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जिले में बुखार से तप रहा हर घर
ब्यूरो, अमर उजाला शाहजहांपुर
Updated Fri, 14 Oct 2016 11:37 PM IST
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स्वास्थ्य के संबंध में व्यापािररियों की वाताऱ्र्ता
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चालू मौसम में वायरल, चिकनगुनिया और डेंगू के प्रकोप की जमीनी सच्चाई जानने को राज्य स्वास्थ्य निदेशालय ने जिलों से ब्योरे तलब किए हैं। जिला स्वास्थ्य विभाग ने जिले के सरकारी अस्पतालों में जनवरी से अब तक बुखार के पहुंचे मरीजों का अलग से ब्योरा जुटाया तो पता लगा कि बुखार का प्रकोप जुलाई माह से लगातार बढ़ा। जनवरी से सितंबर तक कुल 31550 बुखार पीड़ित आए जबकि जुलाई माह से सितंबर के बीच ही 14 हजार बुखार वाले मरीजों का उपचार हुआ।
जुलाई में अचानक मरीजों की संख्या बढ़ी और 3505 बुखार पीड़ितों का उपचार हुआ। अगस्त में 4992 और सितंबर में 6503 बुखार वाले नए केस पहुंचे। अकेले जिला अस्पताल में कुल 3745 ऐसे मरीज पहुंचे तो देहात में भी बुखार का प्रकोप बना रहा। सबसे ज्यादा जैतीपुर में 2397 नए केस देखे गए जबकि कलान में 2007 और जलालाबाद में 1291 नए बुखार पीड़ितों का उपचार हुआ। राहत यह कि इनमें से डेंगू की पुष्टि सिर्फ 12 में ही हुई जबकि अन्य में वायरल और चिकनगुनिया का असर रहा लेकिन उससे किसी की मौत होने की पुष्टि इस आंकड़े में नहीं है। जिला मलेरिया अधिकारी पीके श्रीवास्तव के अनुसार, बुखार से मौत के मामलों की जांच में मोटे तौर पर यही सामने आया कि रोगी किसी अन्य रोग से भी पीड़ित था जिससे उसमें रोग प्रतिरोधक क्षमता क्षीण होने से मौत हुई। चिकनगुनिया से ग्रसित मरीजों में बुखार तो जल्दी ठीक हो जाता है लेकिन उसके रोग प्रतिरोधी क्षमता के आधार पर दवाओं के इस्तेमाल के बाद भी 25 दिन से छह माह में जोड़ों के दर्द से मुक्ति मिल पाती है।
जिले के सरकारी अस्पताल में पहुंचे बुखार वाले मरीजों के आंकड़े
प्रमुख अस्पताल जुलाई अगस्त सितंबर
जिला अस्पताल 690 1188 1897
जैतीपुर 862 720 815
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तिलहर 155 255 686
निगोही 60 256 388
सिंधौली 110 184 164
पुवायां 135 239 325
बंडा 50 165 187
खुटार 97 208 325
जलालाबाद 367 448 486
कलान 560 660 787
छुट्टी वाले दिनों में आए 2010 नए बुखार पीड़ित
शाहजहांपुर। नौ से 12 अक्तूबर तक नवरात्र, दशहरा और मोहर्रम की छुट्टियों के दौरान भी जिले में सरकारी अस्पताल खुले रहे और बुखार पीड़ितों के पहुंचने का क्रम जारी रहा। इन चार दिनों में जिले में कुल 2010 नए बुखार पीड़ित उपचार के लिए पहुंचे। इनमें से अकेले जिला अस्पताल में पहुंचे मरीजों की संख्या 1296 रही। सीएमओ डॉ. कमल कुमार के अनुसार, चालू बुखार के मौसम में जिले में संभावित डेंगू पीड़ित के रूप में पहुंचे मरीजों की डेंगू किट से की गई जांच में 183 में एनएस वन पाजिटिव मिला लेकिन उनके एलाइजा टेस्ट के लिए लखनऊ भेजे गए नमूने की जांच में केवल 15 में ही डेंगू पाजिटिव की पुष्टि हुई। उनमें भी तीन लखीमपुर खीरी के थे। जिले वाले डेंगू मरीजों का उपचार हो चुका है और वे स्वस्थ होकर घर जा चुके हैं। जिला अस्पताल में डेंगू मरीजों के लिए 10 बेड आरक्षित रखे गए हैं जबकि सीएचसी व पीएचसी पर चार-चार बेड की व्यवस्था है।
हर दूसरे घर में डेंगू का लार्वा
