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बसपा में घुस गए स्वार्थी लोग
शाहजहांपुर।
Updated Tue, 23 Jun 2015 09:17 PM IST
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पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में हाल ही में बसपा से निष्कासित किए गए पूर्व जिलाध्यक्ष अरुण सागर ने मंगलवार को एक होटल में पत्रकारों से वार्ता करते हुए बसपा के स्थानीय संगठन में गुटबाजी पर तीखे प्रहार किए। उन्होंने जिलाध्यक्ष के निष्कासन संबंधी फैसले को चुनौती देते हुए कहा कि 22 साल बसपा में बिताने के कारण वह आज भी बहन मायावती को अपना नेता मानते हैं और बहुत जल्द लखनऊ जाकर उनसे अपनी पीड़ा जाहिर करेंगे।
बसपा के चार बार जिलाध्यक्ष और पुवायां विधानसभा से प्रत्याशी रह चुके सागर ने पार्टी की मुखिया मायावती में अपनी आस्था दोहराते हुए कहा कि बहनजी ने दो बार मंडल और जोन कोआर्डिनेटर बनाने के साथ एक बार दर्जा राज्यमंत्री का सम्मान भी दिया। इस बीच, ऐसे गैर मिशनरी स्वार्थी लोग पार्टी में घुस आए हैं, जिनका न तो अतीत में पार्टी के प्रति कोई योगदान रहा और न ही उनके पास मिशन का कोई कैडर है।
उन्होंने वर्तमान जोनल को-आर्डिनेटर ब्रह्म स्वरूप सागर और जोन को-आर्डिनेटर दिनेश कुमार की पार्टी विरोधी गतिविधियों का हवाला देते हुए कहा कि सपाई मानसिकता रखने वाले जिले के कई पार्टी पदाधिकारी संगठन के प्रति मिशनरी भावना से समर्पित कार्यकर्ताओं को अपमानित करके उन्हें पार्टी से बेदखल कर रहे हैं। इसी दुर्भावनापूर्ण मानसिकता के कारण जिलाध्यक्ष उदयवीर सिंह ने अपने अधिकार क्षेत्र का उल्लंघन करके उन्हें निष्कासित करने की घोषणा की।
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पूर्व जिलाध्यक्ष सागर ने कहा कि बसपा उनकी पार्टी है और उनसे यह अधिकार कोई भी स्थानीय पदाधिकारी नहीं छीन सकता। उन्होंने बताया अपनी बात ऊपर तक पहुंचाने के लिए पार्टी सुप्रीमों से समय ले लिया है। एक सप्ताह के अंदर लखनऊ जाकर बहन मायावती के सामने अपनी पीड़ा रखने के साथ पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त स्थानीय पदाधिकारियों की भूमिका का खुलासा करेंगे।
सपा नहीं, पीड़ित परिवार की मदद की जयेश ने
बसपा से निष्कासित पूर्व जिलाध्यक्ष अरुण सागर नहीं मानते कि पार्टी के एमएलसी जयेश प्रसाद ने जगेंद्र मौत प्रकरण में सपा सरकार के लिए संकट मोचक की भूमिका निभाई। जिलाध्यक्ष उदयवीर सिंह द्वारा इस मामले में एमएलसी पर लगाए गए अनुशासनहीनता के आरोप का हवाला दिए जाने पर उन्होंने कहा कि एमएलसी भी मूलत: खुटार क्षेत्र के रहने वाले हैं। इसलिए उन्होंने केवल सहयोग की भावना के तहत दिवंगत पत्रकार के परिवार को शासन से मदद दिलाई। एक अन्य सवाल के जवाब में पूर्व जिलाध्यक्ष सागर ने कहा कि पत्रकार जगेंद्र को गलत तरीके से झूठे आरोपों में फंसाया गया, इसलिए परिवार के लोगों की पार्टी के वरिष्ठ नेता द्वारा मदद करना कोई गुनाह नहीं है। उन्होंने कहा कि एमएलसी प्रसाद उनके बड़े भाई जैसे हैं और वह सामाजिक कार्य पार्टी के दायरे में बंधकर करने के बजाय स्वतंत्र होकर करना पसंद करते हैं।
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बसपा के चार बार जिलाध्यक्ष और पुवायां विधानसभा से प्रत्याशी रह चुके सागर ने पार्टी की मुखिया मायावती में अपनी आस्था दोहराते हुए कहा कि बहनजी ने दो बार मंडल और जोन कोआर्डिनेटर बनाने के साथ एक बार दर्जा राज्यमंत्री का सम्मान भी दिया। इस बीच, ऐसे गैर मिशनरी स्वार्थी लोग पार्टी में घुस आए हैं, जिनका न तो अतीत में पार्टी के प्रति कोई योगदान रहा और न ही उनके पास मिशन का कोई कैडर है।
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उन्होंने वर्तमान जोनल को-आर्डिनेटर ब्रह्म स्वरूप सागर और जोन को-आर्डिनेटर दिनेश कुमार की पार्टी विरोधी गतिविधियों का हवाला देते हुए कहा कि सपाई मानसिकता रखने वाले जिले के कई पार्टी पदाधिकारी संगठन के प्रति मिशनरी भावना से समर्पित कार्यकर्ताओं को अपमानित करके उन्हें पार्टी से बेदखल कर रहे हैं। इसी दुर्भावनापूर्ण मानसिकता के कारण जिलाध्यक्ष उदयवीर सिंह ने अपने अधिकार क्षेत्र का उल्लंघन करके उन्हें निष्कासित करने की घोषणा की।
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पूर्व जिलाध्यक्ष सागर ने कहा कि बसपा उनकी पार्टी है और उनसे यह अधिकार कोई भी स्थानीय पदाधिकारी नहीं छीन सकता। उन्होंने बताया अपनी बात ऊपर तक पहुंचाने के लिए पार्टी सुप्रीमों से समय ले लिया है। एक सप्ताह के अंदर लखनऊ जाकर बहन मायावती के सामने अपनी पीड़ा रखने के साथ पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त स्थानीय पदाधिकारियों की भूमिका का खुलासा करेंगे।
सपा नहीं, पीड़ित परिवार की मदद की जयेश ने
बसपा से निष्कासित पूर्व जिलाध्यक्ष अरुण सागर नहीं मानते कि पार्टी के एमएलसी जयेश प्रसाद ने जगेंद्र मौत प्रकरण में सपा सरकार के लिए संकट मोचक की भूमिका निभाई। जिलाध्यक्ष उदयवीर सिंह द्वारा इस मामले में एमएलसी पर लगाए गए अनुशासनहीनता के आरोप का हवाला दिए जाने पर उन्होंने कहा कि एमएलसी भी मूलत: खुटार क्षेत्र के रहने वाले हैं। इसलिए उन्होंने केवल सहयोग की भावना के तहत दिवंगत पत्रकार के परिवार को शासन से मदद दिलाई। एक अन्य सवाल के जवाब में पूर्व जिलाध्यक्ष सागर ने कहा कि पत्रकार जगेंद्र को गलत तरीके से झूठे आरोपों में फंसाया गया, इसलिए परिवार के लोगों की पार्टी के वरिष्ठ नेता द्वारा मदद करना कोई गुनाह नहीं है। उन्होंने कहा कि एमएलसी प्रसाद उनके बड़े भाई जैसे हैं और वह सामाजिक कार्य पार्टी के दायरे में बंधकर करने के बजाय स्वतंत्र होकर करना पसंद करते हैं।