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एडीएम ने भाकियू कार्यकर्ताओं को जूस पिलाया, अनशन खत्म
शाहजहांपुर।
Updated Fri, 27 Mar 2015 11:33 PM IST
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फसली नुकसान के सर्वे में धांधली रोकने सहित किसान हित की मांगों को लेकर 11 मार्च से कलक्ट्रेट पर डेरा डाले भाकियू भानु गुट के कार्यकर्ताओं को एडीएम प्रशासन मुनेंद्र नाथ उपाध्याय ने शुक्रवार को धरना स्थल पर आकर आखिरकार मना लिया। उन्होेंने बिंदुवार सभी मांगों पर संबंधित अधिकारियों को जारी आदेश का ब्योरा दिया तो कार्यकर्ता खुशी से उछल पड़े। एडीएम ने पांच दिन से आमरण अनशन पर बैठे भाकियू नेता रामनरेश यादव और श्रीपाल को जूस पिलाया।
इससे पहले शुक्रवार को दोपहर तक झंडों-डंडों से लैस किसानों से धरना स्थल पर गरमाया रहा। अनशन केपांचवें दिन यूनियन कार्यकर्ताओं के बच्चे भी प्रदर्शन में शामिल हो गए। भाकियू के मंडल महासचिव रमेश चंद्र गुप्ता ने जिलाध्यक्ष महेंद्र पाल यादव, महासचिव राशिराम वर्मा और संगठन मंत्री गगनदीप माटा के साथ आंदोलन की अगली रणनीति तय करनी शुरू कर दी।
दरअसल, भाकियू पदाधिकारियों ने अफसरों के स्तर से ठोस कार्यवाही नहीं होने पर शनिवार से कलक्ट्रेट कैंपस में पशुओं को बांधने की योजना बर्नाइ थी। उनके तीखे तेवरों की भनक पाकर प्रशासन बैकफुट पर आ गया। अपरान्ह साढ़े तीन बजे एडीएम ने भाकियू पदाधिकारियों को मांगों पर कार्यवाही का ब्योरा देने को वार्ता के लिए बुलाया। कार्यकर्ता धरना स्थल पर ही बात करने को अड़ गए तो एडीएम ने उनके बीच जाने में कोई संकोच नहीं किया।
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उन्होंने पदाधिकारियों के बीच फसली सर्वे में गड़बड़ी की शिकायत पर दोबारा सर्वे कराने, सेहरामऊ दक्षिणी में रामप्यारी की जमीन से अवैध कब्जा हटाने और सिकरहना में आवास आवंटन में धांधली की जांच कराने के लिए संबंधित अधिकारियों को जारी लिखित आदेश दिखाए तो कार्यकर्ता भी पिघल गए। एडीएम ने तत्काल जूस मंगाकर अनशनकारियों को पिलाया तो बदले में कार्यकर्ताओं ने उनकी जिंदाबाद के नारे लगाकर घरों की राह पकड़ ली।
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इससे पहले शुक्रवार को दोपहर तक झंडों-डंडों से लैस किसानों से धरना स्थल पर गरमाया रहा। अनशन केपांचवें दिन यूनियन कार्यकर्ताओं के बच्चे भी प्रदर्शन में शामिल हो गए। भाकियू के मंडल महासचिव रमेश चंद्र गुप्ता ने जिलाध्यक्ष महेंद्र पाल यादव, महासचिव राशिराम वर्मा और संगठन मंत्री गगनदीप माटा के साथ आंदोलन की अगली रणनीति तय करनी शुरू कर दी।
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दरअसल, भाकियू पदाधिकारियों ने अफसरों के स्तर से ठोस कार्यवाही नहीं होने पर शनिवार से कलक्ट्रेट कैंपस में पशुओं को बांधने की योजना बर्नाइ थी। उनके तीखे तेवरों की भनक पाकर प्रशासन बैकफुट पर आ गया। अपरान्ह साढ़े तीन बजे एडीएम ने भाकियू पदाधिकारियों को मांगों पर कार्यवाही का ब्योरा देने को वार्ता के लिए बुलाया। कार्यकर्ता धरना स्थल पर ही बात करने को अड़ गए तो एडीएम ने उनके बीच जाने में कोई संकोच नहीं किया।
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उन्होंने पदाधिकारियों के बीच फसली सर्वे में गड़बड़ी की शिकायत पर दोबारा सर्वे कराने, सेहरामऊ दक्षिणी में रामप्यारी की जमीन से अवैध कब्जा हटाने और सिकरहना में आवास आवंटन में धांधली की जांच कराने के लिए संबंधित अधिकारियों को जारी लिखित आदेश दिखाए तो कार्यकर्ता भी पिघल गए। एडीएम ने तत्काल जूस मंगाकर अनशनकारियों को पिलाया तो बदले में कार्यकर्ताओं ने उनकी जिंदाबाद के नारे लगाकर घरों की राह पकड़ ली।