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बरेली-रोजा ट्रेन में मिला शिशु, बरेली के दंपति बोले- बच्चा मेरा
अमर उजाला ब्यूरो शाहजहांपुर।
Updated Fri, 17 Nov 2017 12:25 AM IST
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बच्चा चाोरी
- फोटो : अमर उजाला
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बरेली जिला अस्पताल से बुधवार शाम हो गया था चोरी
अखबार के जरिए जानकारी होने पर दंपति पहुंचे शाहजहांपुर
जीआरपी ने रात 12.15 बजे यहां जिला अस्पताल में कराया था भर्ती
बरेली से रोजा तक जाने वाली पैसेंजर ट्रेन में बुधवार रात 11 बजे जीआरपी को ढाई माह का शिशु लावारिस हालत में मिला। उसे रात 12:15 बजे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां उसे खून चढ़ाया गया और दूध भी पिलाया गया। सुबह बरेली से कुछ लोग अस्पताल पहुंचे और बच्चे को अपना बताया। उनका कहना है कि बच्चा बुधवार शाम बरेली जिला अस्पताल से चोरी हो गया था। हालांकि जीआरपी ने बच्चे को अभी सुपुर्दगी में नहीं दिया है। जीआरपी अभी तस्दीक में लगी हुई है।
बरेली के सुभाषनगर शांति बिहार निवासी कुंवरपाल अपनी मां कमलावती के साथ बृहस्पतिवार दोपहर लगभग एक बजे शाहजहांपुर जिला अस्पताल पहुंचे। उनका कहना था कि उनकी पत्नी वीरवती ने 24 अगस्त को बेटे को जन्म दिया था। सिर में दाने निकल आने और कमजोरी की वजह से उसे बाद में फिर बरेली के जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। हालत में सुधार नहीं होने पर वह बुधवार को बच्चे को डिस्चार्ज करवाने के लिए कागजी खानापूर्ति कर रहा था। उसने कपड़े में लिपटे बच्चे को अस्पताल में एक कुर्सी पर लेटा दिया और पास में उसकी पत्नी वीरवती भी आकर बैठ गई लेकिन कमजोरी के कारण पत्नी को चक्कर आ गया और वह बेहोश हो गई। इसी बीच किसी ने उसके बच्चे को उठा लिया। वह जब वहां पहुंचा तो देखा बच्चा गायब था। पत्नी बेहोश थी। उसे होश में लाने के साथ ही बच्चे की तलाश की लेकिन कुछ भी पता नहीं चला। पत्नी की हालत भी ठीक नहीं थी, इसलिए देर रात घर लौट गया। सुबह उसकी पड़ोसन ने अखबार में अज्ञात बच्चे को जिला अस्पताल में भर्ती की खबर दिखाई तब वह यहां आया। कुंवरपाल ने बताया कि वह राजमिस्त्री है उसकी तीन बेटियों में आठ वर्ष की किरन, छह वर्ष की रिति और दो वर्ष की गुनगुन हैं।
पत्नी और बेटियों को भी बरेली से बुलाया
जिला अस्पताल की चौकी पुलिस ने तस्दीक करने के लिए बरेली से उसकी पत्नी वीरवती और तीनों बेटियों को भी बुलवाया लेकिन देर शाम तक बच्चे को कुंवरपाल की सुपुर्दगी में नहीं दिया गया था।
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बरेली से कुछ लोग आए हैं और बच्चा अपना होने का दावा कर रहे हैं। मामला चाइल्ड वेलफेयर कमेटी की जानकारी में डाल दिया गया है, अब बच्चों की कमेटी ही तय करेगी कि बच्चा देना है या नहीं।
छत्रपाल सिंह, जीआरपी, एसओ
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अखबार के जरिए जानकारी होने पर दंपति पहुंचे शाहजहांपुर
जीआरपी ने रात 12.15 बजे यहां जिला अस्पताल में कराया था भर्ती
बरेली से रोजा तक जाने वाली पैसेंजर ट्रेन में बुधवार रात 11 बजे जीआरपी को ढाई माह का शिशु लावारिस हालत में मिला। उसे रात 12:15 बजे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां उसे खून चढ़ाया गया और दूध भी पिलाया गया। सुबह बरेली से कुछ लोग अस्पताल पहुंचे और बच्चे को अपना बताया। उनका कहना है कि बच्चा बुधवार शाम बरेली जिला अस्पताल से चोरी हो गया था। हालांकि जीआरपी ने बच्चे को अभी सुपुर्दगी में नहीं दिया है। जीआरपी अभी तस्दीक में लगी हुई है।
बरेली के सुभाषनगर शांति बिहार निवासी कुंवरपाल अपनी मां कमलावती के साथ बृहस्पतिवार दोपहर लगभग एक बजे शाहजहांपुर जिला अस्पताल पहुंचे। उनका कहना था कि उनकी पत्नी वीरवती ने 24 अगस्त को बेटे को जन्म दिया था। सिर में दाने निकल आने और कमजोरी की वजह से उसे बाद में फिर बरेली के जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। हालत में सुधार नहीं होने पर वह बुधवार को बच्चे को डिस्चार्ज करवाने के लिए कागजी खानापूर्ति कर रहा था। उसने कपड़े में लिपटे बच्चे को अस्पताल में एक कुर्सी पर लेटा दिया और पास में उसकी पत्नी वीरवती भी आकर बैठ गई लेकिन कमजोरी के कारण पत्नी को चक्कर आ गया और वह बेहोश हो गई। इसी बीच किसी ने उसके बच्चे को उठा लिया। वह जब वहां पहुंचा तो देखा बच्चा गायब था। पत्नी बेहोश थी। उसे होश में लाने के साथ ही बच्चे की तलाश की लेकिन कुछ भी पता नहीं चला। पत्नी की हालत भी ठीक नहीं थी, इसलिए देर रात घर लौट गया। सुबह उसकी पड़ोसन ने अखबार में अज्ञात बच्चे को जिला अस्पताल में भर्ती की खबर दिखाई तब वह यहां आया। कुंवरपाल ने बताया कि वह राजमिस्त्री है उसकी तीन बेटियों में आठ वर्ष की किरन, छह वर्ष की रिति और दो वर्ष की गुनगुन हैं।
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पत्नी और बेटियों को भी बरेली से बुलाया
जिला अस्पताल की चौकी पुलिस ने तस्दीक करने के लिए बरेली से उसकी पत्नी वीरवती और तीनों बेटियों को भी बुलवाया लेकिन देर शाम तक बच्चे को कुंवरपाल की सुपुर्दगी में नहीं दिया गया था।
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बरेली से कुछ लोग आए हैं और बच्चा अपना होने का दावा कर रहे हैं। मामला चाइल्ड वेलफेयर कमेटी की जानकारी में डाल दिया गया है, अब बच्चों की कमेटी ही तय करेगी कि बच्चा देना है या नहीं।
छत्रपाल सिंह, जीआरपी, एसओ