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हत्या और सुबूत मिटाने का आरोपी लखनऊ से इलाज के दौरान फरार
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लीड
हत्या और सबूत मिटाने का आरोपी
लखनऊ से इलाज के दौरान फरार
- पुवायां पुलिस ने किया था गिरफ्तार, 31 जुलाई 2021 को गया था जेल
- गांव डूडा के श्रीकांत की कर दी थी हत्या, सीतापुर में मिला था शव
संवाद न्यूज एजेंसी
पुवायां (शाहजहांपुर)। पुवायां से हत्या और सबूत मिटाने के आरोप में शाहजहांपुर जेल में बंद विशंभर यादव लखनऊ के एक अस्पताल से फरार हो गया है। पुवायां के इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार राय के नेतृत्व में विशंभर यादव को पकड़ने के लिए दो टीमों का गठन किया गया है।
पुवायां के गांव डूडा निवासी श्रीकांत का शव सात जुलाई 2021 को जनपद सीतापुर के लहरपुर थाना क्षेत्र में पड़ा मिला था। श्रीकांत की पत्नी सपना देवी उर्फ गुड़िया की ओर से 22 जुलाई को पुवायां थाने में गांव के ही सुनील और कमल मिश्रा के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। जांच में सामने आया कि श्रीकांत की हत्या जनपद लखीमपुर के थाना फूलबेहड़ के गांव तितारपुर निवासी सुनील मिश्रा और विशंभर यादव ने की है। सुनील मिश्रा पर 25 हजार का इनाम भी घोषित था। पुलिस ने दोनों को पकड़कर 31 जुलाई 2021 को जेल भेजा था। सुनील ने बताया था कि श्रीकांत की हत्या चोरी के माल के बंटवारे के विवाद में की गई थी।
विशंभर यादव तब से शाहजहांपुर जेल में था। जेलर मिजाजीलाल ने बताया कि विशंभर अक्सर बीमार रहता था। उसे कई बार इलाज के लिए लखनऊ भेजा गया था। उसे चार पीएसी जवानों के साथ 20 अक्तूबर को इलाज के लिए लखनऊ भेजा गया था। चौक इलाके में स्थित किंग जार्ज मेडिकल कॉलेज के शताब्दी अस्पताल में उसका इलाज चल रहा था।
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चौक थाना प्रभारी प्रशांत मिश्रा के मुताबिक, विशंभर यादव को हालत ज्यादा खराब होने पर 20 अक्टूबर को शताब्दी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मंगलवार रात मौका पाते ही अस्पताल से फरार हो गया। अस्पताल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज के माध्यम से कैदी का पता लगाया जा रहा है। ड
विशंभर यादव के लखनऊ अस्पताल से फरार होने की सूचना मिल गई है। पुवायां थाने की दो टीमों का गठन किया गया है जो विशंभर यादव की तलाश में दबिश दे रही हैं। जल्द ही विशंभर यादव को पकड़ लिया जाएगा।
- पंकज पंत, सीओ पुवायां
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हत्या और सबूत मिटाने का आरोपी
लखनऊ से इलाज के दौरान फरार
- पुवायां पुलिस ने किया था गिरफ्तार, 31 जुलाई 2021 को गया था जेल
- गांव डूडा के श्रीकांत की कर दी थी हत्या, सीतापुर में मिला था शव
संवाद न्यूज एजेंसी
पुवायां (शाहजहांपुर)। पुवायां से हत्या और सबूत मिटाने के आरोप में शाहजहांपुर जेल में बंद विशंभर यादव लखनऊ के एक अस्पताल से फरार हो गया है। पुवायां के इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार राय के नेतृत्व में विशंभर यादव को पकड़ने के लिए दो टीमों का गठन किया गया है।
पुवायां के गांव डूडा निवासी श्रीकांत का शव सात जुलाई 2021 को जनपद सीतापुर के लहरपुर थाना क्षेत्र में पड़ा मिला था। श्रीकांत की पत्नी सपना देवी उर्फ गुड़िया की ओर से 22 जुलाई को पुवायां थाने में गांव के ही सुनील और कमल मिश्रा के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। जांच में सामने आया कि श्रीकांत की हत्या जनपद लखीमपुर के थाना फूलबेहड़ के गांव तितारपुर निवासी सुनील मिश्रा और विशंभर यादव ने की है। सुनील मिश्रा पर 25 हजार का इनाम भी घोषित था। पुलिस ने दोनों को पकड़कर 31 जुलाई 2021 को जेल भेजा था। सुनील ने बताया था कि श्रीकांत की हत्या चोरी के माल के बंटवारे के विवाद में की गई थी।
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विशंभर यादव तब से शाहजहांपुर जेल में था। जेलर मिजाजीलाल ने बताया कि विशंभर अक्सर बीमार रहता था। उसे कई बार इलाज के लिए लखनऊ भेजा गया था। उसे चार पीएसी जवानों के साथ 20 अक्तूबर को इलाज के लिए लखनऊ भेजा गया था। चौक इलाके में स्थित किंग जार्ज मेडिकल कॉलेज के शताब्दी अस्पताल में उसका इलाज चल रहा था।
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चौक थाना प्रभारी प्रशांत मिश्रा के मुताबिक, विशंभर यादव को हालत ज्यादा खराब होने पर 20 अक्टूबर को शताब्दी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मंगलवार रात मौका पाते ही अस्पताल से फरार हो गया। अस्पताल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज के माध्यम से कैदी का पता लगाया जा रहा है। ड
विशंभर यादव के लखनऊ अस्पताल से फरार होने की सूचना मिल गई है। पुवायां थाने की दो टीमों का गठन किया गया है जो विशंभर यादव की तलाश में दबिश दे रही हैं। जल्द ही विशंभर यादव को पकड़ लिया जाएगा।
- पंकज पंत, सीओ पुवायां