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आक्रोशित वकीलों ने किया प्रदर्शन
शाहजहांपुर।
Updated Fri, 13 Mar 2015 12:29 AM IST
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इलाहाबाद की घटना से गुस्साए सेंट्रल बार एसोसिएशन के वकीलों ने बृहस्पतिवार को कलक्ट्रेट गेट पर धरना-प्रदर्शन कर नारेबाजी की। इसके बाद मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एडीएम (प्रशासन) मुनेंद्र नाथ उपाध्याय को सौंपा। इसमें वकीलों ने शुक्रवार को भी हड़ताल रखने और चक्का जाम करने का ऐलान किया है।
बृहस्पतिवार सुबह कोर्ट खुलते ही वकील एकत्र होने लगे। पूर्वान्ह 11 बजे के बाद सेंट्रल बार अध्यक्ष अमोघ चंद्र दीक्षित, महासचिव राजीव गुप्ता, वरिष्ठ उपाध्यक्ष संजय सक्सेना सहित सैकड़ों वकील नारेबाजी करते हुए जुलूस की शक्ल में चले, तभी सीजेएम कोर्ट के सामने वाहन रोकने के लिए डाली गई जंजीर में अधिवक्ता राजेश कश्यप फंसकर गिर पड़े। इस पर वकीलों ने जंजीर हटा दी। इसके बाद वकीलों ने पीडब्ल्यूडी तिराहे पर जाम लगा दिया। 15 मिनट जाम के बाद सभी वकील अध्यक्ष के नेतृत्व में कलक्टेट गेट पर धरने पर बैठ गए। धरने को संबोधित करते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता राजाराम मिश्र, अजीजुर्रहमान अंसारी, राजेश अवस्थी, संजय मिश्र, राजकुमार दीक्षित, अनुज सिंह आदि ने सभा को संबोधित करते हुए आरोपित दरोगा की गिरफ्तारी, मृतक अधिवक्ता के घरवालों को 50 लाख तथा घायलों को 25-25 लाख रुपये दिलाने तथा घटना की जांच उच्च न्यायालय के न्यायाधीश से जाने की मांग की। लगभग डेढ़ बजे तक वकीलों का धरना-प्रदर्शन चलता रहा।
इसके बाद वकीलों ने एडीएम प्रशासन मुनेंद्रनाथ उपाध्याय को ज्ञापन सौंपा। इस कारण कचहरी परिसर में वकीलों के बिस्तर सूने रहे। धरना-प्रदर्शन में जसविंदर सिंह बजाज, संजय मिश्रा, मधु मिश्रा, गुलिस्ता खां, रामेंद्र मिश्र, फारिया बी, जाग्रति मिश्रा, जलीश खां, अजय वर्मा, स्वयंप्रकाश, दीपक त्रिपाठी, अरविंद वाजपेयी आदि शामिल रहे। शाम को बार अध्यक्ष अमोघचंद्र दीक्षित ने पुन: आम सभा आहूत की, जिसमें आक्रोशित वकीलों ने शुक्रवार को हड़ताल के साथ ही चक्का जाम करने का भी ऐलान कर दिया है। इस पर बार अध्यक्ष ने कहा कि आंदोलन शांतिपूर्वक होगा तथा जाम में वृद्ध, बच्चे, महिलाएं तथा बीमार व्यक्तियों को नहीं रोका जाएगा।
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विरोध के चलते खोला रास्ता
वकीलों के आक्रोश को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था के कारण पुलिस आफिस के सामने रास्ता बंद कर दिया था। सुबह 10 बजे से कुछ वकील वहां पर एकत्र हुए और विरोध करने लगे, जिस पर सीओ सिटी राजेश्वर सिंह ने बेरिकेडिंग को हटवा दिया और जानकारी देते हुए कहा कि किसी भी रास्ते पर जाने का प्रतिबंध नहीं है।
वादकारियों ने भी दिया सहयोग
वकीलों की हड़ताल के दौरान जहां कुछ वादकारी क्षुब्ध थे तो कई इसके समर्थन में थे। घंटाघर के प्रेमचंद्र रस्तोगी, उमेश वाजपेयी, सरही के रमनपाल, तिलहर की गुड़िया जैसे वादकारियों ने जायज और मजबूरी बताया। बता दें कि जिला जज कोर्ट में बृहस्पतिवार को 12 जमानतें और एडीजे प्रथम के यहां चार जमानतें सहित सभी अदालतों में लगभग 40 जमानतों पर सुनवाई होनी थी। इधर, आज हड़ताल के चलते जेल से बंदियों को भी पेशी पर नहीं लाया गया।
