{"_id":"5eb437948ebc3e907713cb0b","slug":"buses-ran-but-passenger-not-came-shahjahanpur-news-bly4051182118","type":"story","status":"publish","title_hn":"यात्रियों की कमी से दूसरे दिन भी खाली दौड़ीं रोडवेज बसें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यात्रियों की कमी से दूसरे दिन भी खाली दौड़ीं रोडवेज बसें
विज्ञापन
शाहजहांपुर। ग्रीन जोन में आने के बाद जिले की सीमा में बसों का संचालन शुरू कर दिया गया है। मगर कोरोना वायरस के खौफ और जागरूकता के चलते लोग अति आवश्यक होने पर ही यात्रा कर रहे हैं। यही वजह रही कि बृहस्पतिवार को ढील के दूसरे दिन भी रोडवेज की अधिकतर बसें खाली दौड़ती रहीं। हालांकि बसों में 25 यात्री तक बैठाने के निर्देश दिए गए हैं लेकिन पुवायां, जलालाबाद, तिलहर आदि मार्गों पर बृहस्पतिवार को संचालित बसों में पांच-दस यात्री ही नजर आए।
माना जा रहा था कि रोडवेज बसों का चक्का घूमने के साथ जिले के अंदर रोडवेज को पर्याप्त यात्री मिलने लगेंगे। मगर रोडवेज के लिए यह निराशाजनक रहा। बुधवार को सुबह से दोपहर बाद तक जलालाबाद, पुवायां, निगोही, तिलहर आदि मार्गों पर जो भी बसेें रवाना हुईं, उनमें मुसाफिरों की संख्या पांच से आठ तक सीमित रही। मगर बीते दिन की तुलना में बृहस्पतिवार को भी यात्रियों की संख्या मेें कोई खास इजाफा नहीं हुआ।
सुबह बंडा मार्ग की बस करीब दस सवारियां लेकर रवाना हुई, लेकिन इसमेें पुवायां के यात्री ज्यादा रहे। इसके बाद जलालाबाद, मिर्जापुर, अल्हागंज, तिलहर, मीरानपुर कटरा के लिए भेजी गई बसों में यात्रियों की संख्या 10-12 रही। हालांकि रोडवेज स्टेशन पर ऐसे यात्री ज्यादा पहुंच रहे हैं, जो लॉकडाउन में यहां फंसे हैं और अपना रजिस्ट्रेशन कराने के बाद दूरस्थ शहरों और अन्य राज्यों में स्थित अपने घरों तक जाना चाहते हैं लेकिन उनके लिए अभी कोई इंतजाम नहीं है।
विज्ञापन
कांग्रेस नेताओं ने खुटार तक भिजवाया श्रमिक परिवार
हरदोई मोड़ बाईपास पर फंसे खुटार क्षेत्र के गांव हरिहरपुर निवासी अवधेश सिंह ने कांग्रेस जिलाध्यक्ष रजनीश गुप्ता को फोन कर किराया नहीं होने की समस्या बताते हुए परिवार सहित घर पहुंचाने की मदद मांगी। अवधेश ने बताया कि वह मुादाबाद के पास गजरौला की एक फैक्टरी मेें काम करते थे। लॉकडाउन में फैक्टरी बंद होने पर वह परिवार समेत स्वास्थ्य की जांच कराते हुए जिस बस से यहां पहुंचे, उसके चालक ने हरदोई बाईपास पर उतार दिया है। इसके बाद जिलाध्यक्ष के निर्देश पहुंचे कृष्ण विनोद मिश्रा, फुरकान अहमद कुरैशी, फरमान खां आदि ने भोजन कराकर उनके टिकट बनवाए और खुटार की बस में बैठाकर गांव तक भिजवाया।
बसों से चंदौली और भरतपुर भेजे गए कामगार
अपराह्न तीन बजे के बाद चंदौली और भरतपुर (राजस्थान) जाने वाले कामगारों के लिए निगम के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक एसके वर्मा ने दो बसों की व्यवस्था कराई। लेखपाल अवधेश कुमार ने इन सभी को सूचीबद्ध किया, लेकिन इन्हीं बसों से जाने वाले कुछ अन्य कामगारों ने कटरा, हरदोई रोड बाईपास, बरेली मोड़ पर फंसे होने की जानकारी दी। इस पर दोनों बसों को उनके इंतजार में करीब एक घंटे तक रोके रखा गया। इसी दौरान बाहर से आए पुवायां क्षेत्र के 15-20 कामगारों के जत्थे को कर्मचारी नेता राजेश पांडेय ने स्पेशल बस से पुवायां के शेल्टर होम तक भिजवाने की व्यवस्था कराई। इटावा से आए नेपाली मूल के एक युवक को नेपाल बार्डर जाने के लिए कोई साधन नहीं मिला तो वह निढाल होकर स्टेशन के बरामदे में फर्श पर लेट गया।
