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पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री के रिश्तेदार की मिल से हुआ पूरा खेल
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पुवायां। धान खरीद में गोलमाल का खेल पंजाब के एक पूर्व मुख्यमंत्री के रिश्तेदार की राइस मिल से संचालित हुआ। मगर राइस मिलर के राजनीतिक रसूख के चलते अधिकारी केंद्र प्रभारियों पर रिपोर्ट दर्ज कर उसे बचाने में लगे हैं। सूत्रों का कहना है कि पूरी प्लानिंग के साथ इस खेल को अंजाम दिया गया। राइस मिल में अस्थायी कर्मचारियों की भर्ती की गई। फिर इन्हीं कर्मचारियों ने किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का लालच देकर खतौनी, बैंक पासबुक और आधार कार्ड की छायाप्रति हासिल की। फर्जी खरीद में इन्हीं दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया। घोटाले में एक तरफ तो किसान से कम कीमत पर धान खरीदकर माफिया ने मोटा मुनाफा कमाया और दूसरी ओर हैंडलिंग की मद का रुपया भी हड़प लिया।
पुवायां में पंजाब के एक पूर्व मुख्यमंत्री के रिश्तेदार की राइस मिल है। सूत्राें का कहना है कि अगस्त में राइस मिल मालिक ने सर्वे के नाम पर लगभग 40 कर्मचारियों की भर्ती की थी। उन्हें बताया गया था कि किसानों के रजिस्ट्रेशन कंपनी में करने हैं। फिर इन कर्मचारियों ने गांव-गांव जाकर किसानों को बताया है कि रजिस्ट्रेशन कराने पर कंपनी से उन्हें काफी लाभ होगा। इसके लिए किसानों से खतौनी, बैंक पासबुक और आधार कार्ड का छायाप्रति हासिल कर मिल अधिकारियों को साैंप दी गई। इसके बाद मिल की ओर से गठित समितियों के नाम धान खरीद के सेंटर हासिल कर मिल में खरीदा गया धान इन सेंटरों पर खरीदा जाना दिखाकर सरकारी धन हड़प लिया गया। किसानों के मोबाइल पर धान बेचने के मेसेज पहुंचे तो उन्होंने शिकायत की, लेकिन रसखदार राइस मिलर पर जिला प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की। शासन स्तर पर शिकायत के बाद जांच शुरू हुई तो अफसरों ने पांच केंद्र प्रभारियों पर रिपोर्ट दर्ज कराकर मामले को दबाने की कोशिश शुरू कर दी है। मगर फर्जीवाड़े के मुख्य सूत्रधार राइस मिलर और उसकी बनाई समितियों की खरीद की जांच नहीं करने से अफसरों की मंशा पर सवाल उठ रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि अगर इस मामले में ईमानदारी से कार्रवाई हुई तो कई बड़ों की गर्दन फंसना तय है।
इन किसानों ने उठाया था फर्जी खरीद का मामला
गांव बितौनी के प्रधान हरिनंदन मिश्रा के पिता रामदेव के धान फर्जी रूप से किसान उत्थान उपभोक्ता एसएस लिमिटेड ब्योर सेंटर पर बिक्री होना दर्शाया गया था। उन्होंने 20 नवंबर को डीएम की अध्यक्षता में हुई कृषक बंधु की बैठक में इसकी शिकायत की। 23 नंवबर को गांव चठिया नजावत के बलकार सिंह के नाम किसान उत्थान यूपीएसएस लिमिटेड अगौना बुजुर्ग सेंटर पर 22 क्विंटल धान बेचे जाने का मेसेज आया, उन्होंने भी सेंटर पर धान नहीं बेचा था। गांव इनायतपुर के रघुवीर सिंह ने अपना धान राइस मिल पर बेचा था, जिसके साक्ष्य भी उनके पास मौजूद हैं। उनके पास दो सेंटरों से मेसेज आए हैं कि उन्होंने सरकारी रेट में धान की बिक्री की है।
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सांसद चिराग पासवान से भी हुई थी शिकायत
