शिव भजनों पर नृत्य किया। अंत में ब्लॉक प्रमुख मुनेश्वर सिंह व श्रीदत्त शुक्ला, पूर्व एमएलसी संजय मिश्रा, नीरज वाजपेयी, रामकृष्ण शुक्ला, गौरव त्रिपाठी आदि ने आरती की।
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उन्हाेंने बताया कि एक बार इंद्रदेव और असुरों में भयंकर युद्ध हुआ। इंद्र ने असुरों की विशाल सेना का संहार किया तो असुरों का राजा दैत्यासुर कुपित हो उठा। उसने माया का रूप धारण कर छल-कपट से इंद्र की सेना को परास्त कर दिया।
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इंद्र देवगुरु बृहस्पति की शरण में पहुंचे। उन्होंने बताया कि शिवभक्त होने के कारण दैत्यासुर को भगवान शिव से अनेक दिव्यास्त्र मिले हैं। उसे परास्त करने के लिए देवराज को प्रदोष काल में एक वर्ष तक श्रद्धा व भक्ति से भगवान शिव की आराधना करने का परामर्श दिया।
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देवराज ने प्रदोष व्रत और तपस्या कर शिवजी को प्रसन्न किया। तत्पश्चात, शिवजी से मिले दिव्यास्त्रों से दैत्यासुर सहित सभी असुरों का संहार कर दिया। प्रारंभ में आयोजक हरिशरण वाजपेयी ने पत्नी सीमा के साथ व्यास पीठ का पूजन किया।
बनारस से आए आचार्य विवेकानंद शास्त्री और आचार्य कार्तिकेय द्विवेदी ने पूजन कराया। कथा पंडाल में श्रद्धालुओं ने शिव भजनों पर नृत्य किया। अंत में ब्लॉक प्रमुख मुनेश्वर सिंह व श्रीदत्त शुक्ला, पूर्व एमएलसी संजय मिश्रा, नीरज वाजपेयी, रामकृष्ण शुक्ला, गौरव त्रिपाठी आदि ने आरती की।