{"_id":"58f903d34f1c1ba346473a42","slug":"bank-crippling-of-cash-atm-also-stalled","type":"story","status":"publish","title_hn":"कैश की कमी से जूझ रहे बैंक, एटीएम भी ठप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कैश की कमी से जूझ रहे बैंक, एटीएम भी ठप
अमर उजाला ब्यूरो, शाहजहांपुर
Updated Fri, 21 Apr 2017 12:24 AM IST
विज्ञापन
कैश की किल्लत
- फोटो : शाहजहांपुर ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इसेे केंद्र सरकार की डिजिटल मनी ट्रांजक्शन पॉलिसी को बढ़ावा देने का असर कहें या फिर बैंकों के नकदी प्रबंधन में ढिलाई का नतीजा। वजह चाहे जो हो लेकिन इससे एक बार फिर नोटबंदी के समय जैसा नगदी संकट पैदा हो गया है। जिले में राष्ट्रीयकृत और निजी क्षेत्र की विभिन्न बैंकों के अधिकांश एटीएम कैश की कमी से ठप हैं। हालांकि, बैंक शाखाओं में चेक और विड्रॉल फॉर्म से पूर्ववत भुगतान हो रहा है। बैंक अधिकारियों के अनुसार रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया से कैश की डिलीवरी रोक दिए जाने से यह हालात पैदा हुए हैं।
बता दें कि जिले में विभिन्न श्रेणियों की 31 बैंकों की 255 शाखाएं हैं। इनमें से सर्वाधिक 68 शाखाएं अग्रणी बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा की हैं। बैंक शाखाओं के भुगतान काउंटरोें पर ग्राहकों का दबाव कम करने के लिए शहर समेत जिले में विभिन्न स्थानों पर 375 एटीएम लगाए गए हैं। गत वर्ष आठ नवंबर को प्रधानमंत्री द्वारा एक हजार और पांच सौ के पुराने नोटों को प्रतिबंधित किए जाने के बाद नकदी संकट के चलते दो माह तक एटीएम भी कैश की कमी से जूझते रहे।
इस वर्ष जनवरी से पांच सौ और दो हजार के नए नोटों की खेप रिजर्व बैंक से मिलनी शुरू होने पर एटीएम की कार्य प्रणाली भी पटरी पर लौटने लगी है। इससे बैंक खातेदारों को भुगतान में भी सहूलियत हुई, लेकिन इधर, करीब एक सप्ताह से आरबीआई से जिले को कैश मिलना बंद हो गया। कुछ दिनों तक बैंक प्रबंधकों ने जमा नोटों से अपने एटीएम चालू रखे, लेकिन अब एटीएम से भुगतान के हालात बिगड़ने लगे हैं।
विज्ञापन
लीड बैंक के बाद बैंक शाखाओं की दृष्टि से दूसरी पायदान पर स्थित भारतीय स्टेट बैंक ने भी ग्राहकों की जमा रकम से अभी तक अपने एटीएम चालू रखे, लेकिन आने वाले दिनों में हालात बिगड़ सकते हैं। एसबीआई चौक की घंटाघर स्थित शाखा के प्रबंधक अपूर्व गुप्ता के अनुसार ग्राहकों की मांग के अनुरूप एटीएम में कैश नहीं पड़ पाने से भुगतान काउंटरों पर भीड़ बढ़ रही है।
खिरनीबाग स्थित केनरा बैंक, सदर बाजार की यूनियन बैंक, डॉन एंड डोना स्कूल के पास एक्सिस बैंक और टाउनहाल में एचडीएफसी बैंक के एटीएम कैश की कमी से बार-बार बंद हो रहे हैं। दूसरी ओर बॉब समेत अन्य बैंकों के अधिकांश एटीएम स्थायी रूप से बंद होेने के कारण महज शोपीस बन गए हैं। एसबीआई के क्षेत्रीय प्रबंधक आरबी त्रिवेदी के अनुसार रिजर्व बैंक से कैश की डिलीवरी कम होने से यह हालात पैदा हुए हैं और इससे निपटने का एकमात्र विकल्प यही है कि लोग सरकार की मंशा के अनुरूप डिजिटल लेनदेन अपनाना शुरू कर दें।
गन्ना, गेहूं के भुगतान से बढ़ी कैश की मांग
गोविंदगंज स्थित इलाहाबाद बैंक के शाखा प्रबंधक वीएस अहलूवालिया की मानें तो इन दिनों सरकार के निर्देश पर चीनी मिलों द्वारा गन्ना किसानों को बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान तेज कर दिया गया है। दूसरी ओर, गेहूं क्रय केंद्रों पर फसल की खरीद के लिए जारी हो रहे चेक बैंकों में लगाए जाने के बाद किसान नगद भुगतान हासिल कर रहे हैं। इससे नगदी की मांग एकाएक बढ़ गई है।
