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जहां वध न हो वह अवध : कथा व्यास
Thu, 17 Apr 2025 12:42 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Thu, 17 Apr 2025 12:42 AM IST
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रोजा स्थित श्री नारायण ठाकुरद्वारा मंदिर में रामकथा सुनाते कथाव्यास योगेश दीक्षित। संवाद
रोजा। श्री नारायण ठाकुरद्वारा मंदिर परिसर में 31वां नव चंडी महायज्ञ, श्री रामकथा एवं श्रीमद् भागवत कथा चल रही है। दूसरे दिन बुधवार को कथा व्यास पंडित योगेश दीक्षित जी महाराज ने श्रीराम जन्म की मनोहारी कथा सुनाई।
कथा व्यास ने अयोध्या और अवध का तात्विक भाव बताते हुए कहा कि जहां वध न हो वह अवध, जहां युद्ध नहीं हो वह अयोध्या और जिसने दसों इंद्रियों को वश में कर लिया वही दशरथ हैं। इसके विपरीत दसों इंद्रियों से भोग करने वाला ही दशमुख अर्थात दशानन है। इससे पूर्व नैमिषारण्य से आए आचार्य स्वतंत्र कुमार मिश्रा, रत्नेश मिश्रा, माधुरी मिश्रा, पुलकित शुक्ला, शांतनु शुक्ला आदि ने यज्ञ कराया। कथा के बीच परी किशोरी ने कई भजन सुनाए। इस दौरान स्वामी रामेश्वराश्रम जी महाराज, बीनू सिंह, संजीव मिश्रा, हरी किशोर दीक्षित आदि मौजूद रहे। संवाद
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कथा व्यास ने अयोध्या और अवध का तात्विक भाव बताते हुए कहा कि जहां वध न हो वह अवध, जहां युद्ध नहीं हो वह अयोध्या और जिसने दसों इंद्रियों को वश में कर लिया वही दशरथ हैं। इसके विपरीत दसों इंद्रियों से भोग करने वाला ही दशमुख अर्थात दशानन है। इससे पूर्व नैमिषारण्य से आए आचार्य स्वतंत्र कुमार मिश्रा, रत्नेश मिश्रा, माधुरी मिश्रा, पुलकित शुक्ला, शांतनु शुक्ला आदि ने यज्ञ कराया। कथा के बीच परी किशोरी ने कई भजन सुनाए। इस दौरान स्वामी रामेश्वराश्रम जी महाराज, बीनू सिंह, संजीव मिश्रा, हरी किशोर दीक्षित आदि मौजूद रहे। संवाद
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