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अधिवक्ताओं का धरना शुरू
ब्यूरो /शाहजहांपुर
Updated Sat, 09 Jul 2016 12:24 AM IST
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अधिवक्ताओं का धरना शुरू
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नवसृजित तहसील कलान में ब्लाक मिर्जापुर को शामिल किए जाने के निर्णय का बार संघ के अधिवक्ताओं ने विरोध करना शुरू कर दिया है। इसको लेकर शुक्रवार को अधिवक्ताओं ने तहसील पर एक दिवसीय धरना देकर कामकाज नहीं किया। इस मांग संबंधी 10 सूत्रीय मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम लाल बहादुर को दिया।
ज्ञापन में कहा गया है कि मिर्जापुर ब्लाक के कई गांवों की दूरी जलालाबाद से मात्र आठ-दस किलोमीटर है जबकि कलान वहां से 16 से 18 किलोमीटर पड़ता है। यदि नवसृजित तहसील कलान में ब्लाक को शामिल किया जाता है तो जनता को भारी दिक्कतें उठानी पडे़गीं, जिसको लेकर मिर्जापुर की जनता भी आक्रोषित है। ज्ञापन में कहा गया है कि जनता की भावनाओं तथा सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए मिर्जापुर ब्लाक का परिसीमन करके इस ब्लाक के जो गांव कलान के नजदीक हैं उन्हे कलान तहसील तथा जो गांव जलालाबाद के करीब हैं उन्हें जलालाबाद में ही रहने दिया जाए। साथ ही बदायूं के उसावां ब्लाक को कलान तहसील में शामिल कर दिया जाए। ज्ञापन की प्रतियां राजस्व परिषद के अध्यक्ष समेत कई उच्चाधिकारियों को भी भेजी गई हैं।
बैठक कर आंदोलन की बनाई रणनीति
धरने के दौरान बार संघ से जुड़े अधिवक्ताओं की संगठन के अध्यक्ष राजीव सक्सेना की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमे इस मामले को लेकर आगे की रणनीति पर विचार विमर्श किया गया। इस संबंध में अध्यक्ष राजीव सक्सेना ने बताया कि एक दिवसीय धरने तथा ज्ञापन देने के बाद भी यदि कोई सुनवाई न हुई तो सोमवार से क्रमिक अनशन शुरू कर दिया जायेगा। इस सरकार के इस निर्णय के विरोधस्वरूप रविवार तक अधिवक्ता हड़ताल पर रहेंगे।
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ज्ञापन में कहा गया है कि मिर्जापुर ब्लाक के कई गांवों की दूरी जलालाबाद से मात्र आठ-दस किलोमीटर है जबकि कलान वहां से 16 से 18 किलोमीटर पड़ता है। यदि नवसृजित तहसील कलान में ब्लाक को शामिल किया जाता है तो जनता को भारी दिक्कतें उठानी पडे़गीं, जिसको लेकर मिर्जापुर की जनता भी आक्रोषित है। ज्ञापन में कहा गया है कि जनता की भावनाओं तथा सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए मिर्जापुर ब्लाक का परिसीमन करके इस ब्लाक के जो गांव कलान के नजदीक हैं उन्हे कलान तहसील तथा जो गांव जलालाबाद के करीब हैं उन्हें जलालाबाद में ही रहने दिया जाए। साथ ही बदायूं के उसावां ब्लाक को कलान तहसील में शामिल कर दिया जाए। ज्ञापन की प्रतियां राजस्व परिषद के अध्यक्ष समेत कई उच्चाधिकारियों को भी भेजी गई हैं।
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बैठक कर आंदोलन की बनाई रणनीति
धरने के दौरान बार संघ से जुड़े अधिवक्ताओं की संगठन के अध्यक्ष राजीव सक्सेना की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमे इस मामले को लेकर आगे की रणनीति पर विचार विमर्श किया गया। इस संबंध में अध्यक्ष राजीव सक्सेना ने बताया कि एक दिवसीय धरने तथा ज्ञापन देने के बाद भी यदि कोई सुनवाई न हुई तो सोमवार से क्रमिक अनशन शुरू कर दिया जायेगा। इस सरकार के इस निर्णय के विरोधस्वरूप रविवार तक अधिवक्ता हड़ताल पर रहेंगे।
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