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Shahjahanpur News: सांप के डसने पर परिजन कराते रहे झाड़-फूंक, डॉक्टरों ने बचाई स्वाति की जान

Wed, 04 Sep 2024 11:07 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर Updated Wed, 04 Sep 2024 11:07 AM IST
सार

बरेली के एक कॉलेज में एएनएम का कोर्स करने वाली युवती को सांप ने डस लिया था। परिजन झाड़-फूंक कराते रहे। जब उसकी हालत ज्यादा बिगड़ गई तो जिला अस्पताल ले गए। डॉक्टरों ने उपचार कर युवती का जान बचाई।  

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Doctors saved the life of a girl after she was bitten by a snake in Shahjahanpur
राजकीय मेडिकल कॉलेज में स्वाति का उपचार करते डॉ. सलीम। - फोटो : संवाद

विस्तार

शाहजहांपुर के जलालाबाद के गांव धियुरा निवासी श्रीकांत की 18 वर्षीय बेटी स्वाति को सांप ने डस लिया, लेकिन अस्पताल लाने की जगह परिजन झाड़फूंक कराते रहे। जब हालत काफी बिगड़ गई तो राजकीय मेडिकल कॉलेज लाए। गंभीर हालत में उसे वेंटिलेटर पर रखा गया। सौ वायल एंटी स्नेक वेनम की लगीं, तब उसकी जान बच सकी। 

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बरेली के एक कॉलेज में एएनएम का कोर्स करने वाली स्वाति को पिछले बुधवार की सुबह पैर में सांप ने डस लिया था। परिजन उन्हें गांव के झाड़-फूंक कराने वाले के पास लेकर गए। उन्होंने एक से दो घंटे तक उपचार किया। कहा कि स्वाति जल्द ही ठीक हो जाएगी। शाम होते उसकी तबीयत बिगड़ने लगी, तब रात करीब नौ बजे भाई संदीप राजकीय मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में उसे लेकर पहुंचे।

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30 प्रतिशत रह गया था ऑक्सीजन लेवल 
बेहोश स्वाति को इंजेक्शन लगाए गए। रात करीब तीन बजे वरिष्ठ फिजिशियन डॉ.सलीम अहमद को बुलाया गया। उस समय मरीज का ऑक्सीजन लेवल 30 प्रतिशत रह गया था। सारी मांसपेशियां पैरालाइज हो चुकी थीं। उसे तुरंत ही वेंटिलेटर पर रखा गया। एएसवी की सौ वॉयल लगाईं गईं। मांसपेशियों को सक्रिय करने का प्रयास शुरू किया गया। प्राचार्य डॉ.राजेश कुमार और सीएमएस डॉ.नेपाल सिंह भी मरीज के हालत पर निगरानी बनाए रहे। तीन दिन तक वेंटिलेटर पर रहने के बाद उसे होश आ गया।

होश आने पर निमोनिया से ग्रस्त हो गई स्वाति
पेट का खाना फेफड़ों में जाने के चलते स्वाति निमोनिया से पीड़ित हो गई। डॉ. सलीम ने उसका निमोनिया का उपचार शुरू किया। मंगलवार को पूरी तरह से स्वस्थ होने पर उसे छुट्टी दे दी गई। डॉ.सलीम ने बताया कि 80 प्रतिशत सांप जहरीले न होने के चलते झाड़-फूंक करने वाले फायदा उठाते हैं। सांप काटने पर तुरंत ही मरीज को अस्पताल लेकर आएं। 

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