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Shahjahanpur News: तापमान बढ़ने के साथ ही आग लगने की घटनाएं बढ़ीं... इंतजाम अधूरे
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अग्निशमन केंद्र में खड़ी फायर बाइक। संवाद
शाहजहांपुर। अप्रैल में तापमान में उछाल आने के साथ ही आग लगने की घटनाएं बढ़ गईं हैं। गेहूं की फसल खड़ी होने के चलते सबसे ज्यादा आग लगने की घटनाएं इसी महीने में होती हैं। बावजूद इसके आग पर काबू पाने के लिए दमकल यूनिट के पास इंतजाम अधूरे हैं। तिलहर और कलान में फायर स्टेशन नहीं है। वहीं, शहर में ऊंची इमारतों में आग से बचाव के इंतजाम नहीं हैं।
होली के बाद मौसम के रुख बदलने के साथ ही तापमान में उछाल आ गया है। अप्रैल में गेहूं की फसल तैयार होने के चलते सबसे ज्यादा आग की घटनाएं खेतों पर होती हैं। महानगर होने के बावजूद जिले में दमकल यूनिट के पास पर्याप्त संसाधन नहीं है। पुवायां, जलालाबाद और सदर क्षेत्र में फायर स्टेशन के पास भवन हैं लेकिन तिलहर और कलान में भवन बनना स्वीकृत है।
हालांकि, क्षेत्र में मध्यम श्रेणी के दमकल वाहन को तैनात किया गया है। कलान और मिर्जापुर क्षेत्र के गांवों के लिए मिर्जापुर में एक स्कूल में फायर टेंडर खड़ा रहता है। इसी तरह मीरानपुर कटरा में थाने में गाड़ी खड़ी की जाती है। फायर स्टेशन बनाने के लिए प्रक्रिया चल रही है। इन स्थानों पर स्टाफ के तौर पर एक चालक व तीन सिपाही तैनात हैं।
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स्टाफ का अभाव
दमकल यूनिट, स्टाफ के अभाव से जूझ रही है। शहरी क्षेत्र में एक भी सेकंड अफसर नहीं है। पांच एफएसओ के स्थान पर एक ही तैनात हैं। यहां पर हवलदार तीन होने चाहिए लेकिन एक ही नियुक्त है। वह भी सेवानिवृत्त होने वाले हैं। 26 सिपाहियों के सापेक्ष मात्र 16 की ही तैनाती है। पूरे जनपद में 11 गाड़ियां है लेकिन उनके सापेक्ष आठ चालक हैं। संकरी गलियों और सिलिंडर की मामूली आग बुझाने के लिए दो फायर बाइक हैं। इसमें एक शहर में दूसरी पुवायां में है। जनपद में 26 सिपाही होने चाहिए लेकिन 15 मौजूद हैं।
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बहुमंजिला भवन में आग बुझाने के नहीं इंतजाम, वाटर हाइड्रेंट नदारद
शहर में कई बहुमंजिला भवन हैं। दमकल विभाग के पास बहुमंजिला भवन में आग बुझाने के लिए क्रेन की व्यवस्था नहीं है। आग लगने पर नीचे से पानी की बौछार ऊपर तक पहुंचाने के प्रयास किए जाएंगे। इसके साथ ही वाटर हाइड्रेंट लाइन शहर में नहीं बिछाई गई है। शहर में ओवरहैड टैंक के पास से प्वाइंट दे दिया गया है। विभाग के अधिकारियों के मुताबिक शहर में 10 से 12 ऐसे प्वाइंट होंगे, जहां से फायर टेंडर में पानी भरा जाता है।
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एक हफ्ते में आग लगने की घटनाएं
- 7 अप्रैल : रोजा की मंडी समिति की सब्जी व फल मंडी में शार्ट-सर्किट से 18 दुकानों में लगी आग से हजारों का नुकसान हो गया था।
- 8 अप्रैल : विकास भवन स्थित मनरेगा कार्यालय में शाॅर्ट-सर्किट से आग लग गई थी। कार्यालय में फिनिशिंग का कार्य चल रहा था।
- 10 अप्रैल : निगोही के बिछौली गांव स्थित बाग में पड़ी झोंपड़ी में लगी आग से गृहस्थी राख हो गई थी। खुदागंज के मकरंदपुर गांव में गेहूं की फसल में आग लग गई थी।
- 11 अप्रैल : बंडा के देवकली में हाईटेंशन लाइन में हुए शार्ट-सर्किट से चार बीघा गेहूं की फसल जलकर राख हो गई थी। साथ ही, खुटार के नवाजपुर गांव में एक एकड़ व निगोही के अंडखेड़ा में चार एकड़ गेहूं की फसल राख हो गई थी।