जिला मलेरिया विभाग ने शहर में मादा डेंगू मच्छर के लार्वा की जांच, दवा छिड़काव और जागरूकता अभियान के क्रम में एक रोचक तथ्य पाया। अभियान के दौरान दो माह में करीब दो हजार घरों में विभागीय टीम पहुंची। इनमें करीब एक हजार से कुछ अधिक में कूलर, टब, बंद पड़े हैंडपंप आदि में डेंगू का लार्वा पाया और उसे नष्ट किया। इस प्रकार औसतन हर दूसरे घर में डेंगू के लार्वा होने की पुष्टि हुई है।
जानलेवा बुखार से निपटने को कराएं सफाई और फागिंग
वायरल, डेंगू, चिकनगुनिया आदि बुखार की महामारी पर नियंत्रण के लिए पालिका प्रशासन द्वारा सफाई और फागिंग के विशेष प्रबंध नहीं किए जाने पर उद्योग व्यापार मंडल मिश्रा गुट ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। संगठन की कोर कमेटी की बैठक में यह मुद्दा उठाते हुए जिलाध्यक्ष कुलदीप सिंह दुआ ने कहा कि इस बारे में जल्द ही नगरपालिका परिषद चेयरमैन को ज्ञापन दिया जाएगा। व्यापारी नेता दुआ ने कहा कि शहर में तेजी से पांव पसार रहा बुखार महामारी का रूप लेता जा रहा है। हर घर में डेंगू, चिकनगुनिया, वायरल के मरीज हैं, लेकिन प्रशासन और नगरपालिका परिषद के अधिकारी सफाई व्यवस्था मजबूत किए जाने पर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। संचालन करते हुए नगर अध्यक्ष सुनील गुप्ता ने मच्छरों की रोकथाम के लिए रोस्टर बनाकर मोहल्ला वार फागिंग कराए जाने पर जोर दिया। बैठक में व्यापारी हित के अन्य कई मुद्दों पर विचार विमर्श किया गया। जिला महामंत्री नाजिम खां ने जिले में चोरी और लूटपाट की बढ़ती घटनाओं पर नियंत्रण के लिए अपराधियों की धरपकड़ तेज किए जाने पर जोर दिया। नगर अध्यक्ष सुनील गुप्ता ने खाद व्यापारियों के खिलाफ निवर्तमान जिला कृषि अधिकारी द्वारा दर्ज कराई रिपोर्ट निरस्त नहीं होने पर नाराजगी जताई। नगर महामंत्री धर्मपाल रैना ने त्यौहारों पर खाद्य विभाग द्वारा की जा रही अवैध वसूली पर रोक लगाने की मांग की। इस मौके पर सुरेंद्र सेठी, पुरुषोत्तम गुप्ता, राधारमण अग्रवाल, सुरेंद्र सेठी, महेंद्र गुप्ता, सुल्तान अहमद, नीरज गुप्ता, हरिओम अग्रवाल आदि मौजूद रहे।
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जुलाई में अचानक मरीजों की संख्या बढ़ी और 3505 बुखार पीड़ितों का उपचार हुआ। अगस्त में 4992 और सितंबर में 6503 बुखार वाले नए केस पहुंचे। अकेले जिला अस्पताल में कुल 3745 ऐसे मरीज पहुंचे तो देहात में भी बुखार का प्रकोप बना रहा। सबसे ज्यादा जैतीपुर में 2397 नए केस देखे गए जबकि कलान में 2007 और जलालाबाद में 1291 नए बुखार पीड़ितों का उपचार हुआ। राहत यह कि इनमें से डेंगू की पुष्टि सिर्फ 12 में ही हुई जबकि अन्य में वायरल और चिकनगुनिया का असर रहा लेकिन उससे किसी की मौत होने की पुष्टि इस आंकड़े में नहीं है। जिला मलेरिया अधिकारी पीके श्रीवास्तव के अनुसार, बुखार से मौत के मामलों की जांच में मोटे तौर पर यही सामने आया कि रोगी किसी अन्य रोग से भी पीड़ित था जिससे उसमें रोग प्रतिरोधक क्षमता क्षीण होने से मौत हुई। चिकनगुनिया से ग्रसित मरीजों में बुखार तो जल्दी ठीक हो जाता है लेकिन उसके रोग प्रतिरोधी क्षमता के आधार पर दवाओं के इस्तेमाल के बाद भी 25 दिन से छह माह में जोड़ों के दर्द से मुक्ति मिल पाती है।
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जिले के सरकारी अस्पताल में पहुंचे बुखार वाले मरीजों के आंकड़े
प्रमुख अस्पताल जुलाई अगस्त सितंबर
जिला अस्पताल 690 1188 1897
