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भविष्य में लाभकारी सिद्ध होगा संवेदनाओं के अभाव वाला एआई : विशेश्वर

Fri, 02 May 2025 12:34 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर Updated Fri, 02 May 2025 12:34 AM IST
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AI without emotions will prove beneficial in future: Visheshwar
शाहजहांपुर में जीएफ कॉलेज में अंतरराष्ट्रीय सेमिनार के दौरान किताब का विमोचन करते अति​थि। स्रोत
शाहजहांपुर। नेपाल की नॉवेल अकादमी के सीईओ विशेश्वर आचार्य ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एक आवश्यक उपकरण है। इसमें संवेदनाओं का अभाव है, लेकिन यह भविष्य के लिए लाभदायक सिद्ध होगी।
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वे जीएफ कॉलेज के कॉमर्स और बीबीए विभाग व गेडू कॉलेज ऑफ बिजनेस स्टडीज, भूटान और नॉवेल एकेडमी, पोखरा नेपाल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सेमिनार के उद्घाटन पर बोल रहे थे। ''आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड ग्लोबल डेवलपमेंट’ विषय पर मुख्य वक्ता ने कहा कि तकनीक के दौर में एआई से जुड़ना चाहिए। इसके अनेक फायदे हैं, जो कार्य करने में पहले दो साल लगते थे, अब वे दो मिनट में हो जाएंगे, बशर्ते काॅपी-पेस्ट नहीं किया जाए। पढ़ाई समेत अन्य कार्य भी आसान हो जाएंगे। भूटान से आए विशिष्ट वक्ता प्रो. प्राण कुमार कौल ने कहा कि इसकी वजह से मानव श्रम के उपयोग के कम होने की संभावना है। साकेत महाविद्यालय अयोध्या से आए प्रो. मिर्जा साहब शाह ने कहा कि भारत में एक बड़ा वर्ग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्रयोग कर रहा है। किसी भी शिक्षा की यह खासियत होती है कि वह वक्त और रफ्तार पर नियंत्रण कर सकता है।
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एसएस कॉलेज के प्रो. अनुराग अग्रवाल ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस डाटाबेस होती है, उसमें विवेक और मानवता का अभाव होता है। प्राचार्य प्रो. मोहसिन हसन खां ने अतिथियों का स्वागत किया। तकनीकी सत्रों में विशेश्वर आचार्य, प्रो. नीरज शुक्ला, डॉ. मनीष कुमार, डॉ. संजय रस्तोगी, डॉ. अमित कुमार, डॉ. जागृति गुप्ता, प्रो. तूलिका सक्सेना, प्रो. प्राण कुमार कौल, डॉ. अब्दुल वाहिद फारुकी, डॉ. फजलुर्रहमान, डॉ. हरि सिंह सऊद आदि ने विचार रखे।
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50 छात्र-छात्राओं ने शोध पत्र पढ़े
-तकनीकी सत्रों में 50 छात्र-छात्राओं ने अपने शोध पत्र पढ़े। नबीहा हसन खान, जशनप्रीत, नाइजीरिया से याहया अब्दुलरहमान, अब्दुलरहमान अबूबकर, अब्दुलरहमान रबी, सरिया मुजीब, अभिया तिवारी, अलकमा, खुशी खन्ना, शिल्पी कुमारी, तेजस्वी राठौर, जगजीत सिंह, अब्दुल्ला, ऋतिक आदि ने शोध पत्र पढ़े।
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पुस्तक का किया विमोचन
-कार्यक्रम में डॉ. पुनीत मनीषी और डॉ. अनमोल सक्सेना द्वारा संपादित पुस्तक ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड ग्लोबल डेवलपमेंट’ व डॉ. मंसूर अहमद सिद्दीकी, डॉ. मोहम्मद जमा खान द्वारा लिखित पुस्तक द्वारा ‘दिल्ली सल्तनत’ का अतिथियों ने विमोचन किया। गेडू कॉलेज पोखरा नेपाल और जीएफ कॉलेज के बीच एमओयू हस्ताक्षरित किए गए।

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एआई के फायदे और नुकसान रूपी दो पहलू

-भूटान से आए प्रो. प्राण कुमार कौल ने कहा कि एआई के दो पहलू हैं। यदि हम बेहतर तरीके से प्रयोग करें तो अच्छा होगा। अन्यथा इससे नौकरियां जाने और रोजगार छीनने का खतरा रहेगा। इंटरनेट और मोबाइल फोन के आने पर लोग काफी खुश थे। अब लोगों की जिंदगी ही फोन के इर्द-गिर्द होकर रह गई। सुबह नींद से जागने पर सबसे पहले मोबाइल फोन को तलाशते हैं। वर्तमान में एआई ने धूम मचा रखी है। इसमें सब डाटा का खेल है। बच्चे पढ़ाई करने के बजाय एआई से खोज रहे हैं। इससे बच्चों के पिछड़ने की संभावना है।

शाहजहांपुर में जीएफ कॉलेज में अंतरराष्ट्रीय सेमिनार के दौरान किताब का विमोचन करते अतिथि। स्रोत

शाहजहांपुर में जीएफ कॉलेज में अंतरराष्ट्रीय सेमिनार के दौरान किताब का विमोचन करते अतिथि। स्रोत

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