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Shahjahanpur News: बसपा नेता की छत से गिरकर मौत, मरने से पहले कहा- दरोगा ने दिया धक्का
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सत्यभान का फाइल फोटो। स्रोत: परिजन
- फोटो : साजिशकर्ता के मकान के पास मौजूद राजस्व कर्मी व पुलिस टीम।
तिलहर (शाहजहांपुर)। मौजमपुर गांव में मंगलवार रात पुलिस की दबिश के दौरान छत से गिरने से बसपा के कटरा विधानसभा क्षेत्र के जोन प्रभारी सत्यभान (50) की मौत हो गई। दम तोड़ने से पहले सत्यभान ने वीडियो में दरोगा पर गालीगलौज और धक्का देने का आरोप लगाया। इसे सबूत के तौर पर पेश करते हुए परिजनों ने हंगामा किया। इसके बाद दरोगा और सादा कपड़ों में आए एक अन्य के खिलाफ गैरइरादतन हत्या और एससीएसटी एक्ट में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई।
सत्यभान की पत्नी रेखा देवी ने बताया कि बेटे अभिषेक के खिलाफ हत्या के प्रयास की धारा में अमन शुक्ला, पिंकी शुक्ला, रमनपाल, रामगोपाल निवासी मोहल्ला निजामगंज की ओर से झूठा मुकदमा दर्ज कराया गया था। मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस अभिषेक की तलाश कर रही थी, जबकि वह बाहर काम करता है। मंगलवार शाम करीब सात बजे तिलहर थाने का दरोगा राहुल सिसौदिया अपने एक साथी के साथ उनके यहां आया और दरवाजा तोड़कर घर में घुस गया। बेटे अभिषेक के बारे में पूछते हुए जातिसूचक गालियां दीं, फिर छत पर जाकर पति सत्यभान को पकड़ लिया।
आरोप है कि दरोगा ने पति को 10 से 15 मिनट तक लात-घूंसों से पीटा। इसके बाद उन्हें छत से धक्का दे दिया। इससे पति गंभीर रूप से घायल हो गए। परिजन सत्यभान को लेकर राजकीय मेडिकल कॉलेज पहुंचे। बुधवार तड़के करीब साढ़े तीन बजे सत्यभान की मौत हो गई।
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सुबह बसपा के पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी राजकीय मेडिकल कॉलेज पहुंच गए। परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। कई घंटे चले हंगामे के बाद पुलिस ने दरोगा और एक अन्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली।
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तिलहर के मौजमपुर गांव में एक व्यक्ति की मौत हुई है। मृतक की पत्नी के आरोप के आधार पर दरोगा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच किसी अन्य सर्किल की पुलिस से कराई जाएगी। - राजेश द्विवेदी, एसपी
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दरोगा ने धक्का मारकर सत्यभान को छत से गिराया है। परिजनों को 50 लाख रुपये का मुआवजा व एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी दी जाए। पीड़ित परिवार की सुरक्षा के प्रबंध किए जाएं और बेटे पर लगा मुकदमा भी हटाया जाए। - उदयवीर सिंह, जिलाध्यक्ष बसपा
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सड़क पर गिरे सत्यभान का लोगों ने बनाया वीडियो तो बोले-छत से धक्का देने से टूट गई मेरी कमर
शाहजहांपुर। छत से गिरने के बाद करीब आठ घंटे तक सत्यभान दर्द से तड़पते रहे। सड़क पर गिरने के बाद लोगों ने सत्यभान का वीडियो बनाया, जिसमें वह दरोगा पर छत से धक्का देने का आरोप लगा रहे हैं। इसमें वह कह रहे हैं कि उनकी कमर टूट गई है। दरोगा ने बहुत गालियां दीं और फिर धक्का दे दिया। वीडियो में सत्यभान लोगों से मदद की गुहार करते भी नजर आए। वायरल वीडियो से पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया।
बुधवार की सुबह सत्यभान की मौत की खबर सुनकर बसपा नेताओं के इकट्ठा होने पर राजकीय मेडिकल कॉलेज के शवगृह पर कई थानों की पुलिस पहुंच गई। परिजनों को समझाने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने पुलिस की एक न सुनी। परिजनों का कहना था कि जब तक दरोगा पर रिपोर्ट दर्ज नहीं की जाएगी, तब तक पंचनामा की कार्यवाही नहीं होने देंगे।
सीओ तिलहर ज्योति यादव ने मामले को शांत करने का काफी प्रयास किया, लेकिन परिजनों ने उनकी एक न सुनी। मृतक सत्यभान की मां रीता देवी बोलीं- हम ही पीड़ित हैं और हमारी नहीं सुनी गई। कार्रवाई के डर से बच्चों को बाहर भेज दिया। तब भी विपक्षियों को सुकून नहीं मिला। आखिर हमारी दुनिया उजड़ ही गई।
मामले को बढ़ता देख एसपी ने सीओ सिटी पंकज पंत को भेजा। सीओ सिटी ने अस्पताल चौकी में मृतक के परिवार वालों की पूरी बात सुनी। इसके बाद उनकी दी गई पूरी तहरीर को पढ़ा। सीओ ने कहा कि वह इस मामले की जड़ तक जाएंगे। दोषी को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। तब परिजन शांत हुए और पंचनामा की कार्यवाही शुरू हुई। इसके बाद धीरे-धीरे भीड़ कम होने लगी। तब जाकर पुलिस ने राहत की सांस ली।
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लल्ला हमें भी अपने पापा के पास भेज दो...