सपा लोहिया वाहिनी के प्रदेश सचिव पुवायां निवासी हिमांशु वाजपेयी ने सांसद चिराग पासवान से मिलकर धान खरीद में धांधली का मुद्दा उठाया था। बताया था कि किसानों से आधार कार्ड, किसान बही की प्रति लेकर उनका धान सरकारी क्रय केंद्रों पर बिक्री दिखाया जा रहा है, जबकि धान राइस मिल मालिकों ने खरीदा है और उसे सेंटर पर खरीद दर्शाकर भारी गोलमाल किया जा रहा है।
एडीएम ने 14 बिंदुओं पर रिपोर्ट मांगी थी। जांच करके यह रिपोर्ट भिजवा दी गई थी। जिन सेंटरों की जांच की गई थी, वे बंडा क्षेत्र के थे।
- सौरभ भट्ट, एसडीएम पुवायां
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पुवायां में पंजाब के एक पूर्व मुख्यमंत्री के रिश्तेदार की राइस मिल है। सूत्राें का कहना है कि अगस्त में राइस मिल मालिक ने सर्वे के नाम पर लगभग 40 कर्मचारियों की भर्ती की थी। उन्हें बताया गया था कि किसानों के रजिस्ट्रेशन कंपनी में करने हैं। फिर इन कर्मचारियों ने गांव-गांव जाकर किसानों को बताया है कि रजिस्ट्रेशन कराने पर कंपनी से उन्हें काफी लाभ होगा। इसके लिए किसानों से खतौनी, बैंक पासबुक और आधार कार्ड का छायाप्रति हासिल कर मिल अधिकारियों को साैंप दी गई। इसके बाद मिल की ओर से गठित समितियों के नाम धान खरीद के सेंटर हासिल कर मिल में खरीदा गया धान इन सेंटरों पर खरीदा जाना दिखाकर सरकारी धन हड़प लिया गया। किसानों के मोबाइल पर धान बेचने के मेसेज पहुंचे तो उन्होंने शिकायत की, लेकिन रसखदार राइस मिलर पर जिला प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की। शासन स्तर पर शिकायत के बाद जांच शुरू हुई तो अफसरों ने पांच केंद्र प्रभारियों पर रिपोर्ट दर्ज कराकर मामले को दबाने की कोशिश शुरू कर दी है। मगर फर्जीवाड़े के मुख्य सूत्रधार राइस मिलर और उसकी बनाई समितियों की खरीद की जांच नहीं करने से अफसरों की मंशा पर सवाल उठ रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि अगर इस मामले में ईमानदारी से कार्रवाई हुई तो कई बड़ों की गर्दन फंसना तय है।
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इन किसानों ने उठाया था फर्जी खरीद का मामला
गांव बितौनी के प्रधान हरिनंदन मिश्रा के पिता रामदेव के धान फर्जी रूप से किसान उत्थान उपभोक्ता एसएस लिमिटेड ब्योर सेंटर पर बिक्री होना दर्शाया गया था। उन्होंने 20 नवंबर को डीएम की अध्यक्षता में हुई कृषक बंधु की बैठक में इसकी शिकायत की। 23 नंवबर को गांव चठिया नजावत के बलकार सिंह के नाम किसान उत्थान यूपीएसएस लिमिटेड अगौना बुजुर्ग सेंटर पर 22 क्विंटल धान बेचे जाने का मेसेज आया, उन्होंने भी सेंटर पर धान नहीं बेचा था। गांव इनायतपुर के रघुवीर सिंह ने अपना धान राइस मिल पर बेचा था, जिसके साक्ष्य भी उनके पास मौजूद हैं। उनके पास दो सेंटरों से मेसेज आए हैं कि उन्होंने सरकारी रेट में धान की बिक्री की है।
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सांसद चिराग पासवान से भी हुई थी शिकायत
सपा लोहिया वाहिनी के प्रदेश सचिव पुवायां निवासी हिमांशु वाजपेयी ने सांसद चिराग पासवान से मिलकर धान खरीद में धांधली का मुद्दा उठाया था। बताया था कि किसानों से आधार कार्ड, किसान बही की प्रति लेकर उनका धान सरकारी क्रय केंद्रों पर बिक्री दिखाया जा रहा है, जबकि धान राइस मिल मालिकों ने खरीदा है और उसे सेंटर पर खरीद दर्शाकर भारी गोलमाल किया जा रहा है।
एडीएम ने 14 बिंदुओं पर रिपोर्ट मांगी थी। जांच करके यह रिपोर्ट भिजवा दी गई थी। जिन सेंटरों की जांच की गई थी, वे बंडा क्षेत्र के थे।
- सौरभ भट्ट, एसडीएम पुवायां