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बजाज मिल के कर्मी आंदोलन की राह पर
शाहजहांपुर
Updated Wed, 14 Oct 2015 10:45 PM IST
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बजाज चीनी मिल मकासूदापुर के 70 सीजनल कर्मचारियों ने बुधवार को हड़ताल पर रहकर प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की। कर्मचारी महीने के बीच में पैड ऑफ (कार्य बंद कर छुट्टी देने) से नाराज थे।
बुधवार सुबह कर्मचारी मिल पहुंचे तो उन्हें बताया गया कि पांच दिन के लिए पैड ऑफ घोषित कर दिया गया है। कर्मचारियों ने कहा कि कुछ ही दिन बाद दशहरा की छुट्टियां होने वाली हैं, ऐसे में पैड ऑफ का कोई औचित्य नहीं है। मिल में मरम्मत का 60 प्रतिशत काम निपट चुका है। ऐसे में पैड ऑफ किया जाना कर्मचारियों का उत्पीड़न है। कार्य बंद होने से उन लोगों का वेतन कटेगा, जबकि दशहरा की छुट्टियां होने पर वेतन नहीं काटा जा सकता था।
कर्मचारी बॉयलर परिसर में धरने पर बैठ गए और प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। कर्मचारियों ने कहा कि बजाज ग्रुप की किसी फैक्ट्री में पैड ऑफ नहीं किया गया है, केवल मकसूदापुर कारखाने में ही यह तुगलकी फरमान जारी किया गया है। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि सामूहिक बीमा कारखाने की ओर से कराया जाना चाहिए, लेकिन उन लोगों के रुपये काट कर बीमा कराया जाता है। इसके अलावा 650 रुपये अन्य बीमा मद में काटे जाते हैं, लेकिन आज तक कोई कागज नहीं दिया गया। मिल में पीने के पानी की सही व्यवस्था नहीं है और डिस्पेंसरी में दवाओं का अभाव है। कर्मचारियों ने समस्याओं का निदान कराने और पैड ऑफ समाप्त करने की मांग की।
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सीजनल कर्मियों से वार्ता की गई है। कर्मचारियों को गलत फहमी हो गई थी। यह आपस का मामला है और आपस में ही सुलझा लिया जाएगा। मैंने मौके पर जाकर कर्मचारियों के वार्ता की है और उन्हें समझाया है।
- केके बाजपेयी, यूनिट हेड बजाज चीनी मिल मकसूदापुर
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बुधवार सुबह कर्मचारी मिल पहुंचे तो उन्हें बताया गया कि पांच दिन के लिए पैड ऑफ घोषित कर दिया गया है। कर्मचारियों ने कहा कि कुछ ही दिन बाद दशहरा की छुट्टियां होने वाली हैं, ऐसे में पैड ऑफ का कोई औचित्य नहीं है। मिल में मरम्मत का 60 प्रतिशत काम निपट चुका है। ऐसे में पैड ऑफ किया जाना कर्मचारियों का उत्पीड़न है। कार्य बंद होने से उन लोगों का वेतन कटेगा, जबकि दशहरा की छुट्टियां होने पर वेतन नहीं काटा जा सकता था।
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कर्मचारी बॉयलर परिसर में धरने पर बैठ गए और प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। कर्मचारियों ने कहा कि बजाज ग्रुप की किसी फैक्ट्री में पैड ऑफ नहीं किया गया है, केवल मकसूदापुर कारखाने में ही यह तुगलकी फरमान जारी किया गया है। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि सामूहिक बीमा कारखाने की ओर से कराया जाना चाहिए, लेकिन उन लोगों के रुपये काट कर बीमा कराया जाता है। इसके अलावा 650 रुपये अन्य बीमा मद में काटे जाते हैं, लेकिन आज तक कोई कागज नहीं दिया गया। मिल में पीने के पानी की सही व्यवस्था नहीं है और डिस्पेंसरी में दवाओं का अभाव है। कर्मचारियों ने समस्याओं का निदान कराने और पैड ऑफ समाप्त करने की मांग की।
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सीजनल कर्मियों से वार्ता की गई है। कर्मचारियों को गलत फहमी हो गई थी। यह आपस का मामला है और आपस में ही सुलझा लिया जाएगा। मैंने मौके पर जाकर कर्मचारियों के वार्ता की है और उन्हें समझाया है।
- केके बाजपेयी, यूनिट हेड बजाज चीनी मिल मकसूदापुर