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Shahjahanpur News: ददरौल में भी 13 मई को होगा उपचुनाव
Sun, 17 Mar 2024 01:50 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Sun, 17 Mar 2024 01:50 AM IST
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शाहजहांपुर। भाजपा विधायक मानवेंद्र सिंह के निधन के बाद रिक्त हुई ददरौल विधानसभा सीट पर लोकसभा चुनाव के साथ ही उपचुनाव होगा। राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारी को पूरी कर ली हैं। चुनाव लड़ने के लिए तैयार उम्मीदवारों के नाम लखनऊ भेजे गए हैं। वहां से हरी झंडी मिलने के बाद नाम की घोषणा की जाएगी।
उपचुनाव के लिए सपा, भाजपा, बसपा और कांग्रेस के प्रत्याशी ताल ठोक रहे हैं। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गोपनीय पत्र के माध्यम से उपयुक्त प्रत्याशी का नाम जिले के नेताओं से मांगा था। जिलाध्यक्ष तनवीर खान ने बताया कि लोकसभा चुनाव के फार्मूले की तरह ही गोपनीय पत्र लेकर नाम पर मंथन करने के बाद राष्ट्रीय नेतृत्व प्रत्याशी की घोषणा करेगा।
वहीं, दूसरी ओर कांग्रेस भी सपा से गठबंधन में शामिल होने के बाद भी इस सीट पर अपना दावा ठोक रही है। जिलाध्यक्ष रजनीश गुप्ता ने बताया कि लोकसभा और विधानसभा में एक सीट उनको मिलनी चाहिए। इसको लेकर मांग की गई है। हालांकि, फैसला राष्ट्रीय नेतृत्व को ही करना है।
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बसपा भी सीट पर फिर से कब्जा करना चाहती है। यहां पर 2007 में अवधेश वर्मा बसपा से चुनाव जीते थे। उनका टिकट कटने के बाद पार्टी यहां कोई खास प्रदर्शन नहीं कर सकी। उपचुनाव लड़ने के लिए पांच नाम लखनऊ भेजे गए हैं। जिलाध्यक्ष राधेश्याम भारती ने बताया कि 20 मार्च तक प्रत्याशी फाइनल हो जाएगा।
इसी तरह भाजपा इस सीट पर अपना कब्जा बनाए रखना चाहती है। मानवेंद्र सिंह अपने सरल स्वभाव के चलते लगातार दो बार चुनाव जीते थे। भाजपा में यहां पर अभी किसी ने आवेदन नहीं किया है। अध्यक्ष केसी मिश्रा ने बताया कि टिकट बड़े नेता ही तय करेंगे, जो नाम फाइनल होगा, उसे पूरी ताकत से लड़ाकर जिताया जाएगा।
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उपचुनाव के लिए सपा, भाजपा, बसपा और कांग्रेस के प्रत्याशी ताल ठोक रहे हैं। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गोपनीय पत्र के माध्यम से उपयुक्त प्रत्याशी का नाम जिले के नेताओं से मांगा था। जिलाध्यक्ष तनवीर खान ने बताया कि लोकसभा चुनाव के फार्मूले की तरह ही गोपनीय पत्र लेकर नाम पर मंथन करने के बाद राष्ट्रीय नेतृत्व प्रत्याशी की घोषणा करेगा।
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वहीं, दूसरी ओर कांग्रेस भी सपा से गठबंधन में शामिल होने के बाद भी इस सीट पर अपना दावा ठोक रही है। जिलाध्यक्ष रजनीश गुप्ता ने बताया कि लोकसभा और विधानसभा में एक सीट उनको मिलनी चाहिए। इसको लेकर मांग की गई है। हालांकि, फैसला राष्ट्रीय नेतृत्व को ही करना है।
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बसपा भी सीट पर फिर से कब्जा करना चाहती है। यहां पर 2007 में अवधेश वर्मा बसपा से चुनाव जीते थे। उनका टिकट कटने के बाद पार्टी यहां कोई खास प्रदर्शन नहीं कर सकी। उपचुनाव लड़ने के लिए पांच नाम लखनऊ भेजे गए हैं। जिलाध्यक्ष राधेश्याम भारती ने बताया कि 20 मार्च तक प्रत्याशी फाइनल हो जाएगा।
इसी तरह भाजपा इस सीट पर अपना कब्जा बनाए रखना चाहती है। मानवेंद्र सिंह अपने सरल स्वभाव के चलते लगातार दो बार चुनाव जीते थे। भाजपा में यहां पर अभी किसी ने आवेदन नहीं किया है। अध्यक्ष केसी मिश्रा ने बताया कि टिकट बड़े नेता ही तय करेंगे, जो नाम फाइनल होगा, उसे पूरी ताकत से लड़ाकर जिताया जाएगा।