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Shahjahanpur News: ई-स्मार्ट कंपनी की जांच के बाद टेंडर निरस्त करने की शुरू होगी प्रक्रिया
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टाउनहाल स्थित नगर निगम कार्यालय सभागार में आयोजित बैठक में मौजूद महापौर अर्चना वर्मा व नगर आय
शाहजहांपुर। नगर निगम के सभाकक्ष में शुक्रवार को कार्यकारिणी की बैठक महापौर अर्चना वर्मा की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इसमें स्ट्रीट लाइटों का ठेका लेने वाली ई-स्मार्ट कंपनी की कार्यप्रणाली की जांच के लिए छह सदस्यीय जांच समिति की रिपोर्ट पर चर्चा की गई। कार्यकारिणी ने ई-स्मार्ट कंपनी की कार्यशैली पर विरोध जताते हुए टेंडर निरस्त करने की बात कही। जांच के बाद टेंडर निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू होगी।
महापौर अर्चना वर्मा ने कार्यकारिणी के सभी सदस्यों से सुझाव मांगे। सदस्याें ने कहा कि बोर्ड की बैठक में वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने ई-स्मार्ट कंपनी को हटाने के निर्देश दिए, लेकिन अधिकारी इस पर कार्रवाई करने में आनाकानी कर रहे हैं।
पार्षदों ने आरोप लगाया है कि अधिकारी ई-स्मार्ट कंपनी के साथ मिलीभगत कर रहे हैं और मंत्री के निर्देशों की अनदेखी कर रहे हैं। पार्षदों ने मांग की है कि ई-स्मार्ट कंपनी को तुरंत हटाया जाए और इसकी जगह एक नई कंपनी को नियुक्त किया जाए जो शहर की स्ट्रीट लाइटों की देखरेख कर सके।
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पार्षदों ने यह भी आरोप लगाया है कि ई-स्मार्ट कंपनी ने अपनी जिम्मेदारियों को पूरा नहीं कर रही है और शहर की स्ट्रीट लाइटें समय पर ठीक नहीं की जा रही हैं। इसमें 12 सदस्यों में से सात सदस्यों ने ई-स्मार्ट कंपनी का विरोध किया। नगर आयुक्त डॉ. बिपिन कुमार मिश्र ने बताया कि हनुमतधाम स्थित शेल्टर होम के संचालन के लिए कार्यदायी संस्था की समय अवधि को बढ़ाए जाने के लिए प्रस्ताव रखा गया। इस पर सहमति जताई गई। इस दौरान पार्षद दिवाकर मिश्रा, शब्बन अली, नीतू सिंह, सुधीर गुप्ता, विपिन सिंह यादव अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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पार्षदों ने रखी अपनी बात
उपसभापति वेद प्रकाश मौर्य ने कहा कि ई-स्मार्ट कंपनी की सर्विस बिल्कुल बेकार है और इसको तत्काल हटाया जाए। पार्षद रूपेश वर्मा ने कहा कि अधिकारी गुमराह कर रहे हैं और कह रहे हैं कि फर्म निगम की बचत कर रही है, जबकि ऐसा नहीं है। पार्षद अनूप गुप्ता, पार्षद सीमा सारस्वत, पार्षद रीता राठौर ने भी ई-स्मार्ट कंपनी के विरोध में बात की। पार्षद डॉ. मोहसिन ने कहा कि ई-स्मार्ट कंपनी के विरोध में सभी पार्षदों ने पत्र दिया है और इसको हटाना आवश्यक है। पार्षद सिद्धार्थ ने कहा कि ई-स्मार्ट की सर्विस के अलावा भी बहुत सी खामियां हैं।
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महापौर अर्चना वर्मा ने कार्यकारिणी के सभी सदस्यों से सुझाव मांगे। सदस्याें ने कहा कि बोर्ड की बैठक में वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने ई-स्मार्ट कंपनी को हटाने के निर्देश दिए, लेकिन अधिकारी इस पर कार्रवाई करने में आनाकानी कर रहे हैं।
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पार्षदों ने आरोप लगाया है कि अधिकारी ई-स्मार्ट कंपनी के साथ मिलीभगत कर रहे हैं और मंत्री के निर्देशों की अनदेखी कर रहे हैं। पार्षदों ने मांग की है कि ई-स्मार्ट कंपनी को तुरंत हटाया जाए और इसकी जगह एक नई कंपनी को नियुक्त किया जाए जो शहर की स्ट्रीट लाइटों की देखरेख कर सके।
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पार्षदों ने यह भी आरोप लगाया है कि ई-स्मार्ट कंपनी ने अपनी जिम्मेदारियों को पूरा नहीं कर रही है और शहर की स्ट्रीट लाइटें समय पर ठीक नहीं की जा रही हैं। इसमें 12 सदस्यों में से सात सदस्यों ने ई-स्मार्ट कंपनी का विरोध किया। नगर आयुक्त डॉ. बिपिन कुमार मिश्र ने बताया कि हनुमतधाम स्थित शेल्टर होम के संचालन के लिए कार्यदायी संस्था की समय अवधि को बढ़ाए जाने के लिए प्रस्ताव रखा गया। इस पर सहमति जताई गई। इस दौरान पार्षद दिवाकर मिश्रा, शब्बन अली, नीतू सिंह, सुधीर गुप्ता, विपिन सिंह यादव अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
पार्षदों ने रखी अपनी बात
उपसभापति वेद प्रकाश मौर्य ने कहा कि ई-स्मार्ट कंपनी की सर्विस बिल्कुल बेकार है और इसको तत्काल हटाया जाए। पार्षद रूपेश वर्मा ने कहा कि अधिकारी गुमराह कर रहे हैं और कह रहे हैं कि फर्म निगम की बचत कर रही है, जबकि ऐसा नहीं है। पार्षद अनूप गुप्ता, पार्षद सीमा सारस्वत, पार्षद रीता राठौर ने भी ई-स्मार्ट कंपनी के विरोध में बात की। पार्षद डॉ. मोहसिन ने कहा कि ई-स्मार्ट कंपनी के विरोध में सभी पार्षदों ने पत्र दिया है और इसको हटाना आवश्यक है। पार्षद सिद्धार्थ ने कहा कि ई-स्मार्ट की सर्विस के अलावा भी बहुत सी खामियां हैं।