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Shahjahanpur News: भितरघात और बगावत से नगर पालिकाओं में कमजोर साबित हुई भाजपा
Sun, 14 May 2023 01:43 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Sun, 14 May 2023 01:43 AM IST
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शाहजहांपुर। बगावत और भितरघात ने भाजपा को नगर पालिकाओं में कमजोर कर दिया। पिछली बार जिस जलालाबाद सीट पर भाजपा को जीत मिली थी, वह भी हाथ से निकल गई। पुवायां में भाजपा की जीत जरूर हुई मगर वहां संजय गुप्ता व्यक्तिगत रूप से पार्टी से ज्यादा प्रभावी रहे। पिछले चुनाव में निर्दलीय रहकर भी संजय गुप्ता ने भाजपा प्रत्याशी को हरा दिया था। तिलहर में 24 साल का इंतजार पांच साल और आगे बढ़ गया है। सपा प्रत्याशी ने भाजपा को फिर बड़े अंतर से हरा दिया। सपा की सबसे बड़ी जीत तिलहर में ही हुई है।
जलालाबाद : भाजपा का वोट बंटा, सीट निकाल ले गए शकील
जलालाबाद। नगर पालिका परिषद के चुनाव में मनेंद्र गुप्ता की बगावत भाजपा को भारी पड़ गई। पूर्व चेयरमैन मनेंद्र गुप्ता का टिकट कटने से नाराज वैश्य समाज भाजपा प्रत्याशी मनमोहन द्विवेदी के साथ जाने की बजाय निर्दलीय चुनाव लड़े मनेंद्र के साथ चला गया। मनेंद्र मामूली अंतर से हार गए, लेकिन भाजपा प्रत्याशी को तीसरे नंबर पर धकेलने में कामयाब हो गए। शकील को जीत तोहफे के रूप में मिल गई।
वर्ष 2017 के चुनाव में भाजपा से लड़े मनेंद्र गुप्ता ने निर्दलीय शकील अहमद को 474 वोट से हराया था। भाजपा ने बगावत की आशंका में टिकट की घोषणा काफी देरी से की थी। 24 अप्रैल को नामांकन की आखिरी तारीख थी और 23 को भाजपा ने प्रत्याशियों की लिस्ट जारी की। टिकट न मिलने पर मनेंद्र गुप्ता ने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर पर्चा भर दिया। वहीं चार बार चेयरमैन रहे संजय पाठक भी भाजपा से टिकट न मिलने पर निर्दलीय मैदान में आ गए। भाजपा ने मनमोहन द्विवेदी को टिकट दिया।
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मनेंद्र और संजय पाठक के चुनाव मैदान में आने के कारण भाजपा के परंपरागत माने जाने वाले ब्राह्मण और वैश्य मतों का बंटवारा हो गया। इसका सीधा फायदा सपा प्रत्याशी को मिला। वहीं टिकट कटने से वोटरों में उपजी सहानुभूति का फायदा मनेंद्र को मिला। वहीं शकील के पक्ष में मुस्लिम वोट एकजुट रहा। पूर्व विधायक नीरज मौर्य ने भी जोर लगाया तो पिछड़ा वर्ग का वोट भी उनके पाले में गया। भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में भाजपा ने काफी जोर लगाया लेकिन कोई खास असर नहीं पड़ा। यहां पर उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के अलावा मंत्री जितिन प्रसाद और सुरेश कुमार खन्ना ने भी सभा की थी। इसके बावजूद भाजपा के तीसरे नंबर पर जाने से किरकिरी हो गई।
सपा का जलवा बरकरार, भाजपा बड़े अंतर से हारी
तिलहर। तिलहर नगर पालिका में भाजपा पिछले 24 सालों से नहीं जीत पाई थी और इस बार भी बड़ी हार का सामना पार्टी को करना पड़ा। यहां से भाजपा की निर्मला गुप्ता को सपा प्रत्याशी हाजरा बेगम ने शिकस्त दी। तमाम प्रयास के बावजूद भाजपा को विजयश्री नहीं मिली।
