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पंजाबी महासभा छह अक्टूबर को विसर्जन के लिए ले जाएगी अस्थियां
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शाहजहांपुर के लालपुर स्थित मोक्ष धाम में अलमारी में दीवार पर टंगेअस्थि कलश
- फोटो : SHAHJAHANPUR
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शाहजहांपुर। जिन मृतकों की अस्थियों को उनके परिजन श्मशान घाट से नहीं ले जाते हैं, उनको मोक्ष प्रदान कराने का काम पंजाबी महासभा के पदाधिकारी कराते हैं। महासभा के जिलाध्यक्ष विजय तुली के नेतृत्व में हर साल सैकड़ों अस्थि कलश घटिया घाट पर ले जाए जाते हैं। जहां पर विधिवत अस्थि विसर्जन करवाया जाता है।
शहर के लालपुल और गर्रा घाट स्थित श्मशान घाटों अंतिम संस्कार किया जाता है। कई शव ऐसे होते हैं, जिनके परिजन उनका अंतिम संस्कार करवाने के बाद अस्थियां विसर्जन के लिए नहीं ले जाते। ये अस्थियां सालो-साल श्मशान में ही टंगी रहती हैं। श्मशान घाटों पर मिट्टी की मटकियों में टंकी उन मृतकों की अस्थियों को विसर्जित करने का बीड़ा पंजाबी महासभा ने उठाया है।
महासभा के महामंत्री सुनील गुप्ता ने बताया कि जिलाध्यक्ष विजय तुली के नेतृत्व में हर साल सैकड़ों अस्थि कलश लेकर फर्रुखाबाद स्थित घटिया घाट पर ले जाकर उनका विधिवत विसर्जन करवाया जाता है। यह काम पिछले चार सालों से चल रहा है। पहली बार 450 और दूसरे साल में 275 अस्थि कलश ले जाकर विसर्जन करवाया गया था। तीसरे साल में कोरोना संक्रमण की वजह से अस्थियां विसर्जन के लिए नहीं ले जायी जा सकीं। इस साल करीब 250 अस्थि कलश हैं, जिनको विसर्जन के लिए लेकर जाएंगे।
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जिलाध्यक्ष विजय तुली ने कहा कि श्मशान घाट पर टंगी मृतकों की अस्थियों को अगर उनका कोई परिजन विसर्जन के लिए लेकर जाना चाहता है तो 30 सितंबर तक ले जाए। उसके बाद महासभा की ओर से सभी अस्थि कलशों को घटिया घाट ले जाकर विधिवत विसर्जन करवा दिया जाएगा। अस्थि विसर्जन के लिए जाने वालों में महामंत्री लाजपत बत्रा, कोषाध्यक्ष चंद्रप्रकाश गुलाटी, हरीश बजाज, गोपाल कृष्ण विन्नू, विजय कुमरा, सुशील नारंग, अनिल तनेजा समेत 25 से 30 लोग शामिल रहते हैं।
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शहर के लालपुल और गर्रा घाट स्थित श्मशान घाटों अंतिम संस्कार किया जाता है। कई शव ऐसे होते हैं, जिनके परिजन उनका अंतिम संस्कार करवाने के बाद अस्थियां विसर्जन के लिए नहीं ले जाते। ये अस्थियां सालो-साल श्मशान में ही टंगी रहती हैं। श्मशान घाटों पर मिट्टी की मटकियों में टंकी उन मृतकों की अस्थियों को विसर्जित करने का बीड़ा पंजाबी महासभा ने उठाया है।
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महासभा के महामंत्री सुनील गुप्ता ने बताया कि जिलाध्यक्ष विजय तुली के नेतृत्व में हर साल सैकड़ों अस्थि कलश लेकर फर्रुखाबाद स्थित घटिया घाट पर ले जाकर उनका विधिवत विसर्जन करवाया जाता है। यह काम पिछले चार सालों से चल रहा है। पहली बार 450 और दूसरे साल में 275 अस्थि कलश ले जाकर विसर्जन करवाया गया था। तीसरे साल में कोरोना संक्रमण की वजह से अस्थियां विसर्जन के लिए नहीं ले जायी जा सकीं। इस साल करीब 250 अस्थि कलश हैं, जिनको विसर्जन के लिए लेकर जाएंगे।
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जिलाध्यक्ष विजय तुली ने कहा कि श्मशान घाट पर टंगी मृतकों की अस्थियों को अगर उनका कोई परिजन विसर्जन के लिए लेकर जाना चाहता है तो 30 सितंबर तक ले जाए। उसके बाद महासभा की ओर से सभी अस्थि कलशों को घटिया घाट ले जाकर विधिवत विसर्जन करवा दिया जाएगा। अस्थि विसर्जन के लिए जाने वालों में महामंत्री लाजपत बत्रा, कोषाध्यक्ष चंद्रप्रकाश गुलाटी, हरीश बजाज, गोपाल कृष्ण विन्नू, विजय कुमरा, सुशील नारंग, अनिल तनेजा समेत 25 से 30 लोग शामिल रहते हैं।