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Shahjahanpur News: जीएसटी की फर्जी फर्म बनाकर कर चोरी करने के आरोपी को पकड़ा
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रोजा पुलिस की गिरफ्त में आरोपी पंकज। स्रोत: पुलिस
- फोटो : Self
शाहजहांपुर। पुलिस टीम ने मंगलवार सुबह मोहम्मदी रोड स्थित जीएसटी कार्यालय के पास से फर्जी फर्म बनाकर लगभग दो करोड़ रुपये की कर चोरी करने के आरोपी पंकज कुमार को गिरफ्तार कर लिया। वह देवरिया जिले के थाना भटनी के गांव भैरहे चौरा का रहने वाला है।
एसपी राजेश द्विवेदी ने बताया कि इस गिरोह के सदस्य सोशल मीडिया के माध्यम से भोले-भाले व्यक्तियों को नौकरी दिलाने का प्रलोभन देकर उनके आधार कार्ड, पैन कार्ड एवं फोटो आदि दस्तावेज प्राप्त कर लेते थे। इसके बाद उनके फर्जी एवं कूटरचित हस्ताक्षर तैयार कर बोगस जीएसटी फर्मों का पंजीकरण कराते थे।
इन फर्जी जीएसटी फर्मों के नाम से कूटरचित ई-वे बिल एवं बिल्टी तैयार कर महाराजगंज, गोरखपुर, कुशीनगर आदि जनपदों से स्क्रैप खरीदते थे और मुजफ्फरनगर में विक्रय कर फर्जी लेन-देन दर्शाते हुए कर चोरी करते थे।
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एसपी ने बताया कि पिछले साल 28 नवंबर को पुलिस ने मोहम्मदी रोड पर प्रमोद इंटरप्राइजेज के नाम से संचालित फर्जी जीएसटी फर्म के ई-वे बिल एवं बिल्टी सहित तीन लोगों को रोका था। इसके बाद एसआईटी का गठन किया गया था।
पंकज ने पुलिस काे पूछताछ में बताया कि उसे गाजियाबाद के साहिबाबाद का रहने वाला राजेश ट्रकों की डिटेल उपलब्ध कराता था। वह डिटेल को दिल्ली की रहने वाली रचना को वाट्सएप पर भेज देता था। रचना फर्जी जीएसटी बिल बनाकर उसे वापस भेजती थी। इन्हीं डिटेल को वह जीएसटी पोर्टल पर अपलोड कर आईटीसी क्रेडिट करता था। जिसका लाभ व्यापारी ले रहे थे।
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एम-कॉम की पढ़ाई कर चुना गलत रास्ता, पकड़ा गया
आरोपी पंकज ने एम-कॉम किया है। करीब चार साल से वह इस गिरोह से जुड़ा हुआ है। पुलिस को जांच में पता चला कि एक साल में उसके खाते में 18 लाख रुपया आया। इसके अलावा आरोपी के बाकी खाते खंगाले जा रहे हैं। प्रयागराज में आरोपी के खिलाफ कई मुकदमे दर्ज हैं। वहां की पुलिस को भी पंकज की तलाश थी।
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एसपी राजेश द्विवेदी ने बताया कि इस गिरोह के सदस्य सोशल मीडिया के माध्यम से भोले-भाले व्यक्तियों को नौकरी दिलाने का प्रलोभन देकर उनके आधार कार्ड, पैन कार्ड एवं फोटो आदि दस्तावेज प्राप्त कर लेते थे। इसके बाद उनके फर्जी एवं कूटरचित हस्ताक्षर तैयार कर बोगस जीएसटी फर्मों का पंजीकरण कराते थे।
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इन फर्जी जीएसटी फर्मों के नाम से कूटरचित ई-वे बिल एवं बिल्टी तैयार कर महाराजगंज, गोरखपुर, कुशीनगर आदि जनपदों से स्क्रैप खरीदते थे और मुजफ्फरनगर में विक्रय कर फर्जी लेन-देन दर्शाते हुए कर चोरी करते थे।
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एसपी ने बताया कि पिछले साल 28 नवंबर को पुलिस ने मोहम्मदी रोड पर प्रमोद इंटरप्राइजेज के नाम से संचालित फर्जी जीएसटी फर्म के ई-वे बिल एवं बिल्टी सहित तीन लोगों को रोका था। इसके बाद एसआईटी का गठन किया गया था।
पंकज ने पुलिस काे पूछताछ में बताया कि उसे गाजियाबाद के साहिबाबाद का रहने वाला राजेश ट्रकों की डिटेल उपलब्ध कराता था। वह डिटेल को दिल्ली की रहने वाली रचना को वाट्सएप पर भेज देता था। रचना फर्जी जीएसटी बिल बनाकर उसे वापस भेजती थी। इन्हीं डिटेल को वह जीएसटी पोर्टल पर अपलोड कर आईटीसी क्रेडिट करता था। जिसका लाभ व्यापारी ले रहे थे।
एम-कॉम की पढ़ाई कर चुना गलत रास्ता, पकड़ा गया
आरोपी पंकज ने एम-कॉम किया है। करीब चार साल से वह इस गिरोह से जुड़ा हुआ है। पुलिस को जांच में पता चला कि एक साल में उसके खाते में 18 लाख रुपया आया। इसके अलावा आरोपी के बाकी खाते खंगाले जा रहे हैं। प्रयागराज में आरोपी के खिलाफ कई मुकदमे दर्ज हैं। वहां की पुलिस को भी पंकज की तलाश थी।