{"_id":"688fb8d9377c6e20b20fb277","slug":"after-measuring-the-disputed-land-occupation-was-prohibited-shahjahanpur-news-c-122-1-spn1003-149660-2025-08-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shahjahanpur News: विवादित जमीन पर पैमाइश के बाद कब्जे पर लगाई रोक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shahjahanpur News: विवादित जमीन पर पैमाइश के बाद कब्जे पर लगाई रोक
विज्ञापन
बरतारा। गांव में एक ढाबे के पास विवादित जमीन की तहसीलदार की मौजूदगी में हुई पैमाइश के बाद दूसरे पक्ष की आपत्ति पर एसडीएम सदर संजय कुमार पांडेय ने जमीन पर कब्जा लेने पर रोक लगा दी। इसके साथ ही उन्होंने विवाद का निपटारा करने के लिए दोनों पक्षों को जमीन पर मालिकाना हक के दस्तावेज कार्यालय लाकर दिखाने के निर्देश दिए हैं।
एक फैक्टरी के मालिक प्रांजल गुप्ता का गांव के वीरपाल राजवंशी से जमीन का विवाद अदालत में विचाराधीन था। इसी मामले में जमीन की पैमाइश के लिए शुक्रवार को तहसीलदार सत्येंद्र कटियार, नायब तहसीलदार निशि सिंह व लेखपाल विनोद राना रोजा थाने के पुलिस बल के साथ गांव पहुंचे और पैमाइश की।
इस कार्रवाई में चार बीघा जमीन प्रांजल की निकलने पर तहसीलदार ने उनके पक्ष में कब्जा दिलाया, लेकिन मौके पर मौजूद प्रतिवादी वीरपाल की पत्नी बबली और मां रामलली ने जमीन अपनी बताकर कब्जा दिलाने का विरोध किया।
विज्ञापन
चूंकि, प्रतिवादी वीरपाल की मौत हो चुकी है। इसलिए उनकी मां और पत्नी की आपत्ति के मद्देनजर एसडीएम ने विवादित जमीन पर कब्जा दिलाने की कार्रवाई पर रोक लगा दी। साथ ही दोनों पक्षों से निर्णय होने तक जमीन की यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए।
000
बरतारा में पैमाइश की गई जमीन राजस्व खतौनी पर प्रांजल गुप्ता के नाम ही दर्ज पाई गई है। 28 वर्ष पूर्व यह जमीन अभिलेखों में दूसरे पक्ष के नाम दर्ज है। जमीन विवाद के समाधान के लिए दोनों पक्षों से जमीन से संबंधित अपने-अपने दस्तावेज लाकर दिखाने को कहा गया है। तब तक जमीन पर किए गए कब्जे पर रोक प्रभावी रहेगी।
-संजय कुमार पांडेय, एसडीएम सदर
विज्ञापन
एक फैक्टरी के मालिक प्रांजल गुप्ता का गांव के वीरपाल राजवंशी से जमीन का विवाद अदालत में विचाराधीन था। इसी मामले में जमीन की पैमाइश के लिए शुक्रवार को तहसीलदार सत्येंद्र कटियार, नायब तहसीलदार निशि सिंह व लेखपाल विनोद राना रोजा थाने के पुलिस बल के साथ गांव पहुंचे और पैमाइश की।
विज्ञापन
इस कार्रवाई में चार बीघा जमीन प्रांजल की निकलने पर तहसीलदार ने उनके पक्ष में कब्जा दिलाया, लेकिन मौके पर मौजूद प्रतिवादी वीरपाल की पत्नी बबली और मां रामलली ने जमीन अपनी बताकर कब्जा दिलाने का विरोध किया।
विज्ञापन
चूंकि, प्रतिवादी वीरपाल की मौत हो चुकी है। इसलिए उनकी मां और पत्नी की आपत्ति के मद्देनजर एसडीएम ने विवादित जमीन पर कब्जा दिलाने की कार्रवाई पर रोक लगा दी। साथ ही दोनों पक्षों से निर्णय होने तक जमीन की यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए।
000
बरतारा में पैमाइश की गई जमीन राजस्व खतौनी पर प्रांजल गुप्ता के नाम ही दर्ज पाई गई है। 28 वर्ष पूर्व यह जमीन अभिलेखों में दूसरे पक्ष के नाम दर्ज है। जमीन विवाद के समाधान के लिए दोनों पक्षों से जमीन से संबंधित अपने-अपने दस्तावेज लाकर दिखाने को कहा गया है। तब तक जमीन पर किए गए कब्जे पर रोक प्रभावी रहेगी।
-संजय कुमार पांडेय, एसडीएम सदर