जैतीपुर 862 720 815
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तिलहर 155 255 686
निगोही 60 256 388
सिंधौली 110 184 164
पुवायां 135 239 325
बंडा 50 165 187
खुटार 97 208 325
जलालाबाद 367 448 486
कलान 560 660 787
छुट्टी वाले दिनों में आए 2010 नए बुखार पीड़ित
शाहजहांपुर। नौ से 12 अक्तूबर तक नवरात्र, दशहरा और मोहर्रम की छुट्टियों के दौरान भी जिले में सरकारी अस्पताल खुले रहे और बुखार पीड़ितों के पहुंचने का क्रम जारी रहा। इन चार दिनों में जिले में कुल 2010 नए बुखार पीड़ित उपचार के लिए पहुंचे। इनमें से अकेले जिला अस्पताल में पहुंचे मरीजों की संख्या 1296 रही। सीएमओ डॉ. कमल कुमार के अनुसार, चालू बुखार के मौसम में जिले में संभावित डेंगू पीड़ित के रूप में पहुंचे मरीजों की डेंगू किट से की गई जांच में 183 में एनएस वन पाजिटिव मिला लेकिन उनके एलाइजा टेस्ट के लिए लखनऊ भेजे गए नमूने की जांच में केवल 15 में ही डेंगू पाजिटिव की पुष्टि हुई। उनमें भी तीन लखीमपुर खीरी के थे। जिले वाले डेंगू मरीजों का उपचार हो चुका है और वे स्वस्थ होकर घर जा चुके हैं। जिला अस्पताल में डेंगू मरीजों के लिए 10 बेड आरक्षित रखे गए हैं जबकि सीएचसी व पीएचसी पर चार-चार बेड की व्यवस्था है।
हर दूसरे घर में डेंगू का लार्वा
जिला मलेरिया विभाग ने शहर में मादा डेंगू मच्छर के लार्वा की जांच, दवा छिड़काव और जागरूकता अभियान के क्रम में एक रोचक तथ्य पाया। अभियान के दौरान दो माह में करीब दो हजार घरों में विभागीय टीम पहुंची। इनमें करीब एक हजार से कुछ अधिक में कूलर, टब, बंद पड़े हैंडपंप आदि में डेंगू का लार्वा पाया और उसे नष्ट किया। इस प्रकार औसतन हर दूसरे घर में डेंगू के लार्वा होने की पुष्टि हुई है।
जानलेवा बुखार से निपटने को कराएं सफाई और फागिंग
वायरल, डेंगू, चिकनगुनिया आदि बुखार की महामारी पर नियंत्रण के लिए पालिका प्रशासन द्वारा सफाई और फागिंग के विशेष प्रबंध नहीं किए जाने पर उद्योग व्यापार मंडल मिश्रा गुट ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। संगठन की कोर कमेटी की बैठक में यह मुद्दा उठाते हुए जिलाध्यक्ष कुलदीप सिंह दुआ ने कहा कि इस बारे में जल्द ही नगरपालिका परिषद चेयरमैन को ज्ञापन दिया जाएगा। व्यापारी नेता दुआ ने कहा कि शहर में तेजी से पांव पसार रहा बुखार महामारी का रूप लेता जा रहा है। हर घर में डेंगू, चिकनगुनिया, वायरल के मरीज हैं, लेकिन प्रशासन और नगरपालिका परिषद के अधिकारी सफाई व्यवस्था मजबूत किए जाने पर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। संचालन करते हुए नगर अध्यक्ष सुनील गुप्ता ने मच्छरों की रोकथाम के लिए रोस्टर बनाकर मोहल्ला वार फागिंग कराए जाने पर जोर दिया। बैठक में व्यापारी हित के अन्य कई मुद्दों पर विचार विमर्श किया गया। जिला महामंत्री नाजिम खां ने जिले में चोरी और लूटपाट की बढ़ती घटनाओं पर नियंत्रण के लिए अपराधियों की धरपकड़ तेज किए जाने पर जोर दिया। नगर अध्यक्ष सुनील गुप्ता ने खाद व्यापारियों के खिलाफ निवर्तमान जिला कृषि अधिकारी द्वारा दर्ज कराई रिपोर्ट निरस्त नहीं होने पर नाराजगी जताई। नगर महामंत्री धर्मपाल रैना ने त्यौहारों पर खाद्य विभाग द्वारा की जा रही अवैध वसूली पर रोक लगाने की मांग की। इस मौके पर सुरेंद्र सेठी, पुरुषोत्तम गुप्ता, राधारमण अग्रवाल, सुरेंद्र सेठी, महेंद्र गुप्ता, सुल्तान अहमद, नीरज गुप्ता, हरिओम अग्रवाल आदि मौजूद रहे।