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सावधानः शहर में धराशाई हो सकते हैं 65 मकान-दुकान
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शाहजहांपुर के गोविंद गंज में जर्जर भवन । संवाद
- फोटो : SHAHJAHANPUR
शाहजहांपुर। नगर निगम के दायरे में बने तमाम मकान-दुकान न सिर्फ जर्जर हो चुके हैं, बल्कि ये कभी भी धराशाई हो सकते हैं। इससे आसपास और इनमें रहने वालों की जान का खतरा बना हुआ है। खास बात यह है इन मकानों में रहने वाले इन्हें खाली करने को तैयार नहीं हैं। नगर निगम की ओर से ऐसे 65 भवन (27 जर्जर और 38 आंशिक जर्जर) चिह्नित किए हैं, जो गिरासू हालत में हैं। इन्हें नोटिस देकर खाली कराने के निर्देश दिए गए हैं।
करीब छह लाख की आबादी वाले शहर में लगभग एक लाख भवन हैं। नगर निगम की ओर से जारी सूची के मुताबिक 27 भवन जर्जर और 38 आंशिक जर्जर की स्थिति में हैं। आंशिक जर्जर भवनों में वो मकान और दुकानें हैं, जो मरम्मत लायक हैं। जर्जर भवन में वह मकान-दुकान हैं, जिनकी मरम्मत नहीं हो सकती। शहर में सबसे अधिक जर्जर और आंशिक जर्जर भवनों की संख्या लाल इमली चौराहा, खिरनीबाग व तारीन टिकली मोहल्लों में हैं।
कटियाटोला, फत्तेपुर रेती, सदर बाजार, बिजया बैंक के पास भी जर्जर भवन हैं। जबकि आंशिक जर्जर भवन शहर के लगभग सभी पुराने मोहल्लों में हैं। चारखंभा, गर्रा रोड, बंगला सरोदी, चमकनी, छोटी सब्जी मंडी बहादुरगंज में भी आंशिक जर्जर भवन मौजूद हैं। इन्हीं में से 65 जर्जर और आंशिक जर्जर भवनों को नोटिस जारी किए हैं।
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दो तरह के नोटिस किए जाते हैं जारी
नगर निगम की ओर से दो तरह के नोटिस जारी किए गए हैं। एक उन लोगों को जोकि खुद ही अपने जर्जर भवन को गिराए जाने का अनुरोध करते हैं। उनको नोटिस देकर भवन को खाली करने के निर्देश दिए जाते हैं और उसके बाद नगर निगम द्वारा भवन को गिरवा दिया जाता है। इसमें होने वाले खर्च को भवन स्वामी से ही लिया जाता है। दूसरा नोटिस उन लोगों को जारी किया जाता है, जिनका भवन जर्जर हो चुका है और कभी भी गिर सकता है। उन्हें नोटिस जारी कर भवन को खाली करने और गिरवाने के निर्देश दिए जाते हैं।
लोग खाली नहीं करना चाहते जर्जर भवन
नगर निगम की ओर से सर्वे कराए जाने पर जर्जर और आंशिक जर्जर भवनों के मालिकों को नोटिस जारी किए जाते हैं। लेकिन ये भवनों को खाली ही नहीं करना चाहते है। नगर निगम की ओर से इन पर कोई सख्ती नहीं बरती जाती है। इसकी वजह से ये कभी भी हादसे का कारण बन सकते हैं। बरसात में खासतौर पर ये भवन खतरे का सबब बन जाते हैं।
सर्वे कराने पर शहर में अब तक 65 भवन जर्जर और आंशिक जर्जर स्थिति में मिले हैं। इन भवन स्वामियों को नोटिस जारी किए गए है। जर्जर और आंशिक जर्जर भवनों की संख्या बढ़ सकती है। सभी को नोटिस जारी किया जाएगा। जो लोग खुद ही भवन गिराने का अनुरोध करते हैं, उनके खर्चे पर ही नगर निगम भवन का गिराने की कार्रवाई करता है। - आशीष त्रिवेदी, मुख्य अभियंता (निर्माण), नगर निगम शाहजहांपुर।
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करीब छह लाख की आबादी वाले शहर में लगभग एक लाख भवन हैं। नगर निगम की ओर से जारी सूची के मुताबिक 27 भवन जर्जर और 38 आंशिक जर्जर की स्थिति में हैं। आंशिक जर्जर भवनों में वो मकान और दुकानें हैं, जो मरम्मत लायक हैं। जर्जर भवन में वह मकान-दुकान हैं, जिनकी मरम्मत नहीं हो सकती। शहर में सबसे अधिक जर्जर और आंशिक जर्जर भवनों की संख्या लाल इमली चौराहा, खिरनीबाग व तारीन टिकली मोहल्लों में हैं।
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कटियाटोला, फत्तेपुर रेती, सदर बाजार, बिजया बैंक के पास भी जर्जर भवन हैं। जबकि आंशिक जर्जर भवन शहर के लगभग सभी पुराने मोहल्लों में हैं। चारखंभा, गर्रा रोड, बंगला सरोदी, चमकनी, छोटी सब्जी मंडी बहादुरगंज में भी आंशिक जर्जर भवन मौजूद हैं। इन्हीं में से 65 जर्जर और आंशिक जर्जर भवनों को नोटिस जारी किए हैं।
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दो तरह के नोटिस किए जाते हैं जारी
नगर निगम की ओर से दो तरह के नोटिस जारी किए गए हैं। एक उन लोगों को जोकि खुद ही अपने जर्जर भवन को गिराए जाने का अनुरोध करते हैं। उनको नोटिस देकर भवन को खाली करने के निर्देश दिए जाते हैं और उसके बाद नगर निगम द्वारा भवन को गिरवा दिया जाता है। इसमें होने वाले खर्च को भवन स्वामी से ही लिया जाता है। दूसरा नोटिस उन लोगों को जारी किया जाता है, जिनका भवन जर्जर हो चुका है और कभी भी गिर सकता है। उन्हें नोटिस जारी कर भवन को खाली करने और गिरवाने के निर्देश दिए जाते हैं।
लोग खाली नहीं करना चाहते जर्जर भवन
नगर निगम की ओर से सर्वे कराए जाने पर जर्जर और आंशिक जर्जर भवनों के मालिकों को नोटिस जारी किए जाते हैं। लेकिन ये भवनों को खाली ही नहीं करना चाहते है। नगर निगम की ओर से इन पर कोई सख्ती नहीं बरती जाती है। इसकी वजह से ये कभी भी हादसे का कारण बन सकते हैं। बरसात में खासतौर पर ये भवन खतरे का सबब बन जाते हैं।
सर्वे कराने पर शहर में अब तक 65 भवन जर्जर और आंशिक जर्जर स्थिति में मिले हैं। इन भवन स्वामियों को नोटिस जारी किए गए है। जर्जर और आंशिक जर्जर भवनों की संख्या बढ़ सकती है। सभी को नोटिस जारी किया जाएगा। जो लोग खुद ही भवन गिराने का अनुरोध करते हैं, उनके खर्चे पर ही नगर निगम भवन का गिराने की कार्रवाई करता है। - आशीष त्रिवेदी, मुख्य अभियंता (निर्माण), नगर निगम शाहजहांपुर।