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पुवायां में अवैध दुकान से बेची जा रही थी मिलावटी देशी शराब
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पुवायां (शाहजहांपुर)। कस्बे में मिलावटी देशी शराब बेचने की बात सामने आ रही है। बृहस्पतिवार को एक मामला पकड़ में आने के बाद बरामद शराब के पौवों की जांच की गई तो उन पर लगा बार कोड स्कैन करने पर इनवैलिड बताने लगा। एक आरोपी से पूछताछ की जा रही है। हालांकि अभी लिखा-पढ़ी नहीं की गई है।
मोहल्ला छावनी में काफी समय से एक जगह देशी शराब बेची जा रही थी। कुछ दिन पूर्व मामले की शिकायत के बाद भी आबकारी विभाग और पुलिस ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। बृहस्पतिवार को पुलिस ने दबिश दी तो मौके से एक युवक को पकड़ा गया और देशी शराब के 153 पौवे बरामद किए गए। इस दौरान दुकान स्वामी मौके से भाग निकला। पौवों पर लगे बार कोड को स्कैन करने पर वह इनवैलिड बताता रहा। जानकारी पाकर आबकारी निरीक्षक जीपी गुप्ता भी थाने पहुंचे। उन्होंने बताया कि जानकारी की जा रही है कि ढक्कन और नकली बार कोड के स्टिकर कहां से आए हैं। थाना प्रभारी प्रदीप कुमार राय ने बताया कि पकड़े गए युवक से पूछताछ की जा रही है। दुकान स्वामी की तलाश चल रही है। कार्रवाई की जाएगी।
काफी समय से चल रही थी दुकान
पुवायां। जिस दुकान पर मिलावटी शराब पकड़ी गई है। वहां वर्षों से शराब बेची जा रही है। लोगों को बताया जाता था कि दुकान लाइसेंसी है। इस कारण तमाम लोग शराब खरीदते थे। बड़ा सवाल यह है कि पुलिस और आबकारी विभाग को दुकान की जानकारी क्यों नहीं हो सकी और जानकारी थी तो कार्रवाई क्यों नहीं की गई। बरामद की गई शराब पुवायां में ही देशी शराब की एक दुकान से खरीदी जाती थी और पानी आदि मिलाकर बेचा जाता था।
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तिलहर से जुड़े है मिलावटी शराब सप्लाई के तार
पुवायां। सूत्र बताते हैं कि जिले में तिलहर मिलावटी शराब की सप्लाई का बड़ा केंद्र हैं। तिलहर से शराब की बोतलों के ढक्कन और नकली बार कोड के स्टिकर जिले और आसपास के जिलों तक सप्लाई होते हैं। यहां देशी शराब खरीदकर उनमें पानी आदि मिलाकर ढक्कन लगाकर फर्जी स्टिकर लगा दिया जाता है और शराब को थोक में सप्लाई कर दिया जाता है। इसके बाद शराब को गांवों और कस्बों में परचून की छोटी दुकानों, कोल्डड्रिंक की दुकानों से बेचा जाता है। शराब पीने वाले नजदीक शराब मिलने पर दूर की दुकानों पर नहीं जाते हैं। शराब दुकान के एक सेल्समैन ने बताया कि तिलहर में यह धंधा कई वर्ष से चल रहा है।
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मोहल्ला छावनी में काफी समय से एक जगह देशी शराब बेची जा रही थी। कुछ दिन पूर्व मामले की शिकायत के बाद भी आबकारी विभाग और पुलिस ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। बृहस्पतिवार को पुलिस ने दबिश दी तो मौके से एक युवक को पकड़ा गया और देशी शराब के 153 पौवे बरामद किए गए। इस दौरान दुकान स्वामी मौके से भाग निकला। पौवों पर लगे बार कोड को स्कैन करने पर वह इनवैलिड बताता रहा। जानकारी पाकर आबकारी निरीक्षक जीपी गुप्ता भी थाने पहुंचे। उन्होंने बताया कि जानकारी की जा रही है कि ढक्कन और नकली बार कोड के स्टिकर कहां से आए हैं। थाना प्रभारी प्रदीप कुमार राय ने बताया कि पकड़े गए युवक से पूछताछ की जा रही है। दुकान स्वामी की तलाश चल रही है। कार्रवाई की जाएगी।
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काफी समय से चल रही थी दुकान
पुवायां। जिस दुकान पर मिलावटी शराब पकड़ी गई है। वहां वर्षों से शराब बेची जा रही है। लोगों को बताया जाता था कि दुकान लाइसेंसी है। इस कारण तमाम लोग शराब खरीदते थे। बड़ा सवाल यह है कि पुलिस और आबकारी विभाग को दुकान की जानकारी क्यों नहीं हो सकी और जानकारी थी तो कार्रवाई क्यों नहीं की गई। बरामद की गई शराब पुवायां में ही देशी शराब की एक दुकान से खरीदी जाती थी और पानी आदि मिलाकर बेचा जाता था।
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तिलहर से जुड़े है मिलावटी शराब सप्लाई के तार
पुवायां। सूत्र बताते हैं कि जिले में तिलहर मिलावटी शराब की सप्लाई का बड़ा केंद्र हैं। तिलहर से शराब की बोतलों के ढक्कन और नकली बार कोड के स्टिकर जिले और आसपास के जिलों तक सप्लाई होते हैं। यहां देशी शराब खरीदकर उनमें पानी आदि मिलाकर ढक्कन लगाकर फर्जी स्टिकर लगा दिया जाता है और शराब को थोक में सप्लाई कर दिया जाता है। इसके बाद शराब को गांवों और कस्बों में परचून की छोटी दुकानों, कोल्डड्रिंक की दुकानों से बेचा जाता है। शराब पीने वाले नजदीक शराब मिलने पर दूर की दुकानों पर नहीं जाते हैं। शराब दुकान के एक सेल्समैन ने बताया कि तिलहर में यह धंधा कई वर्ष से चल रहा है।