परिसर में असलाह लाने का पूर्ण प्रतिबंध हो
इलाहाबाद की घटना से तिलमिलाए लतीफ खां, धर्मेंद्र, सुरेशपाल सिंह, रामस्वरूप वर्मा, विश्राम सिंह, रामरहीस आदि वकीलों ने सेंट्रल बार को प्रार्थना पत्र देकर जिला न्यायालय परिसर में असलाह लाने पर पूर्ण प्रतिबंध की मांग की। इनका कहना था कि पंफलेट, बोर्ड में स्लोगन लगे हैं, जिन पर कोई अमल नहीं हो रहा है। इस कारण लोग बेझिझक अदालत परिसर में असलाह ले जाते हैं। यहां तक कि पुलिस पर भी न्यायालय परिसर में असलाह लाने पर प्रतिबंध होना चाहिए।
पुवायां में सिविल बार संघ के वकीलों ने लगाया जाम
पुवायां। इलाहाबाद की घटना के विरोध में बृहस्पतिवार को सिविल और तहसील बार एसोसिएशन के वकील न्यायिक कार्य से विरत रहे। सिविल बार संघ के वकील 15 मार्च तक हड़ताल पर रहेंगे। सिविल बार संघ के वकीलों ने बृहस्पतिवार को शाहजहांपुर मार्ग पर चक्का जाम कर दिया। इस दौरान वकीलों ने पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जाम की सूचना पाकर एडीएम लालबहादुर और सीओ उमेश शर्मा मौके पर पहुंचे। वकीलों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को देकर वकील की हत्या की निंदा की। चक्का जाम के समय अध्यक्ष सुशील कुमार लल्ला, महामंत्री ओमपाल सिंह यादव, केएन सिंह, अनूप कंचन, सुनील सिंह, सुरेंद्र कुमार, रमन मिश्रा, मनोज पटेल सहित तमाम वकील मौजूद रहे। तहसील बार संघ ने भी तहसीलदार विजय यादव को ज्ञापन देकर उपरोक्त मांगों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की। वकीलों ने न्यायिक कार्य भी नहीं किया। ज्ञापन देने के समय अध्यक्ष ओमप्रकाश मिश्रा, महामंत्री जयशंकर अवस्थी, विनय मिश्रा, सुभाष शुक्ला, वीरेंद्र यादव, वीरेंद्र वर्मा, हरिओम अवस्थी, अरुण श्रीवास्तव, देवेश गुप्ता, कमल श्रीवास्तव, अरुण सक्सेना, बागीश शर्मा, विजय वर्मा, रामलखन सिंह सहित तमाम वकील मौजूद रहे।
जलालाबाद में भी वकीलों ने नहीं किया काम
जलालाबाद। इलाहाबाद में हुए कांड को लेकर यहां अधिवक्ताओं ने रोष जताया तथा न्यायिक कार्य से विरत रहे। इस दौरान बार संघ की आयोजित हुई बैठक में घटना की भर्त्सना करते हुए मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार ओमकार नाथ वर्मा को दिया। वकीलों ने प्रदर्शन कर नारेबाजी करते हुए विरोध दिवस मनाया। ज्ञापन में मृतक के घरवालों को 50 लाख मुआवजा देने की मांग की गई। उधर, सिविल बार एसोसिएशन से जुड़े अधिवक्ताओं ने राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार को दिया। नारेबाजी के बीच तहसील परिसर में पुलिस प्रशासन का पुतला भी फूंका। इस दौरान तमाम वकील मौजूद रहे।
तिलहर के वकीलों ने सीएम को भेजा ज्ञापन
तिलहर। यहां भी बार एसोसिएशन के आह्वान पर वकीलों ने इलाहाबाद की घटना के विरोध में हड़ताल रखी। बाद में प्रस्ताव पारित कर आरोपियों को शीघ्र्र गिरफ्तार की मांग को लेकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में मृतक के घरवालों को मुआवजा देने, सुरक्षा प्रदान करने, अधिवक्ताओें की सुरक्षा सुनिश्चित करने सहित कई मांगें शामिल हैं। ज्ञापन देने वालों में बार संघ अध्यक्ष कुंवरसेन गंगवार, महासचिव नरेशचंद्र सक्सेना, धूम सिंह यादव, श्रीशचंद्र मिश्रा, रामबहोरन सिंह यादव, राजीव सिंह, वेद प्रकाश सिंह, रामपाल गंगवार आदि शामिल रहे।
