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बैराजों से छोड़ा पानी, बाढ़ की आशंका
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शाहजहांपुर। पहाड़ों पर हुई वर्षा के कारण बैराजों से पानी की निकासी फिर बढ़ने लगी है। बैराजों से निकला पानी पहुंचने के बाद नदियों में फिर बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। उधर, परौर क्षेत्र में कटान वाले कई हिस्सों को सिंचाई विभाग के ठेकेदार ने वायर क्रेट में बालू की बोरियों से भर दिया है। इससे फिलहाल कटान थम गया है, लेकिन ग्रामीणों को पानी बढ़ने पर फिर से भूमि कटान होने की आशंका सता रही है।
सिंचाई विभाग के अभियंता के मुताबिक दो दिन में पहाड़ से लेकर मैदानी क्षेत्रों तक हुई वर्षा के कारण बांधों और बैराजों से निकल रहे पानी की मात्रा बढ़ने लगी है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष के अनुसार शनिवार सुबह नरौरा बैराज से निकल रहे पानी की मात्रा पांच हजार क्यूसेक बढ़कर 21844 क्यूसेक हो गई है। इसी तरह खो, हरेली, किच्छा, रामनगर आदि बैराजों से रामगंगा में डिस्चार्ज पानी की मात्रा करीब 41 हजार क्यूसेक बढ़कर 51555 क्यूसेक हो गई है। सिंचाई विभाग के तार बाबू सुरेंद्र वर्मा के अनुसार बीते दिन की तुलना में भैंसार बांध पर गंगा का जलस्तर 12 सेमी और रामगंगा का 23 सेमी कम हुआ है। उन्होंने बताया कि शहर के समीप गर्रा और खन्नौत नदियां भी पांच-पांच सेमी कम हुई हैं, लेकिन आज ड्यूनी डॉम से पानी की निकासी 903 से बढ़कर 1584 क्यूसेक हो जाने से गर्रा का जलस्तर फिर बढ़ने के आसार हैं।
परौर। क्षेत्र में रामगंगा काफी समय से कटान कर रही है, लेकिन सिंचाई विभाग कटान के एड़ी-चोटी का जोर लगाने से फिलहाल कटान थम गया है। विभागीय अभियंताओं ने नारायण नगर पश्चिमी के पास कटान वाले हिस्से में वायर क्रेट बनवाकर वहां बालू की बोरियां डलवाईं तो यह तरकीब काम कर गई। यही नहीं, गांव के पास पानी के तेज बहाव से खिसकीं तीन जिओ ट्यूब के फटे हिस्सों की सिलाई कर उन्हें यथा स्थान लगा दिए जाने से वहां भी कटान रोकने में कामयाबी मिल गई है। इसके बावजूद कटान वाले हिस्सों की लगातार निगरानी की जा रही है। सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता अनूप कुमार के अनुसार दो अवर अभियंताओं की कटान की निगरानी करने पर ड्यूटी लगाई गई है।
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बारिश का सिलसिला जारी
शाहजहांपुर। जिले में बृहस्पतिवार से शुरू हुआ बारिश का सिलसिला शनिवार को भी जारी रहा। शनिवार को भी सुबह से काली घटाएं छाई रहीं और शाम तक छह मिमी बारिश रिकार्ड की गई। बारिश से किसानों को राहत मिली, लेकिन कीचड़ से शहरी लोग परेशान रहे।
पिछले कई दिनों से तेज धूप के साथ उमस भरी गर्मी हो रही थी। बारिश न होने से किसान खासे परेशान थे। बृहस्पतिवार को अचानक मौसम बदला और बारिश शुरू हो गई, जो शनिवार को भी जारी रही। शनिवार को जिले कहीं बूंदाबांदी और कहीं तेज बारिश हुई। बारिश से धान और गन्ने की फसल को खास फायदा होगा। रविवार को भी बारिश होने के आसार हैं।
गन्ना शोध परिषद के मौसम वैज्ञानिक डॉ. मनमोहन सिंह के अनुसार हवा के अधिक दबाव का क्षेत्र बना होने के बावजूद मानसून सक्रिय बना हुआ है और रविवार को भी बारिश होने का अनुमान है।
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सिंचाई विभाग के अभियंता के मुताबिक दो दिन में पहाड़ से लेकर मैदानी क्षेत्रों तक हुई वर्षा के कारण बांधों और बैराजों से निकल रहे पानी की मात्रा बढ़ने लगी है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष के अनुसार शनिवार सुबह नरौरा बैराज से निकल रहे पानी की मात्रा पांच हजार क्यूसेक बढ़कर 21844 क्यूसेक हो गई है। इसी तरह खो, हरेली, किच्छा, रामनगर आदि बैराजों से रामगंगा में डिस्चार्ज पानी की मात्रा करीब 41 हजार क्यूसेक बढ़कर 51555 क्यूसेक हो गई है। सिंचाई विभाग के तार बाबू सुरेंद्र वर्मा के अनुसार बीते दिन की तुलना में भैंसार बांध पर गंगा का जलस्तर 12 सेमी और रामगंगा का 23 सेमी कम हुआ है। उन्होंने बताया कि शहर के समीप गर्रा और खन्नौत नदियां भी पांच-पांच सेमी कम हुई हैं, लेकिन आज ड्यूनी डॉम से पानी की निकासी 903 से बढ़कर 1584 क्यूसेक हो जाने से गर्रा का जलस्तर फिर बढ़ने के आसार हैं।
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परौर। क्षेत्र में रामगंगा काफी समय से कटान कर रही है, लेकिन सिंचाई विभाग कटान के एड़ी-चोटी का जोर लगाने से फिलहाल कटान थम गया है। विभागीय अभियंताओं ने नारायण नगर पश्चिमी के पास कटान वाले हिस्से में वायर क्रेट बनवाकर वहां बालू की बोरियां डलवाईं तो यह तरकीब काम कर गई। यही नहीं, गांव के पास पानी के तेज बहाव से खिसकीं तीन जिओ ट्यूब के फटे हिस्सों की सिलाई कर उन्हें यथा स्थान लगा दिए जाने से वहां भी कटान रोकने में कामयाबी मिल गई है। इसके बावजूद कटान वाले हिस्सों की लगातार निगरानी की जा रही है। सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता अनूप कुमार के अनुसार दो अवर अभियंताओं की कटान की निगरानी करने पर ड्यूटी लगाई गई है।
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बारिश का सिलसिला जारी
शाहजहांपुर। जिले में बृहस्पतिवार से शुरू हुआ बारिश का सिलसिला शनिवार को भी जारी रहा। शनिवार को भी सुबह से काली घटाएं छाई रहीं और शाम तक छह मिमी बारिश रिकार्ड की गई। बारिश से किसानों को राहत मिली, लेकिन कीचड़ से शहरी लोग परेशान रहे।
पिछले कई दिनों से तेज धूप के साथ उमस भरी गर्मी हो रही थी। बारिश न होने से किसान खासे परेशान थे। बृहस्पतिवार को अचानक मौसम बदला और बारिश शुरू हो गई, जो शनिवार को भी जारी रही। शनिवार को जिले कहीं बूंदाबांदी और कहीं तेज बारिश हुई। बारिश से धान और गन्ने की फसल को खास फायदा होगा। रविवार को भी बारिश होने के आसार हैं।
गन्ना शोध परिषद के मौसम वैज्ञानिक डॉ. मनमोहन सिंह के अनुसार हवा के अधिक दबाव का क्षेत्र बना होने के बावजूद मानसून सक्रिय बना हुआ है और रविवार को भी बारिश होने का अनुमान है।