वर्ष 2017 में पिछड़ा वर्ग के लिए सीट आरक्षित होने पर सपा ने पूर्व चेयरमैन इमरान खां की पत्नी हाजरा बेगम को प्रत्याशी बनाया था। उन्होंने भाजपा के राजीव वर्मा को शिकस्त दी थी। इस बार फिर से सपा ने हाजरा बेगम को मैदान में उतारा। वहीं भाजपा ने कई दावेदारों को दरकिनार करते हुए कमलेश गुप्ता की पत्नी निर्मला गुप्ता को टिकट दे दिया। निर्मला गुप्ता राजनीतिक रूप से अनुभवहीन साबित हुईं। सपा की हाजरा बेगम ने आसानी से उन्हें 4842 वोटों से हरा दिया। मतदान के दिन भाजपा प्रत्याशी के पति ने फर्जी वोटिंग का आरोप भी लगाया था। मुस्लिम मतों की एकजुटता और सपा का परंपरागत वोट बैंक भाजपा के प्रत्याशी पर भारी पड़ा।
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जलालाबाद : भाजपा का वोट बंटा, सीट निकाल ले गए शकील
जलालाबाद। नगर पालिका परिषद के चुनाव में मनेंद्र गुप्ता की बगावत भाजपा को भारी पड़ गई। पूर्व चेयरमैन मनेंद्र गुप्ता का टिकट कटने से नाराज वैश्य समाज भाजपा प्रत्याशी मनमोहन द्विवेदी के साथ जाने की बजाय निर्दलीय चुनाव लड़े मनेंद्र के साथ चला गया। मनेंद्र मामूली अंतर से हार गए, लेकिन भाजपा प्रत्याशी को तीसरे नंबर पर धकेलने में कामयाब हो गए। शकील को जीत तोहफे के रूप में मिल गई।
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वर्ष 2017 के चुनाव में भाजपा से लड़े मनेंद्र गुप्ता ने निर्दलीय शकील अहमद को 474 वोट से हराया था। भाजपा ने बगावत की आशंका में टिकट की घोषणा काफी देरी से की थी। 24 अप्रैल को नामांकन की आखिरी तारीख थी और 23 को भाजपा ने प्रत्याशियों की लिस्ट जारी की। टिकट न मिलने पर मनेंद्र गुप्ता ने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर पर्चा भर दिया। वहीं चार बार चेयरमैन रहे संजय पाठक भी भाजपा से टिकट न मिलने पर निर्दलीय मैदान में आ गए। भाजपा ने मनमोहन द्विवेदी को टिकट दिया।
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मनेंद्र और संजय पाठक के चुनाव मैदान में आने के कारण भाजपा के परंपरागत माने जाने वाले ब्राह्मण और वैश्य मतों का बंटवारा हो गया। इसका सीधा फायदा सपा प्रत्याशी को मिला। वहीं टिकट कटने से वोटरों में उपजी सहानुभूति का फायदा मनेंद्र को मिला। वहीं शकील के पक्ष में मुस्लिम वोट एकजुट रहा। पूर्व विधायक नीरज मौर्य ने भी जोर लगाया तो पिछड़ा वर्ग का वोट भी उनके पाले में गया। भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में भाजपा ने काफी जोर लगाया लेकिन कोई खास असर नहीं पड़ा। यहां पर उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के अलावा मंत्री जितिन प्रसाद और सुरेश कुमार खन्ना ने भी सभा की थी। इसके बावजूद भाजपा के तीसरे नंबर पर जाने से किरकिरी हो गई।
सपा का जलवा बरकरार, भाजपा बड़े अंतर से हारी
तिलहर। तिलहर नगर पालिका में भाजपा पिछले 24 सालों से नहीं जीत पाई थी और इस बार भी बड़ी हार का सामना पार्टी को करना पड़ा। यहां से भाजपा की निर्मला गुप्ता को सपा प्रत्याशी हाजरा बेगम ने शिकस्त दी। तमाम प्रयास के बावजूद भाजपा को विजयश्री नहीं मिली।
वर्ष 2017 में पिछड़ा वर्ग के लिए सीट आरक्षित होने पर सपा ने पूर्व चेयरमैन इमरान खां की पत्नी हाजरा बेगम को प्रत्याशी बनाया था। उन्होंने भाजपा के राजीव वर्मा को शिकस्त दी थी। इस बार फिर से सपा ने हाजरा बेगम को मैदान में उतारा। वहीं भाजपा ने कई दावेदारों को दरकिनार करते हुए कमलेश गुप्ता की पत्नी निर्मला गुप्ता को टिकट दे दिया। निर्मला गुप्ता राजनीतिक रूप से अनुभवहीन साबित हुईं। सपा की हाजरा बेगम ने आसानी से उन्हें 4842 वोटों से हरा दिया। मतदान के दिन भाजपा प्रत्याशी के पति ने फर्जी वोटिंग का आरोप भी लगाया था। मुस्लिम मतों की एकजुटता और सपा का परंपरागत वोट बैंक भाजपा के प्रत्याशी पर भारी पड़ा।