चंदौली के 23 और भरतपुर (राजस्थान) के करीब 15 लोगों को रोडवेज बसों के जरिए उनके गंतव्य तक भेजा गया है। अन्य स्थानों से लौटे पुवायां क्षेत्र के लोगों को थर्मल स्क्रीनिंग के बाद पुवायां के क्वारंटीन सेंटर भेजने की व्यवस्था कराई गई है। मथुरा से प्रवासी मजदूरों का जत्था देर रात तक यहां पहुंचेगा और उन्हें भी उनके ठिकानों तक भेजने के लिए स्पेशल बसों की व्यवस्था कराई जा रही है।
- रामसेवक द्विवेदी, एडीएम प्रशासन
विज्ञापन
माना जा रहा था कि रोडवेज बसों का चक्का घूमने के साथ जिले के अंदर रोडवेज को पर्याप्त यात्री मिलने लगेंगे। मगर रोडवेज के लिए यह निराशाजनक रहा। बुधवार को सुबह से दोपहर बाद तक जलालाबाद, पुवायां, निगोही, तिलहर आदि मार्गों पर जो भी बसेें रवाना हुईं, उनमें मुसाफिरों की संख्या पांच से आठ तक सीमित रही। मगर बीते दिन की तुलना में बृहस्पतिवार को भी यात्रियों की संख्या मेें कोई खास इजाफा नहीं हुआ।
विज्ञापन
सुबह बंडा मार्ग की बस करीब दस सवारियां लेकर रवाना हुई, लेकिन इसमेें पुवायां के यात्री ज्यादा रहे। इसके बाद जलालाबाद, मिर्जापुर, अल्हागंज, तिलहर, मीरानपुर कटरा के लिए भेजी गई बसों में यात्रियों की संख्या 10-12 रही। हालांकि रोडवेज स्टेशन पर ऐसे यात्री ज्यादा पहुंच रहे हैं, जो लॉकडाउन में यहां फंसे हैं और अपना रजिस्ट्रेशन कराने के बाद दूरस्थ शहरों और अन्य राज्यों में स्थित अपने घरों तक जाना चाहते हैं लेकिन उनके लिए अभी कोई इंतजाम नहीं है।
विज्ञापन
कांग्रेस नेताओं ने खुटार तक भिजवाया श्रमिक परिवार
हरदोई मोड़ बाईपास पर फंसे खुटार क्षेत्र के गांव हरिहरपुर निवासी अवधेश सिंह ने कांग्रेस जिलाध्यक्ष रजनीश गुप्ता को फोन कर किराया नहीं होने की समस्या बताते हुए परिवार सहित घर पहुंचाने की मदद मांगी। अवधेश ने बताया कि वह मुादाबाद के पास गजरौला की एक फैक्टरी मेें काम करते थे। लॉकडाउन में फैक्टरी बंद होने पर वह परिवार समेत स्वास्थ्य की जांच कराते हुए जिस बस से यहां पहुंचे, उसके चालक ने हरदोई बाईपास पर उतार दिया है। इसके बाद जिलाध्यक्ष के निर्देश पहुंचे कृष्ण विनोद मिश्रा, फुरकान अहमद कुरैशी, फरमान खां आदि ने भोजन कराकर उनके टिकट बनवाए और खुटार की बस में बैठाकर गांव तक भिजवाया।
बसों से चंदौली और भरतपुर भेजे गए कामगार
अपराह्न तीन बजे के बाद चंदौली और भरतपुर (राजस्थान) जाने वाले कामगारों के लिए निगम के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक एसके वर्मा ने दो बसों की व्यवस्था कराई। लेखपाल अवधेश कुमार ने इन सभी को सूचीबद्ध किया, लेकिन इन्हीं बसों से जाने वाले कुछ अन्य कामगारों ने कटरा, हरदोई रोड बाईपास, बरेली मोड़ पर फंसे होने की जानकारी दी। इस पर दोनों बसों को उनके इंतजार में करीब एक घंटे तक रोके रखा गया। इसी दौरान बाहर से आए पुवायां क्षेत्र के 15-20 कामगारों के जत्थे को कर्मचारी नेता राजेश पांडेय ने स्पेशल बस से पुवायां के शेल्टर होम तक भिजवाने की व्यवस्था कराई। इटावा से आए नेपाली मूल के एक युवक को नेपाल बार्डर जाने के लिए कोई साधन नहीं मिला तो वह निढाल होकर स्टेशन के बरामदे में फर्श पर लेट गया।
चंदौली के 23 और भरतपुर (राजस्थान) के करीब 15 लोगों को रोडवेज बसों के जरिए उनके गंतव्य तक भेजा गया है। अन्य स्थानों से लौटे पुवायां क्षेत्र के लोगों को थर्मल स्क्रीनिंग के बाद पुवायां के क्वारंटीन सेंटर भेजने की व्यवस्था कराई गई है। मथुरा से प्रवासी मजदूरों का जत्था देर रात तक यहां पहुंचेगा और उन्हें भी उनके ठिकानों तक भेजने के लिए स्पेशल बसों की व्यवस्था कराई जा रही है।
- रामसेवक द्विवेदी, एडीएम प्रशासन