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किसानों की खातिर भाकियू कार्यकर्ताओं ने दिया धरना
शाहजहांपुर।
Updated Mon, 11 Jan 2016 11:05 PM IST
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रबी सीजन में अति वृष्टि और ओलावृष्टि से हुए फसली नुकसान का मुआवजा तमाम किसानों को अभी तक नहीं दिए जाने के विरोध मेें भारतीय किसान यूनियन अजीत गुट के कार्यकर्ताओं ने संगठन के राष्ट्रीय आह्वान पर सोमवार को कलक्ट्रेट में प्रदेश सरकार के विरुद्ध नारेबाजी करके धरना दिया। इस मौके पर हुई पंचायत में वक्ताओं ने किसानों की कई समस्याओं का उल्लेख करके उनका निदान नहीं कराए जाने के लिए सरकार को आड़े हाथों लिया।
पंचायत को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष अजीत सिंह ने कहा कि देश और प्रदेश की सरकारें चुनाव के वक्त वोट हासिल करने के लिए किसानों से तमाम लुभावने वायदे करती हैं, लेकिन सत्ता में आने के बाद किसानों को पहचानती तक नहीं हैं। लगातार तीन फसलें चौपट होने से किसान भुखमरी के कगार पर पहुंचकर आत्महत्या करने को मजबूर हो रहे हैं, लेकिन प्रदेश और केंद्र सरकार खामोश है।
महिला प्रकोष्ठ की जिलाध्यक्ष तारा यादव ने तहसीलों समेत विकास खंड कार्यालयों में तमाम कर्मचारी वर्षों से एक ही सीट पर जमे होने से भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल रहा है और किसानों की कोई सुनवाई नहीं हो रही। वरिष्ठ उपाध्यक्ष संजीव अवस्थी ने कहा कि आधा पेराई सीजन बीतने के बावजूद गन्ना का समर्थन मूल्य घोषित न होना किसानों के साथ घोर अन्याय है। धरना में जय इंद्र सिंह, मंजीत सिंह, रामप्रताप सिंह वर्मा, छुट्टन अंसारी, गायत्री देवी, कुलदीप सिंह, दलजीत सिंह, मंदीप सिंह, करन सिंह, बाबूराम, अमरजीत सिंह, करन सिंह, रामगोपाल आदि शामिल रहे।
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पंचायत को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष अजीत सिंह ने कहा कि देश और प्रदेश की सरकारें चुनाव के वक्त वोट हासिल करने के लिए किसानों से तमाम लुभावने वायदे करती हैं, लेकिन सत्ता में आने के बाद किसानों को पहचानती तक नहीं हैं। लगातार तीन फसलें चौपट होने से किसान भुखमरी के कगार पर पहुंचकर आत्महत्या करने को मजबूर हो रहे हैं, लेकिन प्रदेश और केंद्र सरकार खामोश है।
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महिला प्रकोष्ठ की जिलाध्यक्ष तारा यादव ने तहसीलों समेत विकास खंड कार्यालयों में तमाम कर्मचारी वर्षों से एक ही सीट पर जमे होने से भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल रहा है और किसानों की कोई सुनवाई नहीं हो रही। वरिष्ठ उपाध्यक्ष संजीव अवस्थी ने कहा कि आधा पेराई सीजन बीतने के बावजूद गन्ना का समर्थन मूल्य घोषित न होना किसानों के साथ घोर अन्याय है। धरना में जय इंद्र सिंह, मंजीत सिंह, रामप्रताप सिंह वर्मा, छुट्टन अंसारी, गायत्री देवी, कुलदीप सिंह, दलजीत सिंह, मंदीप सिंह, करन सिंह, बाबूराम, अमरजीत सिंह, करन सिंह, रामगोपाल आदि शामिल रहे।
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