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Shahjahanpur News: गोद लिया बेटा और बहू घर से निकालने की देते थे धमकी...छीन लेते थे रुपये
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सतीश गुप्ता का फाइल फोटो। स्रोत: परिजन
तिलहर। मोहल्ला केलरगंज निवासी 73 वर्षीय सतीश गुप्ता ने गोद लिए बेटे और उसकी पत्नी से परेशान होकर जान दी थी। उनके भाई के मुताबिक, बेटा-बहू उसे घर से निकालने की धमकी देते थे। उनके रुपये छीन लेते थे जिससे वह परेशान हो चुके थे। उन्होंने पुलिस को दिए पत्र में प्रताड़ित किए जाने का आरोप लगाया है। बेटा-बहू फिलहाल भागे हुए हैं। पुलिस उनकी तलाश कर रही है।
सतीश गुप्ता की शादी रामबेटी से हुई थी। संतान न होने पर उन्होंने करीब 25 वर्ष पूर्व एक बालक को गोद लिया था। उसका नाम उन्होंने शोभित रखा। सतीश गुप्ता पहले फुटकर गल्ला व्यापार करते थे, लेकिन वर्तमान में घर पर परचून की दुकान चलाते थे। भाई अशोक ने बताया कि करीब छह वर्ष पूर्व शोभित गुप्ता ने अपनी मर्जी से गैर समुदाय की युवती से विवाह कर लिया। इसके बाद वह परेशान रहने लगे।
बेटा पत्नी संग मिलकर उन्हें प्रताड़ित करने लगा। आए दिन जबरन दुकानदारी के रुपये ले लेता था। सामान उठा ले जाता था। विरोध करने पर मारपीट कर घर से निकाल देने की धमकी देता था। इसी प्रताड़ना से परेशान होकर बुधवार सुबह सतीश गुप्ता ने जहर खाकर जान दी। इससे पहले उन्होंने एक पत्र लिखकर पुलिस को दिया, जिसमें बेटे-बहू पर मारपीट और उत्पीड़न के आरोप लगाए।
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पत्र देने के कुछ देर बाद ही उनकी हालत बिगड़ गई और वह बेहोश हो गए। पुलिस ने उन्हें तत्काल सीएचसी में भर्ती कराया। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें राजकीय मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। देर रात उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। बृहस्पतिवार को भाई ने उनका अंतिम संस्कार किया। सीओ ज्योति यादव ने बताया कि मृतक ने दिए पत्र में बेटे-बहू पर मारपीट, जबरन रुपया व सामान लेने की बात कही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। बेटे और बहू की तलाश की जा रही है।
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सतीश गुप्ता की शादी रामबेटी से हुई थी। संतान न होने पर उन्होंने करीब 25 वर्ष पूर्व एक बालक को गोद लिया था। उसका नाम उन्होंने शोभित रखा। सतीश गुप्ता पहले फुटकर गल्ला व्यापार करते थे, लेकिन वर्तमान में घर पर परचून की दुकान चलाते थे। भाई अशोक ने बताया कि करीब छह वर्ष पूर्व शोभित गुप्ता ने अपनी मर्जी से गैर समुदाय की युवती से विवाह कर लिया। इसके बाद वह परेशान रहने लगे।
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बेटा पत्नी संग मिलकर उन्हें प्रताड़ित करने लगा। आए दिन जबरन दुकानदारी के रुपये ले लेता था। सामान उठा ले जाता था। विरोध करने पर मारपीट कर घर से निकाल देने की धमकी देता था। इसी प्रताड़ना से परेशान होकर बुधवार सुबह सतीश गुप्ता ने जहर खाकर जान दी। इससे पहले उन्होंने एक पत्र लिखकर पुलिस को दिया, जिसमें बेटे-बहू पर मारपीट और उत्पीड़न के आरोप लगाए।
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पत्र देने के कुछ देर बाद ही उनकी हालत बिगड़ गई और वह बेहोश हो गए। पुलिस ने उन्हें तत्काल सीएचसी में भर्ती कराया। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें राजकीय मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। देर रात उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। बृहस्पतिवार को भाई ने उनका अंतिम संस्कार किया। सीओ ज्योति यादव ने बताया कि मृतक ने दिए पत्र में बेटे-बहू पर मारपीट, जबरन रुपया व सामान लेने की बात कही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। बेटे और बहू की तलाश की जा रही है।