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बृहस्पतिवार सुबह कोर्ट खुलते ही वकील एकत्र होने लगे। पूर्वान्ह 11 बजे के बाद सेंट्रल बार अध्यक्ष अमोघ चंद्र दीक्षित, महासचिव राजीव गुप्ता, वरिष्ठ उपाध्यक्ष संजय सक्सेना सहित सैकड़ों वकील नारेबाजी करते हुए जुलूस की शक्ल में चले, तभी सीजेएम कोर्ट के सामने वाहन रोकने के लिए डाली गई जंजीर में अधिवक्ता राजेश कश्यप फंसकर गिर पड़े। इस पर वकीलों ने जंजीर हटा दी। इसके बाद वकीलों ने पीडब्ल्यूडी तिराहे पर जाम लगा दिया। 15 मिनट जाम के बाद सभी वकील अध्यक्ष के नेतृत्व में कलक्टेट गेट पर धरने पर बैठ गए। धरने को संबोधित करते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता राजाराम मिश्र, अजीजुर्रहमान अंसारी, राजेश अवस्थी, संजय मिश्र, राजकुमार दीक्षित, अनुज सिंह आदि ने सभा को संबोधित करते हुए आरोपित दरोगा की गिरफ्तारी, मृतक अधिवक्ता के घरवालों को 50 लाख तथा घायलों को 25-25 लाख रुपये दिलाने तथा घटना की जांच उच्च न्यायालय के न्यायाधीश से जाने की मांग की। लगभग डेढ़ बजे तक वकीलों का धरना-प्रदर्शन चलता रहा।
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इसके बाद वकीलों ने एडीएम प्रशासन मुनेंद्रनाथ उपाध्याय को ज्ञापन सौंपा। इस कारण कचहरी परिसर में वकीलों के बिस्तर सूने रहे। धरना-प्रदर्शन में जसविंदर सिंह बजाज, संजय मिश्रा, मधु मिश्रा, गुलिस्ता खां, रामेंद्र मिश्र, फारिया बी, जाग्रति मिश्रा, जलीश खां, अजय वर्मा, स्वयंप्रकाश, दीपक त्रिपाठी, अरविंद वाजपेयी आदि शामिल रहे। शाम को बार अध्यक्ष अमोघचंद्र दीक्षित ने पुन: आम सभा आहूत की, जिसमें आक्रोशित वकीलों ने शुक्रवार को हड़ताल के साथ ही चक्का जाम करने का भी ऐलान कर दिया है। इस पर बार अध्यक्ष ने कहा कि आंदोलन शांतिपूर्वक होगा तथा जाम में वृद्ध, बच्चे, महिलाएं तथा बीमार व्यक्तियों को नहीं रोका जाएगा।
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विरोध के चलते खोला रास्ता
वकीलों के आक्रोश को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था के कारण पुलिस आफिस के सामने रास्ता बंद कर दिया था। सुबह 10 बजे से कुछ वकील वहां पर एकत्र हुए और विरोध करने लगे, जिस पर सीओ सिटी राजेश्वर सिंह ने बेरिकेडिंग को हटवा दिया और जानकारी देते हुए कहा कि किसी भी रास्ते पर जाने का प्रतिबंध नहीं है।
वादकारियों ने भी दिया सहयोग
वकीलों की हड़ताल के दौरान जहां कुछ वादकारी क्षुब्ध थे तो कई इसके समर्थन में थे। घंटाघर के प्रेमचंद्र रस्तोगी, उमेश वाजपेयी, सरही के रमनपाल, तिलहर की गुड़िया जैसे वादकारियों ने जायज और मजबूरी बताया। बता दें कि जिला जज कोर्ट में बृहस्पतिवार को 12 जमानतें और एडीजे प्रथम के यहां चार जमानतें सहित सभी अदालतों में लगभग 40 जमानतों पर सुनवाई होनी थी। इधर, आज हड़ताल के चलते जेल से बंदियों को भी पेशी पर नहीं लाया गया।
परिसर में असलाह लाने का पूर्ण प्रतिबंध हो
