{"_id":"6299140a8f9efc22d12152d0","slug":"bring-water-with-you-when-you-come-to-bsa-office-shahjahanpur-news-bly48699062","type":"story","status":"publish","title_hn":"बीएसए कार्यालय आएं तो पानी साथ लेकर आएं, नहीं कोई इंतजाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बीएसए कार्यालय आएं तो पानी साथ लेकर आएं, नहीं कोई इंतजाम
विज्ञापन
शाहजहांपुर के बीएसए कार्यालय में खराब पड़ी पानी की मशीन। संवाद
- फोटो : SHAHJAHANPUR
शाहजहांपुर। भीषण गर्मी में बीएसए ऑफिस आते समय घर से पानी की बोतल लेकर आइएगा, क्योंकि करोड़ों रुपये बेसिक शिक्षा पर खर्च करने वाले विभाग में पानी तक का इंतजाम नहीं है। कार्यालय में लगी पानी की मशीन धूल फांक रही है। कार्यालय में आने वालों को पानी के लिए भटकना पड़ता है।
वहीं दूसरी तरफ बिजली कट होने पर कर्मचारियों को गर्मी में बैठना पड़ता है। उनके लिए इन्वर्टर और जनरेटर तक का इंतजाम नहीं किया गया। जिले में करीब प्राथमिक और कम्पोजिट विद्यालयों को मिलाकर करीब 2700 विद्यालयों का संचालन होता है। विद्यालयों के संचालन के लिए सारी कार्रवाई बीएसए के स्तर से होती है। अपनी छोटी और बड़ी दिक्कतों को लेकर शिक्षक, अनुदेशक, रसोइया और आमजन का कार्यालय में आना-जाना लगता रहता है।
लेखा कार्यालय में लगा आरओ, पर पानी भरने से मनाही
बीएसए कार्यालय की दूसरी मंजिल पर बने लेखा कार्यालय में कर्मचारियों ने आरओ वॉटर कूलर लगवा रखा है, लेकिन उससे पानी भरने पर मनाही है। बताते हैं कि दूसरी मंजिल के कर्मचारी अपना पर्सनल वॉटर कूलर होने की बात कहते हुए पानी नहीं भरने देने हैं। ऐसे में पानी के लिए भटकना पड़ता है।
विज्ञापन
बिजली गुल तो पसीने से तरबतर हो जाते कर्मचारी
भीषण गर्मी में बिजली गुल होने पर कर्मचारियों को पसीने से तरबतर होना पड़ता है। उनके लिए इंवर्टर की व्यवस्था नहीं है। जनरेटर नहीं चलाए जाने के कारण भी परेशान हैं। कर्मचारी बताते हैं कि एसएसए कार्यालय में इंवर्टर लगा है। इसका कनेक्शन सर्व शिक्षा अभियान के कार्यालय, कंप्यूटर कक्ष और बीएसए के रूम में है। बिजली गुल होने पर कर्मचारियों का काम-काज ठप हो जाता है।
कार्यालय में पानी की व्यवस्था होना चाहिए। बीएसए का दायित्व है कि पानी जैसी मूलभूत सुविधा की व्यवस्था कराई जाए। हम निरीक्षण करने शुक्रवार को आएंगे। इस मुद्दे पर बीएसए से बात की जाएगी। -गिरवर सिंह, एडी बेसिक, बरेली मंडल
विज्ञापन
वहीं दूसरी तरफ बिजली कट होने पर कर्मचारियों को गर्मी में बैठना पड़ता है। उनके लिए इन्वर्टर और जनरेटर तक का इंतजाम नहीं किया गया। जिले में करीब प्राथमिक और कम्पोजिट विद्यालयों को मिलाकर करीब 2700 विद्यालयों का संचालन होता है। विद्यालयों के संचालन के लिए सारी कार्रवाई बीएसए के स्तर से होती है। अपनी छोटी और बड़ी दिक्कतों को लेकर शिक्षक, अनुदेशक, रसोइया और आमजन का कार्यालय में आना-जाना लगता रहता है।
विज्ञापन
लेखा कार्यालय में लगा आरओ, पर पानी भरने से मनाही
बीएसए कार्यालय की दूसरी मंजिल पर बने लेखा कार्यालय में कर्मचारियों ने आरओ वॉटर कूलर लगवा रखा है, लेकिन उससे पानी भरने पर मनाही है। बताते हैं कि दूसरी मंजिल के कर्मचारी अपना पर्सनल वॉटर कूलर होने की बात कहते हुए पानी नहीं भरने देने हैं। ऐसे में पानी के लिए भटकना पड़ता है।
विज्ञापन
बिजली गुल तो पसीने से तरबतर हो जाते कर्मचारी
भीषण गर्मी में बिजली गुल होने पर कर्मचारियों को पसीने से तरबतर होना पड़ता है। उनके लिए इंवर्टर की व्यवस्था नहीं है। जनरेटर नहीं चलाए जाने के कारण भी परेशान हैं। कर्मचारी बताते हैं कि एसएसए कार्यालय में इंवर्टर लगा है। इसका कनेक्शन सर्व शिक्षा अभियान के कार्यालय, कंप्यूटर कक्ष और बीएसए के रूम में है। बिजली गुल होने पर कर्मचारियों का काम-काज ठप हो जाता है।
कार्यालय में पानी की व्यवस्था होना चाहिए। बीएसए का दायित्व है कि पानी जैसी मूलभूत सुविधा की व्यवस्था कराई जाए। हम निरीक्षण करने शुक्रवार को आएंगे। इस मुद्दे पर बीएसए से बात की जाएगी। -गिरवर सिंह, एडी बेसिक, बरेली मंडल