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सुबह आशंकाओं से घिरे रहे लोग.. दोपहर में टेंशन दिखी, शाम को सब सामान्य
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शाहजहांपुर। अयोध्या मामले को लेकर शनिवार को लोगों के मन में काफी उथल-पुथल रही। सुबह को लोग सुप्रीम कोर्ट के फैसले की आशंकाओं से घिर रहे। सुबह 10:35 बजेफैसला आने के बाद लोगों को बवाल होने की आशंका को लेकर टेंशन हुई। मगर कहीं से कोई अप्रिय घटना की सूचना नहीं आई तो माहौल आम दिनों की तरह सामान्य हो गया। शहीदों की नगरी में एक बार फिर सौहार्द की मिसाल कायम रही। किसी भी इलाके में तनाव नहीं दिखा और लोग आम दिनों की तरह आपस में घुले मिले दिखे। शनिवार को दिनभर हर जगह अयोध्या मामले की चर्चा रही।
कचहरी, सरकारी दफ्तर और स्कूल-कॉलेज में छुट्टी होने से सामान्य दिनों की अपेक्षा सड़क पर भीड़ कम रही। आशंकाओं के चलते बेवजह कोई नहीं घूमा। केवल काम से ही लोग बाहर निकले। बाजारों में महिलाओं और बच्चों की संख्या भी कम रही। सुबह को दुकानें देर से खुलीं, जिससे दोपहर तक टाउनहाल जाने वाली सड़क और गोविंदगंज में सड़क पर सन्नाटा पसरा रहा। मगर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद बाजार आम दिनों की तरह खुला रहा।
पूर्वाह्न 11:30 बजे, बहादुरगंज बाजार
शहर के बहादुरगंज में शनिवार को माहौल आम दिनों की तरह सामान्य रहा। वहां सुबह11:30 बजे मोहम्मद शफीक की मिठाई की दुकान पर बैठे हबीब, मोहम्मद सगीर आपस में अयोध्या मसले पर आए फैसले को लेकर चर्चा कर रहे थे। जब उन लोगों से फैसले के बाबत पूछा तो कहा कि हम सभी कोर्ट के फैसले का सम्मान करते हैं।
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सुबह 11:35 बजे, लोहा मंडी
बहादुरगंज स्थित लोहामंडी के नुक्कड़ पर सुबह 11:35 बजे कुछ लोग खड़े थे। यहां पर भी इन लोगों के बीच केवल अयोध्या मसले को लेकर चर्चा हो रही थी। यह लोग भी एक ही बात कह रहे थे कि कोर्ट ने जो भी निर्णय लिया है, वह बेहतर है और सभी को इस फैसले को मानना चाहिए। इन लोगों का कहना था कि मामले का पटाक्षेप जरूरी था।
दोपहर 12:00, बिजलीपुरा मोहल्ला
शहर के मोहल्ला बिजलीपुरा में ज्यादात मुस्लिम आबादी है। यहां दोपहर करीब 12 माहौल सामान्य दिखा, लेकिन ज्यादातर लोग अपने घरों के अंदर थे। एक गली में जाकर देखा तो ज्यादातर घरों के दरवाजे बंद थे। गली में इक्का-दुक्का लोग ही नजर आ रहे थे। एक दुकान पर दो लोग खड़े मिले, लेकिन कोई आपस में बातचीत नहीं कर रहा था।
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कचहरी, सरकारी दफ्तर और स्कूल-कॉलेज में छुट्टी होने से सामान्य दिनों की अपेक्षा सड़क पर भीड़ कम रही। आशंकाओं के चलते बेवजह कोई नहीं घूमा। केवल काम से ही लोग बाहर निकले। बाजारों में महिलाओं और बच्चों की संख्या भी कम रही। सुबह को दुकानें देर से खुलीं, जिससे दोपहर तक टाउनहाल जाने वाली सड़क और गोविंदगंज में सड़क पर सन्नाटा पसरा रहा। मगर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद बाजार आम दिनों की तरह खुला रहा।
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पूर्वाह्न 11:30 बजे, बहादुरगंज बाजार
शहर के बहादुरगंज में शनिवार को माहौल आम दिनों की तरह सामान्य रहा। वहां सुबह11:30 बजे मोहम्मद शफीक की मिठाई की दुकान पर बैठे हबीब, मोहम्मद सगीर आपस में अयोध्या मसले पर आए फैसले को लेकर चर्चा कर रहे थे। जब उन लोगों से फैसले के बाबत पूछा तो कहा कि हम सभी कोर्ट के फैसले का सम्मान करते हैं।
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सुबह 11:35 बजे, लोहा मंडी
बहादुरगंज स्थित लोहामंडी के नुक्कड़ पर सुबह 11:35 बजे कुछ लोग खड़े थे। यहां पर भी इन लोगों के बीच केवल अयोध्या मसले को लेकर चर्चा हो रही थी। यह लोग भी एक ही बात कह रहे थे कि कोर्ट ने जो भी निर्णय लिया है, वह बेहतर है और सभी को इस फैसले को मानना चाहिए। इन लोगों का कहना था कि मामले का पटाक्षेप जरूरी था।
दोपहर 12:00, बिजलीपुरा मोहल्ला
शहर के मोहल्ला बिजलीपुरा में ज्यादात मुस्लिम आबादी है। यहां दोपहर करीब 12 माहौल सामान्य दिखा, लेकिन ज्यादातर लोग अपने घरों के अंदर थे। एक गली में जाकर देखा तो ज्यादातर घरों के दरवाजे बंद थे। गली में इक्का-दुक्का लोग ही नजर आ रहे थे। एक दुकान पर दो लोग खड़े मिले, लेकिन कोई आपस में बातचीत नहीं कर रहा था।