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Shahjahanpur News: फर्जी बैनामों के बाद दाखिल खारिज करने का आरोप
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पुवायां तहसील में नायब तहसीलदार सृजित निगम से वार्ता करते भाकियू भानु गुट के कार्यकर्ता। संवाद
भाकियू ने किया धरना प्रदर्शन, दाखिल खारिज निरस्त करने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
पुवायां। फर्जी बैनामे कराने और शिकायत के बाद भी दाखिल खारिज कर दिए जाने का आरोप लगाते हुए भाकियू भानु गुट के कार्यकर्ताओं ने बृहस्पतिवार को तहसील परिसर में धरना-प्रदर्शन कर डीएम के नाम ज्ञापन सौंपा।
जिलाध्यक्ष महेंद्रपाल सिंह यादव के नेतृत्व में कार्यकर्ता दिन में 11 बजे धरने पर बैठ गए। नायब तहसीलदार सृजित निगम ने मौके पर पहुंचकर कार्यकर्ताओं से बात की। इसके बाद उनको डीएम के नाम ज्ञापन दिया गया। ज्ञापन में बताया गया है कि खुटार के गांव बिजौरा बिजौरिया में तत्कालीन राजस्वकर्मियों ने फर्जी रूप से जमीन को कुछ लोगों के नाम दर्ज कर दिया था।
भूमाफिया जमीनों पर काबिज रहे। बाद में फर्जी लोगों को खड़ा कर जमीन का बैनामा दूसरे लोगों के नाम कर दिया गया। तहसील के अधिकारियों को पूरे प्रकरण से अवगत कराने के बाद भी दाखिल खारिज कर दिया गया। एसडीएम को जानकारी देने पर मामले में वर्ष 2023 में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
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रिपोर्ट दर्ज होने के बाद भी गलत तरीके से दाखिल खारिज करने का आदेश निरस्त नहीं किया गया। जमीन को अवैध कब्जे से मुक्त करवाकर गांवसभा के नाम दर्ज किए जाने की मांग की गई। नायब तहसीलदार ने मामले की जांच का आश्वासन दिया, इसके बाद धरना प्रदर्शन समाप्त कर दिया गया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
पुवायां। फर्जी बैनामे कराने और शिकायत के बाद भी दाखिल खारिज कर दिए जाने का आरोप लगाते हुए भाकियू भानु गुट के कार्यकर्ताओं ने बृहस्पतिवार को तहसील परिसर में धरना-प्रदर्शन कर डीएम के नाम ज्ञापन सौंपा।
जिलाध्यक्ष महेंद्रपाल सिंह यादव के नेतृत्व में कार्यकर्ता दिन में 11 बजे धरने पर बैठ गए। नायब तहसीलदार सृजित निगम ने मौके पर पहुंचकर कार्यकर्ताओं से बात की। इसके बाद उनको डीएम के नाम ज्ञापन दिया गया। ज्ञापन में बताया गया है कि खुटार के गांव बिजौरा बिजौरिया में तत्कालीन राजस्वकर्मियों ने फर्जी रूप से जमीन को कुछ लोगों के नाम दर्ज कर दिया था।
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भूमाफिया जमीनों पर काबिज रहे। बाद में फर्जी लोगों को खड़ा कर जमीन का बैनामा दूसरे लोगों के नाम कर दिया गया। तहसील के अधिकारियों को पूरे प्रकरण से अवगत कराने के बाद भी दाखिल खारिज कर दिया गया। एसडीएम को जानकारी देने पर मामले में वर्ष 2023 में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
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रिपोर्ट दर्ज होने के बाद भी गलत तरीके से दाखिल खारिज करने का आदेश निरस्त नहीं किया गया। जमीन को अवैध कब्जे से मुक्त करवाकर गांवसभा के नाम दर्ज किए जाने की मांग की गई। नायब तहसीलदार ने मामले की जांच का आश्वासन दिया, इसके बाद धरना प्रदर्शन समाप्त कर दिया गया।