{"_id":"5d5af1be8ebc3e89e748f2bc","slug":"advocate-shahjahanpur-news-bly3729431101","type":"story","status":"publish","title_hn":"पुवायां में वकीलों और एसडीएम के बीच कुर्सी को लेकर विवाद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पुवायां में वकीलों और एसडीएम के बीच कुर्सी को लेकर विवाद
विज्ञापन
पुवायां (शाहजहांपुर)। सोमवार दोपहर पुवायां एसडीएम कार्यालय में तहसील बार संघ से एक वकील और एसडीएम के बीच विवाद हो गया। एसडीएम की सूचना पर कोतवाली प्रभारी फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और वकीलों को शांत किया। वकीलों ने एसडीएम कोर्ट के बहिष्कार का निर्णय लिया है।
अधिवक्ता विजय मिश्रा का आरोप है कि सोमवार को वह एक पीड़ित के साथ एसडीएम के पास गए थे। वह एक कुर्सी पर बैठ गए तो एसडीएम ने उनको कुर्सी से उठाकर अपमानित किया। इसके बाद वह कार्यालय से बाहर चले आए। उधर एसडीएम सौरभ भट्ट ने बताया कि अधिवक्ता उनके पास वाली कुर्सी पर आकर बैठ गए, वह ड्रेस कोड में नहीं थे। इस पर उन्होंने कुर्सी से उठा दिया। विजय मिश्रा के यह बताने पर कि वह वकील है, उन्होंने दूसरी कुर्सी मंगवाकर उनसे बैठने को कहा लेकिन वह बाहर चले गए।
इसके कुछ देर बाद वह कार्यालय से बाहर निकले तो गाड़ी में बैठने के दौरान तीन अधिवक्ता आकर गाली गलौज करने लगे। चालक ने वाहन आगे बढ़ाया तो वापस आने पर देख लेने की धमकी दी। इसके बाद उन्होंने कोतवाली पुलिस को मामले की सूचना दी। जानकारी पाकर कोतवाली प्रभारी जसवीर सिंह फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और वकीलों से वार्ता करके समझाने का प्रयास किया। इस बीच एसडीएम फिर कोर्ट पहुंचे तो वकील उनसे वार्ता करने पहुंचे। कोर्ट में वकीलों की भारी संख्या देखकर एसडीएम वापस चले गए, जिस कारण वार्ता नहीं हो सकी। इसके बाद वकीलों ने एसडीएम कोर्ट के बहिष्कार की घोषणा कर दी और इससे संबंधित पत्र भी अधिकारियों को भेज दिया गया।
विज्ञापन
पुवायां। विवाद के बाद तहसील बार एसोसिएशन की बैठक में कई प्रस्ताव पास किए गए। इसमें एसडीएम की आरे से वकील के साथ किए गए व्यवहार की निंदा की गई। एसडीएम के तबादला होने तक इनके न्यायालय का पूर्ण बहिष्कार करने, मामले की शिकायत उच्चाधिकारियों को भेजे जाने का प्रस्ताव भी पास किया गया।
अधिवक्ता ड्रेस कोड में नहीं थे जिस कारण उनको कुर्सी से उठने को कहा था। परिचय देने के बाद कुर्सी मंगवाकर उनसे बैठने को कहा लेकिन वह तैश में आकर चले गए। इसके बाद कुछ अधिवक्ताओं ने उनसे अभद्रता की जिस कारण पुलिस को सूचना दी थी।
सौरभ भट्ट, एसडीएम पुवायां
अधिवक्ता विजय मिश्रा पीड़ित के साथ एसडीएम के पास गए थे। एसडीएम ने उनको कुर्सी से उठाकर अपमान किया। जिससे अधिवक्ताओं में रोष है। ऐसे अधिकारी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बार संघ ने एसडीएम कोर्ट के बहिष्कार का फैसला किया है।
सुनील पाठक (अध्यक्ष) तहसील बार संघ पुवायां
विज्ञापन
अधिवक्ता विजय मिश्रा का आरोप है कि सोमवार को वह एक पीड़ित के साथ एसडीएम के पास गए थे। वह एक कुर्सी पर बैठ गए तो एसडीएम ने उनको कुर्सी से उठाकर अपमानित किया। इसके बाद वह कार्यालय से बाहर चले आए। उधर एसडीएम सौरभ भट्ट ने बताया कि अधिवक्ता उनके पास वाली कुर्सी पर आकर बैठ गए, वह ड्रेस कोड में नहीं थे। इस पर उन्होंने कुर्सी से उठा दिया। विजय मिश्रा के यह बताने पर कि वह वकील है, उन्होंने दूसरी कुर्सी मंगवाकर उनसे बैठने को कहा लेकिन वह बाहर चले गए।
विज्ञापन
इसके कुछ देर बाद वह कार्यालय से बाहर निकले तो गाड़ी में बैठने के दौरान तीन अधिवक्ता आकर गाली गलौज करने लगे। चालक ने वाहन आगे बढ़ाया तो वापस आने पर देख लेने की धमकी दी। इसके बाद उन्होंने कोतवाली पुलिस को मामले की सूचना दी। जानकारी पाकर कोतवाली प्रभारी जसवीर सिंह फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और वकीलों से वार्ता करके समझाने का प्रयास किया। इस बीच एसडीएम फिर कोर्ट पहुंचे तो वकील उनसे वार्ता करने पहुंचे। कोर्ट में वकीलों की भारी संख्या देखकर एसडीएम वापस चले गए, जिस कारण वार्ता नहीं हो सकी। इसके बाद वकीलों ने एसडीएम कोर्ट के बहिष्कार की घोषणा कर दी और इससे संबंधित पत्र भी अधिकारियों को भेज दिया गया।
विज्ञापन
पुवायां। विवाद के बाद तहसील बार एसोसिएशन की बैठक में कई प्रस्ताव पास किए गए। इसमें एसडीएम की आरे से वकील के साथ किए गए व्यवहार की निंदा की गई। एसडीएम के तबादला होने तक इनके न्यायालय का पूर्ण बहिष्कार करने, मामले की शिकायत उच्चाधिकारियों को भेजे जाने का प्रस्ताव भी पास किया गया।
अधिवक्ता ड्रेस कोड में नहीं थे जिस कारण उनको कुर्सी से उठने को कहा था। परिचय देने के बाद कुर्सी मंगवाकर उनसे बैठने को कहा लेकिन वह तैश में आकर चले गए। इसके बाद कुछ अधिवक्ताओं ने उनसे अभद्रता की जिस कारण पुलिस को सूचना दी थी।
सौरभ भट्ट, एसडीएम पुवायां
अधिवक्ता विजय मिश्रा पीड़ित के साथ एसडीएम के पास गए थे। एसडीएम ने उनको कुर्सी से उठाकर अपमान किया। जिससे अधिवक्ताओं में रोष है। ऐसे अधिकारी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बार संघ ने एसडीएम कोर्ट के बहिष्कार का फैसला किया है।
सुनील पाठक (अध्यक्ष) तहसील बार संघ पुवायां