इलाहाबाद की घटना से तिलमिलाए लतीफ खां, धर्मेंद्र, सुरेशपाल सिंह, रामस्वरूप वर्मा, विश्राम सिंह, रामरहीस आदि वकीलों ने सेंट्रल बार को प्रार्थना पत्र देकर जिला न्यायालय परिसर में असलाह लाने पर पूर्ण प्रतिबंध की मांग की। इनका कहना था कि पंफलेट, बोर्ड में स्लोगन लगे हैं, जिन पर कोई अमल नहीं हो रहा है। इस कारण लोग बेझिझक अदालत परिसर में असलाह ले जाते हैं। यहां तक कि पुलिस पर भी न्यायालय परिसर में असलाह लाने पर प्रतिबंध होना चाहिए।
पुवायां में सिविल बार संघ के वकीलों ने लगाया जाम
पुवायां। इलाहाबाद की घटना के विरोध में बृहस्पतिवार को सिविल और तहसील बार एसोसिएशन के वकील न्यायिक कार्य से विरत रहे। सिविल बार संघ के वकील 15 मार्च तक हड़ताल पर रहेंगे। सिविल बार संघ के वकीलों ने बृहस्पतिवार को शाहजहांपुर मार्ग पर चक्का जाम कर दिया। इस दौरान वकीलों ने पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जाम की सूचना पाकर एडीएम लालबहादुर और सीओ उमेश शर्मा मौके पर पहुंचे। वकीलों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को देकर वकील की हत्या की निंदा की। चक्का जाम के समय अध्यक्ष सुशील कुमार लल्ला, महामंत्री ओमपाल सिंह यादव, केएन सिंह, अनूप कंचन, सुनील सिंह, सुरेंद्र कुमार, रमन मिश्रा, मनोज पटेल सहित तमाम वकील मौजूद रहे। तहसील बार संघ ने भी तहसीलदार विजय यादव को ज्ञापन देकर उपरोक्त मांगों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की। वकीलों ने न्यायिक कार्य भी नहीं किया। ज्ञापन देने के समय अध्यक्ष ओमप्रकाश मिश्रा, महामंत्री जयशंकर अवस्थी, विनय मिश्रा, सुभाष शुक्ला, वीरेंद्र यादव, वीरेंद्र वर्मा, हरिओम अवस्थी, अरुण श्रीवास्तव, देवेश गुप्ता, कमल श्रीवास्तव, अरुण सक्सेना, बागीश शर्मा, विजय वर्मा, रामलखन सिंह सहित तमाम वकील मौजूद रहे।
जलालाबाद में भी वकीलों ने नहीं किया काम
जलालाबाद। इलाहाबाद में हुए कांड को लेकर यहां अधिवक्ताओं ने रोष जताया तथा न्यायिक कार्य से विरत रहे। इस दौरान बार संघ की आयोजित हुई बैठक में घटना की भर्त्सना करते हुए मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार ओमकार नाथ वर्मा को दिया। वकीलों ने प्रदर्शन कर नारेबाजी करते हुए विरोध दिवस मनाया। ज्ञापन में मृतक के घरवालों को 50 लाख मुआवजा देने की मांग की गई। उधर, सिविल बार एसोसिएशन से जुड़े अधिवक्ताओं ने राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार को दिया। नारेबाजी के बीच तहसील परिसर में पुलिस प्रशासन का पुतला भी फूंका। इस दौरान तमाम वकील मौजूद रहे।
तिलहर के वकीलों ने सीएम को भेजा ज्ञापन
तिलहर। यहां भी बार एसोसिएशन के आह्वान पर वकीलों ने इलाहाबाद की घटना के विरोध में हड़ताल रखी। बाद में प्रस्ताव पारित कर आरोपियों को शीघ्र्र गिरफ्तार की मांग को लेकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में मृतक के घरवालों को मुआवजा देने, सुरक्षा प्रदान करने, अधिवक्ताओें की सुरक्षा सुनिश्चित करने सहित कई मांगें शामिल हैं। ज्ञापन देने वालों में बार संघ अध्यक्ष कुंवरसेन गंगवार, महासचिव नरेशचंद्र सक्सेना, धूम सिंह यादव, श्रीशचंद्र मिश्रा, रामबहोरन सिंह यादव, राजीव सिंह, वेद प्रकाश सिंह, रामपाल गंगवार आदि शामिल रहे।