सत्यभान के सील हो रहे शव को देख रेखा देवी बिलख पड़ीं। इस बीच आए बेटे कुलदीप से बोलीं- लल्ला हमें भी अपने पापा के पास भेज दो। अब हम जीकर क्या करेंगे। रेखा देवी को उसकी सास रीता देवी ने संभाला। बहन गीता और प्रियंका ने भाभी रेखा और मां रीता को संभाला और उनसे लिपटकर खूब रोईं।
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पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप
रेखा देवी ने बताया कि बेटे अभिषेक का 22 अगस्त को पड़ोसी से विवाद हुआ था। पड़ोसियों ने मारपीट की थी। फायर भी किया था। उनकी शिकायत के बाद भी पुलिस ने पड़ोसियों की ओर से बेटे अभिषेक पर रिपोर्ट दर्ज कर दी थी। जबकि बेटा कमरे में था। रेखा देवी ने बताया कि हत्या के प्रयास की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद लगातार पुलिस की दबिश के डर से बेटे ने घर छोड़ दिया था।
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नाम निकालने के लिए दरोगा पर रुपया मांगने का आरोप
रेखा देवी ने बताया कि उनके तीन बेटे हैं। बड़ा बेटा कुलदीप फोटोग्राफर, दूसरा बेटा अभिषेक दिल्ली में काम करता था। तीसरा बेटा अनमोल पढ़ाई करता है। घर के कामकाज में हाथ बंटाता है। कुलदीप ने बताया कि पुलिस से पापा सत्यभान ने कई बार कहा था कि वह चार्जशीट दाखिल करे, वह उसको कोर्ट में हाजिर कर देंगे। आरोप है कि दरोगा नाम निकालने के लिए डेढ़ लाख रुपये मांग रहा था। अनुसूचित समाज का होने के चलते परेशान किया गया।
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बसपा के जोन प्रभारी थे सत्यभान
परिजनों के अनुसार, सत्यभान बहुजन समाज पार्टी के कटरा विधानसभा क्षेत्र के जोन प्रभारी थे। उनकी मौत की सूचना पर जिलाध्यक्ष उदयवीर सिंह के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता राजकीय मेडिकल कॉलेज पहुंच गए। जब तक रिपोर्ट दर्ज नहीं हो गई, तब तक अस्पताल चौकी में ही बैठे रहे। इसके बाद ही शव को पोस्टमॉर्टम भेजने के लिए पंचनामा की कार्रवाई की गई।
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नवंबर माह में दरोगा की है शादी
बताया जा रहा है जिस दरोगा राहुल सिसौदिया पर सत्यभान पर छत से धक्का देने का आरोप लगाया गया है। उनकी 18 नवंबर को शादी है। वहीं, पुलिस ने आरोप के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है। उनके साथ गए दूसरे शख्स का भी पता लगाया जा रहा है।
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कब-कब लगे पुलिस पर आरोप
- पिछले सप्ताह चौक कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला हयातपुरा के कोविद तिवारी की खन्नौत नदी में डूबने से मौत हो गई। मृतक के भाई ने चार लोगों पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई। साथ ही पुलिसकर्मियों की भूमिका संदिग्ध बताई। एसपी ने तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया था।
- जलालाबाद में एक महिला की संदिग्ध हालात में मौत के बाद परिजनों ने प्रदर्शन किया। सड़क पर शव रखकर नारेबाजी की। तब पुलिस पर लाठीचार्ज करने का आरोप लगाया गया था।
- कुछ साल पूर्व सेहरामऊ दक्षिणी के एक गांव में शराब के कारोबार की सूचना पर दबिश देने गई पुलिस पर मारपीट करने व तोड़फोड़ करने का आरोप लगाया गया था।
