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बारिश के बाद धूप ने बढ़ाई उमस भरी गर्मी, 5.2 डिग्री उछला पारा
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शाहजहांपुर। बारिश के बाद मंगलवार को बादल छटने के बाद धूप खिली तो उमस भरी गर्मी ने फिर अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए और दोपहर में थर्मामीटर का पारा 5.2 डिग्री उछलकर 36.2 डिग्री सेल्सियस हो गया। हालांकि, सूर्यास्त से पहले कई बार काली घटाएं उमड़ीं, लेकिन बरसे बगैर आगे बढ़ गईं। मौसम वैज्ञानिक के अनुसार गत वर्ष की तुलना मेें इस वर्ष जून मेें 23 मिमी बारिश कम हुई और बुधवार को भी सिर्फ बूंदाबांदी होने की उम्मीद है, झमाझम बरसात के कोई आसार नहीं दिख रहे।
बीते दिन तड़के आठ मिमी बारिश के बाद दिन भर बादल छाए रहने और हल्की धूप निकलने के बावजूद मौसम सामान्य बना रहा। दिन ढलने के बाद बादल फिर से घने हुए तो रात मेें बारिश होने की उम्मीद जगी। बरसात नहीं हुई, लेकिन पछुआ हवा को ब्रेक लगने के साथ बादल छाए रहने से रात में उमस बढ़ गई और सुबह तक न्यूनतम तापमान करीब दो डिग्री बढ़कर 25.4 डिग्री सेल्सियस हो गया। दिन चढने के बाद धूप तेज हुई तो वातावरण की आद्र्रता उमस भरी गर्मी मेें बदलकर जनजीवन को फिर से सताने लगी।
गर्मी और धूप से बचने को तमाम लोग अपने सिर पर गमछे बांधकर और छाता लगाकर घरों से बाहर निकले। हवा नहीं चलने से शाम को सूर्यास्त के बाद तक उमस सताती रही। गन्ना शोध परिषद के मौसम वैज्ञानिक डॉ. मनमोहन सिंह के अनुसार पछुआ हवा स्थिर नहीं होने से बादलों को अपने साथ उड़ा ले जा रही है। उन्होंने बताया कि गत वर्ष जून मेें 53 मिमी वर्षा रिकार्ड हुई थी, लेकिन इस वर्ष जून में केवल 30 मिमी बरसात हुई। बैरोमीटर की रीडिंग में 13 मिलीबार की वृद्धि को देखते बुधवार को हवा के झोंके बढ़ेंगे और ऐसी स्थिति में केवल मामूली बूंदाबांदी होने क संकेत हैं।
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बीते दिन तड़के आठ मिमी बारिश के बाद दिन भर बादल छाए रहने और हल्की धूप निकलने के बावजूद मौसम सामान्य बना रहा। दिन ढलने के बाद बादल फिर से घने हुए तो रात मेें बारिश होने की उम्मीद जगी। बरसात नहीं हुई, लेकिन पछुआ हवा को ब्रेक लगने के साथ बादल छाए रहने से रात में उमस बढ़ गई और सुबह तक न्यूनतम तापमान करीब दो डिग्री बढ़कर 25.4 डिग्री सेल्सियस हो गया। दिन चढने के बाद धूप तेज हुई तो वातावरण की आद्र्रता उमस भरी गर्मी मेें बदलकर जनजीवन को फिर से सताने लगी।
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गर्मी और धूप से बचने को तमाम लोग अपने सिर पर गमछे बांधकर और छाता लगाकर घरों से बाहर निकले। हवा नहीं चलने से शाम को सूर्यास्त के बाद तक उमस सताती रही। गन्ना शोध परिषद के मौसम वैज्ञानिक डॉ. मनमोहन सिंह के अनुसार पछुआ हवा स्थिर नहीं होने से बादलों को अपने साथ उड़ा ले जा रही है। उन्होंने बताया कि गत वर्ष जून मेें 53 मिमी वर्षा रिकार्ड हुई थी, लेकिन इस वर्ष जून में केवल 30 मिमी बरसात हुई। बैरोमीटर की रीडिंग में 13 मिलीबार की वृद्धि को देखते बुधवार को हवा के झोंके बढ़ेंगे और ऐसी स्थिति में केवल मामूली बूंदाबांदी होने क संकेत हैं।
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