आरबीआई को भेजी जा चुकी कैश की डिमांड
लीड बैंक प्रबंधक वीएम गुप्ता के अनुसार अभी लोग सरकार की इच्छानुसार डिजिटल लेनदेन के लिए खुद को तैयार नहीं कर पाए हैं और इसीलिए एटीएम में पैसा नहीं होने से परेशानी महसूस कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि लगभग एक सप्ताह से आरबीआई से कैश नहीं मिलने से बैंकोें को भी कठिनाई हो रही है। नोटों की आपूर्ति के लिए आरबीआई को डिमांड भेजी जा चुकी है।
विज्ञापन
बता दें कि जिले में विभिन्न श्रेणियों की 31 बैंकों की 255 शाखाएं हैं। इनमें से सर्वाधिक 68 शाखाएं अग्रणी बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा की हैं। बैंक शाखाओं के भुगतान काउंटरोें पर ग्राहकों का दबाव कम करने के लिए शहर समेत जिले में विभिन्न स्थानों पर 375 एटीएम लगाए गए हैं। गत वर्ष आठ नवंबर को प्रधानमंत्री द्वारा एक हजार और पांच सौ के पुराने नोटों को प्रतिबंधित किए जाने के बाद नकदी संकट के चलते दो माह तक एटीएम भी कैश की कमी से जूझते रहे।
विज्ञापन
इस वर्ष जनवरी से पांच सौ और दो हजार के नए नोटों की खेप रिजर्व बैंक से मिलनी शुरू होने पर एटीएम की कार्य प्रणाली भी पटरी पर लौटने लगी है। इससे बैंक खातेदारों को भुगतान में भी सहूलियत हुई, लेकिन इधर, करीब एक सप्ताह से आरबीआई से जिले को कैश मिलना बंद हो गया। कुछ दिनों तक बैंक प्रबंधकों ने जमा नोटों से अपने एटीएम चालू रखे, लेकिन अब एटीएम से भुगतान के हालात बिगड़ने लगे हैं।
विज्ञापन
लीड बैंक के बाद बैंक शाखाओं की दृष्टि से दूसरी पायदान पर स्थित भारतीय स्टेट बैंक ने भी ग्राहकों की जमा रकम से अभी तक अपने एटीएम चालू रखे, लेकिन आने वाले दिनों में हालात बिगड़ सकते हैं। एसबीआई चौक की घंटाघर स्थित शाखा के प्रबंधक अपूर्व गुप्ता के अनुसार ग्राहकों की मांग के अनुरूप एटीएम में कैश नहीं पड़ पाने से भुगतान काउंटरों पर भीड़ बढ़ रही है।
खिरनीबाग स्थित केनरा बैंक, सदर बाजार की यूनियन बैंक, डॉन एंड डोना स्कूल के पास एक्सिस बैंक और टाउनहाल में एचडीएफसी बैंक के एटीएम कैश की कमी से बार-बार बंद हो रहे हैं। दूसरी ओर बॉब समेत अन्य बैंकों के अधिकांश एटीएम स्थायी रूप से बंद होेने के कारण महज शोपीस बन गए हैं। एसबीआई के क्षेत्रीय प्रबंधक आरबी त्रिवेदी के अनुसार रिजर्व बैंक से कैश की डिलीवरी कम होने से यह हालात पैदा हुए हैं और इससे निपटने का एकमात्र विकल्प यही है कि लोग सरकार की मंशा के अनुरूप डिजिटल लेनदेन अपनाना शुरू कर दें।
गन्ना, गेहूं के भुगतान से बढ़ी कैश की मांग
गोविंदगंज स्थित इलाहाबाद बैंक के शाखा प्रबंधक वीएस अहलूवालिया की मानें तो इन दिनों सरकार के निर्देश पर चीनी मिलों द्वारा गन्ना किसानों को बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान तेज कर दिया गया है। दूसरी ओर, गेहूं क्रय केंद्रों पर फसल की खरीद के लिए जारी हो रहे चेक बैंकों में लगाए जाने के बाद किसान नगद भुगतान हासिल कर रहे हैं। इससे नगदी की मांग एकाएक बढ़ गई है।
आरबीआई को भेजी जा चुकी कैश की डिमांड
लीड बैंक प्रबंधक वीएम गुप्ता के अनुसार अभी लोग सरकार की इच्छानुसार डिजिटल लेनदेन के लिए खुद को तैयार नहीं कर पाए हैं और इसीलिए एटीएम में पैसा नहीं होने से परेशानी महसूस कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि लगभग एक सप्ताह से आरबीआई से कैश नहीं मिलने से बैंकोें को भी कठिनाई हो रही है। नोटों की आपूर्ति के लिए आरबीआई को डिमांड भेजी जा चुकी है।