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कलान में गंगा का कहर: बाढ़ की गिरफ्त में आजाद नगर, लोगों ने गांव से किया पलायन; सड़क पर रहने को मजबूर

Thu, 20 Jul 2023 02:38 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहांपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहांपुर Published by: बरेली ब्यूरो Updated Thu, 20 Jul 2023 02:38 PM IST
सार

गंगा में नरौरा बैराज से बुधवार को 2,13749 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इससे पहले पिछले चार दिनों से प्रत्येक दिन दो लाख क्यूसेक से अधिक पानी गंगा नदी में छोड़ा जा रहा है। जिससे नदी के तटवर्ती इलाकों  में हालात बिगड़ते जा रहे हैं। 

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village Azad Nagar in the grip of flood people living on the road in shahjahanpur
बाढ़ ने बढ़ाई लोगों की परेशानी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

शाहजहांपुर में गंगा की बाढ़ ने कलान तहसील के आजाद नगर के लोगों को पलायन पर मजबूर कर दिया है। सात सौ आबादी के करीब 20 परिवार चौरा-बांसखेड़ा लिंक रोड पर सड़क किनारे पन्नी तानकर रह रहे हैं। कई परिवार मकान की छत पर गुजर-बसर कर रहे हैं। बाढ़ से निपटने की पुख्ता तैयारियों का दावा करने वाले प्रशासन की ओर से अब तक कोई मदद पीड़ितों तक नहीं पहुंच सकी है।

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गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। बुधवार को फिर से नरौरा बैराज से दो लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। प्रशासन की ओर से गंगा के किनारे नहीं जाने की चेतावनी जारी की गई है। 60 के करीब गांव गंगा और रामगंगा की चपेट में आ चुके हैं, जिससे ग्रामीणों के सामने राशन पानी का संकट खड़ा हो गया है। सबसे अधिक प्रभावित कलान क्षेत्र के आजादनगर गांव में बाढ़ का पानी भरने से कच्चे घर और झोंपड़ी गिरने की कगार पर हैं। ग्रामीणों ने गांव से पलायन शुरू कर दिया है। आजादनगर गांव में जिनके पक्के मकान हैं, वे छतों पर आश्रय लिए हुए हैं।

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बच्चे भूख से व्याकुल

बाढ़ में ईंधन और कंडे भीग जाने से खाना बनाने में परेशानी आ रही है। बच्चों का भूख से बुरा हाल है। भूख से रोते-बिलखते खुले आसमान के नीचे सड़क पर रह रहे बच्चों को ग्राम प्रधान फारूक अली ने बिस्किट आदि वितरित किए। गांव के खलील, तवारक अली, मन्ना व शमी ने बताया कि वे लोग अपने मकानों की छत पर शरण लिए हुए हैं। खाने-पीने की बहुत दिक्कत है। रोशनी का भी कोई इंतजाम नहीं है। सांप-बिच्छू से खतरा बना हुआ है। प्रशासन ने अब तक कोई मदद नहीं की है।

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वहीं बाढ़ के पानी से घर भर जाने से गृहस्थी का सामान लेकर आजाद नगर गांव से निकलकर सड़क पर आ गए नाजिम, सद्दीक, नफीस, साबिर आदि ने बताया कि लगभग 20 परिवार घर छोड़कर रोड पर आ गए हैं। जिनके पास तिरपाल आदि की व्यवस्था है, उन्होंने सिर छिपाने की जगह बना ली है। कुछ लोग हरी पतेल काटकर झोंपड़ी बना रहे है। कई परिवार अब भी खुले आसमान के नीचे पड़े हुए हैं।

बाढ़ से घिरे ग्राम आजादनगर, इस्लामनगर, मस्जिद नगला, पैलानी उत्तर, पैलानी दक्षिण, कमथरी, चितार आदि गांवों के बच्चे स्कूल भी नहीं जा पा रहे हैं। गांव के शमीम खां ने बताया कि छोटे बच्चे इस्लामनगर के प्राथमिक स्कूल और कक्षा पांच से ऊपर के बच्चे ढाईगांव के स्कूलों में पढ़ने जाते थे। 

ग्रामीणों ने बताया इस्लामनगर का स्कूल खुल रहा है। रामगंगा की बाढ़ का पानी बीघापुर गांव के रास्ते में भर जाने के कारण ड्यूटी के प्रति जिम्मेदार शिक्षक राजीव कुमार पानी से निकलकर स्कूल जा रहे हैं। वह गांव के बच्चों को उनके घरों से बुलाकर स्कूल में पढ़ाते हैं। वहीं ग्राम समेचीपुर चितार के नसरुद्दीन ने ढाईघाट रोड पर लगभग 146 बाढ़ पीड़ितों को तिरपाल वितरित किए।

पशुओं का किया जा रहा टीकाकरण

पशु चिकित्सालय के डॉ. सहदीप कुमार के नेतृत्व में इस्लामनगर में डॉ. रमेश सिंह ने पशु चिकित्सा शिविर लगाकर 24 रोगी पशुओं का इलाज किया। गलघोंटू रोग से बचाव के लिए पशुओं का टीकाकरण और कृमिनाशक दवा का वितरण किया गया।

कलान के एसडीएम महेश कुमार कैथिल ने बताया कि आजाद नगर में गंगा की बाढ़ से स्थिति खराब हो रही है। बाढ़ पीड़ितों के लिए तिरपाल और सूखे राशन किट की मांग की गई है। बृहस्पतिवार तक आ जाने की उम्मीद है। यदि किसी वजह से तिरपाल और राशन किट नहीं आ पाती है तो प्रधान के स्तर से बाढ़ पीड़ितों के लिए तिरपाल और भोजन की व्यवस्था करवा दी जाएगी।

गंगा में लगातार छोड़ा जा रहा पानी 

गंगा में नरौरा बैराज से बुधवार को 2,13749 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इससे पहले पिछले चार दिनों से प्रत्येक दिन दो लाख क्यूसेक से अधिक पानी गंगा नदी में छोड़ा जा रहा है। वहीं रामगंगा नदी में हरवेली बैराज, खो बैराज, फीका बैराज, ढेला बैराज, लालपुर बियर से कुल 69,033 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। गर्रा नदी में दियूनी बैराज से 3,330 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।

खतरे के निशान पर बह रही गंगा

बाढ़ नियंत्रण कक्ष शारदा नहर खंड से जारी रिपोर्ट के मुताबिक मंगलवार को गंगा का जलस्तर 143.38 गेज था, जो कि बुधवार को बढ़कर 143.44 गेज हो गया है। खतरे का निशान 143.650 गेज पर है। रामगंगा नदी का मंगलवार को जलस्तर 160.030 गेज था, जो कि बुधवार को 160.050 गेज हो गया है। गर्रा नदी का जलस्तर घटा है, जबकि खन्नौत नदी का जलस्तर स्थिर है।

गंगा का जलस्तर बढ़ने से नदी किनारे लोगों को नहीं जाने की चेतावनी दी गई है। पशुओं को बांधकर रखने को कहा गया है। आजादनगर गांव में पानी प्रवेश कर गया है। वहां टीमों को भेजकर निगरानी की जा रही है। जिन लोगों को परेशानी हो रही है, उनको बाढ़ राहत शिविरों में भेजा जा रहा है। - संजय कुमार पांडेय, एडीएम प्रशासन बाढ़ प्रभारी

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