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सीमित संसाधनों के साथ ही कार्य किया जाता है। उसके बावजूद हर जगह पर पहुंचकर आग पर काबू पाने का प्रयास रहता है। स्टाफ को लेकर शासन स्तर पर कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ.बीएन पटेल, एफएसओ
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होली के बाद मौसम के रुख बदलने के साथ ही तापमान में उछाल आ गया है। अप्रैल में गेहूं की फसल तैयार होने के चलते सबसे ज्यादा आग की घटनाएं खेतों पर होती हैं। महानगर होने के बावजूद जिले में दमकल यूनिट के पास पर्याप्त संसाधन नहीं है। पुवायां, जलालाबाद और सदर क्षेत्र में फायर स्टेशन के पास भवन हैं लेकिन तिलहर और कलान में भवन बनना स्वीकृत है।
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हालांकि, क्षेत्र में मध्यम श्रेणी के दमकल वाहन को तैनात किया गया है। कलान और मिर्जापुर क्षेत्र के गांवों के लिए मिर्जापुर में एक स्कूल में फायर टेंडर खड़ा रहता है। इसी तरह मीरानपुर कटरा में थाने में गाड़ी खड़ी की जाती है। फायर स्टेशन बनाने के लिए प्रक्रिया चल रही है। इन स्थानों पर स्टाफ के तौर पर एक चालक व तीन सिपाही तैनात हैं।
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स्टाफ का अभाव
दमकल यूनिट, स्टाफ के अभाव से जूझ रही है। शहरी क्षेत्र में एक भी सेकंड अफसर नहीं है। पांच एफएसओ के स्थान पर एक ही तैनात हैं। यहां पर हवलदार तीन होने चाहिए लेकिन एक ही नियुक्त है। वह भी सेवानिवृत्त होने वाले हैं। 26 सिपाहियों के सापेक्ष मात्र 16 की ही तैनाती है। पूरे जनपद में 11 गाड़ियां है लेकिन उनके सापेक्ष आठ चालक हैं। संकरी गलियों और सिलिंडर की मामूली आग बुझाने के लिए दो फायर बाइक हैं। इसमें एक शहर में दूसरी पुवायां में है। जनपद में 26 सिपाही होने चाहिए लेकिन 15 मौजूद हैं।
बहुमंजिला भवन में आग बुझाने के नहीं इंतजाम, वाटर हाइड्रेंट नदारद
शहर में कई बहुमंजिला भवन हैं। दमकल विभाग के पास बहुमंजिला भवन में आग बुझाने के लिए क्रेन की व्यवस्था नहीं है। आग लगने पर नीचे से पानी की बौछार ऊपर तक पहुंचाने के प्रयास किए जाएंगे। इसके साथ ही वाटर हाइड्रेंट लाइन शहर में नहीं बिछाई गई है। शहर में ओवरहैड टैंक के पास से प्वाइंट दे दिया गया है। विभाग के अधिकारियों के मुताबिक शहर में 10 से 12 ऐसे प्वाइंट होंगे, जहां से फायर टेंडर में पानी भरा जाता है।
एक हफ्ते में आग लगने की घटनाएं
- 7 अप्रैल : रोजा की मंडी समिति की सब्जी व फल मंडी में शार्ट-सर्किट से 18 दुकानों में लगी आग से हजारों का नुकसान हो गया था।
- 8 अप्रैल : विकास भवन स्थित मनरेगा कार्यालय में शाॅर्ट-सर्किट से आग लग गई थी। कार्यालय में फिनिशिंग का कार्य चल रहा था।
- 10 अप्रैल : निगोही के बिछौली गांव स्थित बाग में पड़ी झोंपड़ी में लगी आग से गृहस्थी राख हो गई थी। खुदागंज के मकरंदपुर गांव में गेहूं की फसल में आग लग गई थी।
- 11 अप्रैल : बंडा के देवकली में हाईटेंशन लाइन में हुए शार्ट-सर्किट से चार बीघा गेहूं की फसल जलकर राख हो गई थी। साथ ही, खुटार के नवाजपुर गांव में एक एकड़ व निगोही के अंडखेड़ा में चार एकड़ गेहूं की फसल राख हो गई थी।
सीमित संसाधनों के साथ ही कार्य किया जाता है। उसके बावजूद हर जगह पर पहुंचकर आग पर काबू पाने का प्रयास रहता है। स्टाफ को लेकर शासन स्तर पर कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ.बीएन पटेल, एफएसओ

अग्निशमन केंद्र में खड़ी फायर बाइक। संवाद