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सत्यभान की पत्नी रेखा देवी ने बताया कि बेटे अभिषेक के खिलाफ हत्या के प्रयास की धारा में अमन शुक्ला, पिंकी शुक्ला, रमनपाल, रामगोपाल निवासी मोहल्ला निजामगंज की ओर से झूठा मुकदमा दर्ज कराया गया था। मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस अभिषेक की तलाश कर रही थी, जबकि वह बाहर काम करता है। मंगलवार शाम करीब सात बजे तिलहर थाने का दरोगा राहुल सिसौदिया अपने एक साथी के साथ उनके यहां आया और दरवाजा तोड़कर घर में घुस गया। बेटे अभिषेक के बारे में पूछते हुए जातिसूचक गालियां दीं, फिर छत पर जाकर पति सत्यभान को पकड़ लिया।
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आरोप है कि दरोगा ने पति को 10 से 15 मिनट तक लात-घूंसों से पीटा। इसके बाद उन्हें छत से धक्का दे दिया। इससे पति गंभीर रूप से घायल हो गए। परिजन सत्यभान को लेकर राजकीय मेडिकल कॉलेज पहुंचे। बुधवार तड़के करीब साढ़े तीन बजे सत्यभान की मौत हो गई।
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सुबह बसपा के पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी राजकीय मेडिकल कॉलेज पहुंच गए। परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। कई घंटे चले हंगामे के बाद पुलिस ने दरोगा और एक अन्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली।
तिलहर के मौजमपुर गांव में एक व्यक्ति की मौत हुई है। मृतक की पत्नी के आरोप के आधार पर दरोगा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच किसी अन्य सर्किल की पुलिस से कराई जाएगी। - राजेश द्विवेदी, एसपी
दरोगा ने धक्का मारकर सत्यभान को छत से गिराया है। परिजनों को 50 लाख रुपये का मुआवजा व एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी दी जाए। पीड़ित परिवार की सुरक्षा के प्रबंध किए जाएं और बेटे पर लगा मुकदमा भी हटाया जाए। - उदयवीर सिंह, जिलाध्यक्ष बसपा
सड़क पर गिरे सत्यभान का लोगों ने बनाया वीडियो तो बोले-छत से धक्का देने से टूट गई मेरी कमर
शाहजहांपुर। छत से गिरने के बाद करीब आठ घंटे तक सत्यभान दर्द से तड़पते रहे। सड़क पर गिरने के बाद लोगों ने सत्यभान का वीडियो बनाया, जिसमें वह दरोगा पर छत से धक्का देने का आरोप लगा रहे हैं। इसमें वह कह रहे हैं कि उनकी कमर टूट गई है। दरोगा ने बहुत गालियां दीं और फिर धक्का दे दिया। वीडियो में सत्यभान लोगों से मदद की गुहार करते भी नजर आए। वायरल वीडियो से पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया।
बुधवार की सुबह सत्यभान की मौत की खबर सुनकर बसपा नेताओं के इकट्ठा होने पर राजकीय मेडिकल कॉलेज के शवगृह पर कई थानों की पुलिस पहुंच गई। परिजनों को समझाने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने पुलिस की एक न सुनी। परिजनों का कहना था कि जब तक दरोगा पर रिपोर्ट दर्ज नहीं की जाएगी, तब तक पंचनामा की कार्यवाही नहीं होने देंगे।
सीओ तिलहर ज्योति यादव ने मामले को शांत करने का काफी प्रयास किया, लेकिन परिजनों ने उनकी एक न सुनी। मृतक सत्यभान की मां रीता देवी बोलीं- हम ही पीड़ित हैं और हमारी नहीं सुनी गई। कार्रवाई के डर से बच्चों को बाहर भेज दिया। तब भी विपक्षियों को सुकून नहीं मिला। आखिर हमारी दुनिया उजड़ ही गई।
मामले को बढ़ता देख एसपी ने सीओ सिटी पंकज पंत को भेजा। सीओ सिटी ने अस्पताल चौकी में मृतक के परिवार वालों की पूरी बात सुनी। इसके बाद उनकी दी गई पूरी तहरीर को पढ़ा। सीओ ने कहा कि वह इस मामले की जड़ तक जाएंगे। दोषी को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। तब परिजन शांत हुए और पंचनामा की कार्यवाही शुरू हुई। इसके बाद धीरे-धीरे भीड़ कम होने लगी। तब जाकर पुलिस ने राहत की सांस ली।
लल्ला हमें भी अपने पापा के पास भेज दो...
