{"_id":"694aef62c426ffacee0686d0","slug":"anemia-is-a-serious-problem-among-adolescent-girls-they-should-be-vigilant-about-their-health-shahjahanpur-news-c-122-1-sbly1042-161136-2025-12-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shahjahanpur News: किशोरियों में खून की कमी गंभीर समस्या, स्वास्थ्य के प्रति रहें सचेत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shahjahanpur News: किशोरियों में खून की कमी गंभीर समस्या, स्वास्थ्य के प्रति रहें सचेत
विज्ञापन
तिलहर में जीजीआईसी में अपराजिता कार्यक्रम के दौरान उपस्थित छात्राएं व सीएचसी प्रभारी डॉ.ओमेंद्
तिलहर। सीएचसी प्रभारी डॉ. ओमेंद्र राठौर ने कहा कि भारत में महिलाओं में रक्ताल्पता की दर चिंताजनक है। महिलाओं को अपने स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहते हुए आयरन की टेबलेट का सेवन करना चाहिए। इसके अलावा किशोरियों में खून की कमी होना गंभीर समस्या के रूप में सामने आ रहा है। उन्होंने मौसमी बीमारियों से बचाव की जानकारी भी दी।
वह अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से राजकीय कन्या इंटर कॉलेज (जीजीआईसी) में आयोजित अपराजिता कार्यक्रम में छात्राओं को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में करीब 55 छात्राएं मौजूद रहीं। सीएचसी प्रभारी ने छात्राओं को सेहत, कॅरिअर और आत्मनिर्भरता का संदेश दिया।
उन्होंने कहा कि माहवारी को लेकर कई तरह के भ्रम हैं। उन्होंने खानपान, बाहर घूमने और कपड़े के इस्तेमाल से जुड़े भ्रम को दूर किया। बताया कि वर्तमान में कैंसर के लक्षण समय रहते पहचाने जा सकते हैं। नौ से 12 वर्ष की बालिकाओं के लिए सर्वाइकल कैंसर की वैक्सीन उपलब्ध है। बीमारियों के प्रति छात्राओं को खुद जागरूक रहना होगा।
विज्ञापन
डॉ. ओमेंद्र ने छात्र-छात्राओं को मौसमी बीमारियों के प्रति सचेत किया। उन्होंने कहा कि सर्दी लगने से बुखार, जुकाम, खांसी आदि हो सकती हैं। इसके बचाव के लिए सर्दी से बचाव जरूरी है। सुबह नाश्ते में पोषक तत्वों को जरूर शामिल करें। मौसमी फल और हरी पत्तेदार सब्जियां जरूर खाएं। उन्होंने मोबाइल से दूरी बनाने और अखबार पढ़ने पर जोर दिया।
कहा कि महिलाओं को अपने अधिकारों के लिए आवाज उठानी चाहिए। अधिकार न मिलें तो उन्हें हासिल करने का साहस दिखाना चाहिए। खुद को अबला मानने की सोच को पूरी तरह त्याग दें और अपने कॅरिअर को लेकर स्पष्ट लक्ष्य तय करें।
प्रधानाचार्य शशि आजाद ने कहा कि छात्राओं को केवल चूल्हे-चौके तक सीमित नहीं रहना चाहिए। मोबाइल की रील में भी न उलझें। देश-प्रदेश और दुनिया की गतिविधियों से अपडेट रहने के लिए अखबार एक विश्वसनीय माध्यम हैं इसलिए नियमित अखबार पढ़ने की आदत डालें। कार्यक्रम में शिखत बानो, मानसी, रीना कुमारी, उमम खान आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
वह अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से राजकीय कन्या इंटर कॉलेज (जीजीआईसी) में आयोजित अपराजिता कार्यक्रम में छात्राओं को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में करीब 55 छात्राएं मौजूद रहीं। सीएचसी प्रभारी ने छात्राओं को सेहत, कॅरिअर और आत्मनिर्भरता का संदेश दिया।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि माहवारी को लेकर कई तरह के भ्रम हैं। उन्होंने खानपान, बाहर घूमने और कपड़े के इस्तेमाल से जुड़े भ्रम को दूर किया। बताया कि वर्तमान में कैंसर के लक्षण समय रहते पहचाने जा सकते हैं। नौ से 12 वर्ष की बालिकाओं के लिए सर्वाइकल कैंसर की वैक्सीन उपलब्ध है। बीमारियों के प्रति छात्राओं को खुद जागरूक रहना होगा।
विज्ञापन
डॉ. ओमेंद्र ने छात्र-छात्राओं को मौसमी बीमारियों के प्रति सचेत किया। उन्होंने कहा कि सर्दी लगने से बुखार, जुकाम, खांसी आदि हो सकती हैं। इसके बचाव के लिए सर्दी से बचाव जरूरी है। सुबह नाश्ते में पोषक तत्वों को जरूर शामिल करें। मौसमी फल और हरी पत्तेदार सब्जियां जरूर खाएं। उन्होंने मोबाइल से दूरी बनाने और अखबार पढ़ने पर जोर दिया।
कहा कि महिलाओं को अपने अधिकारों के लिए आवाज उठानी चाहिए। अधिकार न मिलें तो उन्हें हासिल करने का साहस दिखाना चाहिए। खुद को अबला मानने की सोच को पूरी तरह त्याग दें और अपने कॅरिअर को लेकर स्पष्ट लक्ष्य तय करें।
प्रधानाचार्य शशि आजाद ने कहा कि छात्राओं को केवल चूल्हे-चौके तक सीमित नहीं रहना चाहिए। मोबाइल की रील में भी न उलझें। देश-प्रदेश और दुनिया की गतिविधियों से अपडेट रहने के लिए अखबार एक विश्वसनीय माध्यम हैं इसलिए नियमित अखबार पढ़ने की आदत डालें। कार्यक्रम में शिखत बानो, मानसी, रीना कुमारी, उमम खान आदि मौजूद रहे।