{"_id":"6811285c38d061487500ae50","slug":"ayushman-cards-of-two-lakh-75-thousand-people-were-not-made-shahjahanpur-news-c-122-1-sbly1042-142762-2025-04-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shahjahanpur News: दो लाख 75 हजार लोगों के आयुष्मान कार्ड नहीं बने","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shahjahanpur News: दो लाख 75 हजार लोगों के आयुष्मान कार्ड नहीं बने
Wed, 30 Apr 2025 12:58 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Wed, 30 Apr 2025 12:58 AM IST
विज्ञापन
शाहजहांपुर। स्वास्थ्य विभाग आयुष्मान कार्ड बनाने के लक्ष्य तक नहीं पहुंच सका है। डाटा में गड़बड़ी व तकनीकी दिक्कतों की वजह से दो लाख 75 हजार 737 कार्ड अब तक अधर में हैं। वहीं, वरिष्ठ नागरिकों के 16,117 कार्ड बन चुके हैं।
वर्ष 2018 में योजना शुरू की गई थी। वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर 12 लाख 70 हजार 293 कार्ड बनाने का लक्ष्य रखा गया था। स्वास्थ्य विभाग ने पूर्व में कार्ड बनाने के काफी प्रयास किए। सीएचसी-पीएचसी समेत आरोग्य मंदिरों पर कार्ड बनाने के लिए कर्मी लगाए। मोहल्लों वार कर्मियों को भेजकर शिविर लगाए गए। इसके बाद भी लक्ष्य से पिछड़े हुए हैं। आंकड़ों पर नजर डालें तो नौ लाख 94 हजार 556 कार्ड बनाए गए हैं। अधिकारियों की मानें तो कुछ लोग यहां से दूसरी जगह जाकर रहने लगे हैं। कुछ की मृत्यु होने के बावजूद उनका नाम सूची में दर्ज है।
-- -- -- -
भुगतान न मिलने पर निजी चिकित्सक ने किया था इन्कार
-आयुष्मान कार्ड योजना के तहत निजी अस्पताल भुगतान नहीं मिलने से उपचार करने से इन्कार कर रहे थे। इस मामले काे इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष पवन अग्रवाल ने लखनऊ में अधिकारियों से मुलाकात कर उठाया। डॉ. अग्रवाल ने बताया कि डॉक्टरों के विरोध का काफी असर हुआ है। डॉक्टरों का भुगतान आना शुरू हो गया है।
विज्ञापन
-- -- -- -- -- -
डाटा में गड़बड़ी के चलते आधार कार्ड शत-प्रतिशत नहीं बन पाए हैं। पोर्टल पर कुछ दिखता है और आधार कार्ड पर नाम दूसरा है। ऐसे लोगों के कार्ड नहीं बन सके हैं।
डॉ. मनोज मिश्रा, नोडल अधिकारी
विज्ञापन
वर्ष 2018 में योजना शुरू की गई थी। वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर 12 लाख 70 हजार 293 कार्ड बनाने का लक्ष्य रखा गया था। स्वास्थ्य विभाग ने पूर्व में कार्ड बनाने के काफी प्रयास किए। सीएचसी-पीएचसी समेत आरोग्य मंदिरों पर कार्ड बनाने के लिए कर्मी लगाए। मोहल्लों वार कर्मियों को भेजकर शिविर लगाए गए। इसके बाद भी लक्ष्य से पिछड़े हुए हैं। आंकड़ों पर नजर डालें तो नौ लाख 94 हजार 556 कार्ड बनाए गए हैं। अधिकारियों की मानें तो कुछ लोग यहां से दूसरी जगह जाकर रहने लगे हैं। कुछ की मृत्यु होने के बावजूद उनका नाम सूची में दर्ज है।
विज्ञापन
भुगतान न मिलने पर निजी चिकित्सक ने किया था इन्कार
-आयुष्मान कार्ड योजना के तहत निजी अस्पताल भुगतान नहीं मिलने से उपचार करने से इन्कार कर रहे थे। इस मामले काे इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष पवन अग्रवाल ने लखनऊ में अधिकारियों से मुलाकात कर उठाया। डॉ. अग्रवाल ने बताया कि डॉक्टरों के विरोध का काफी असर हुआ है। डॉक्टरों का भुगतान आना शुरू हो गया है।
विज्ञापन
डाटा में गड़बड़ी के चलते आधार कार्ड शत-प्रतिशत नहीं बन पाए हैं। पोर्टल पर कुछ दिखता है और आधार कार्ड पर नाम दूसरा है। ऐसे लोगों के कार्ड नहीं बन सके हैं।
डॉ. मनोज मिश्रा, नोडल अधिकारी