सत्यभान के सील हो रहे शव को देख रेखा देवी बिलख पड़ीं। इस बीच आए बेटे कुलदीप से बोलीं- लल्ला हमें भी अपने पापा के पास भेज दो। अब हम जीकर क्या करेंगे। रेखा देवी को उसकी सास रीता देवी ने संभाला। बहन गीता और प्रियंका ने भाभी रेखा और मां रीता को संभाला और उनसे लिपटकर खूब रोईं।
पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप
रेखा देवी ने बताया कि बेटे अभिषेक का 22 अगस्त को पड़ोसी से विवाद हुआ था। पड़ोसियों ने मारपीट की थी। फायर भी किया था। उनकी शिकायत के बाद भी पुलिस ने पड़ोसियों की ओर से बेटे अभिषेक पर रिपोर्ट दर्ज कर दी थी। जबकि बेटा कमरे में था। रेखा देवी ने बताया कि हत्या के प्रयास की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद लगातार पुलिस की दबिश के डर से बेटे ने घर छोड़ दिया था।
नाम निकालने के लिए दरोगा पर रुपया मांगने का आरोप
रेखा देवी ने बताया कि उनके तीन बेटे हैं। बड़ा बेटा कुलदीप फोटोग्राफर, दूसरा बेटा अभिषेक दिल्ली में काम करता था। तीसरा बेटा अनमोल पढ़ाई करता है। घर के कामकाज में हाथ बंटाता है। कुलदीप ने बताया कि पुलिस से पापा सत्यभान ने कई बार कहा था कि वह चार्जशीट दाखिल करे, वह उसको कोर्ट में हाजिर कर देंगे। आरोप है कि दरोगा नाम निकालने के लिए डेढ़ लाख रुपये मांग रहा था। अनुसूचित समाज का होने के चलते परेशान किया गया।
बसपा के जोन प्रभारी थे सत्यभान
परिजनों के अनुसार, सत्यभान बहुजन समाज पार्टी के कटरा विधानसभा क्षेत्र के जोन प्रभारी थे। उनकी मौत की सूचना पर जिलाध्यक्ष उदयवीर सिंह के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता राजकीय मेडिकल कॉलेज पहुंच गए। जब तक रिपोर्ट दर्ज नहीं हो गई, तब तक अस्पताल चौकी में ही बैठे रहे। इसके बाद ही शव को पोस्टमॉर्टम भेजने के लिए पंचनामा की कार्रवाई की गई।
नवंबर माह में दरोगा की है शादी
बताया जा रहा है जिस दरोगा राहुल सिसौदिया पर सत्यभान पर छत से धक्का देने का आरोप लगाया गया है। उनकी 18 नवंबर को शादी है। वहीं, पुलिस ने आरोप के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है। उनके साथ गए दूसरे शख्स का भी पता लगाया जा रहा है।
कब-कब लगे पुलिस पर आरोप
- पिछले सप्ताह चौक कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला हयातपुरा के कोविद तिवारी की खन्नौत नदी में डूबने से मौत हो गई। मृतक के भाई ने चार लोगों पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई। साथ ही पुलिसकर्मियों की भूमिका संदिग्ध बताई। एसपी ने तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया था।
- जलालाबाद में एक महिला की संदिग्ध हालात में मौत के बाद परिजनों ने प्रदर्शन किया। सड़क पर शव रखकर नारेबाजी की। तब पुलिस पर लाठीचार्ज करने का आरोप लगाया गया था।
- कुछ साल पूर्व सेहरामऊ दक्षिणी के एक गांव में शराब के कारोबार की सूचना पर दबिश देने गई पुलिस पर मारपीट करने व तोड़फोड़ करने का आरोप लगाया गया था।

सत्यभान का फाइल फोटो। स्रोत: परिजन- फोटो : साजिशकर्ता के मकान के पास मौजूद राजस्व कर्मी व पुलिस टीम।

सत्यभान का फाइल फोटो। स्रोत: परिजन- फोटो : साजिशकर्ता के मकान के पास मौजूद राजस्व कर्मी व पुलिस टीम।

सत्यभान का फाइल फोटो। स्रोत: परिजन- फोटो : साजिशकर्ता के मकान के पास मौजूद राजस्व कर्मी व पुलिस टीम।