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उदर पूर्ति का साधन बनी शिक्षा नहीं दिया सकती सम्मान
शाहजहांपुर
Updated Sun, 31 May 2015 11:37 PM IST
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एसएस कॉलेज मेें चल रही इग्नू बीएड द्वितीय वर्ष की कार्यशाला रविवार से शुरू हो गई। बारह दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए मुख्य अतिथि शिक्षाविद केशवचंद्र मिश्र ने कहा कि गुरु का सम्मान तभी बरकरार रहेगा, जब गुरु की शिक्षा को उदर पूर्ति का साधन न माना जाए।
शिक्षाविद मिश्र ने कहा कि सम्मान का सीधा संबंध स्वाभिमान से होता है। स्वाभिमानी शिक्षक हमेशा एक दीपक की तरह प्रकाशमान रहता है और उसी प्रकाश से अन्य दीपक भी प्रज्ज्वलित होते रहते हैं। विशिष्ट अतिथि के रूप में वनस्पति विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. आदर्श पांडेय ने भाषा संप्रेषण पर प्रकाश डाला। कहा कि भाषा जितनी व्यावहारिक और सरल होगी, सीखना उतना ही आसान हो जाएगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्राचार्य डॉ. अवनीश मिश्र ने कहा कि कार्यशाला के दौरान किसी पद्धति विशेष का ज्ञान अर्जित करना ही कार्यशाला का उद्देश्य होता है। कार्यशाला प्रशिक्षणार्थियों का ऐसा समूह तैयार करती है, जो दुनियादारी में परिपक्व होते हैं। इससे पूर्व छात्राध्यापकों ने ईश वंदना और स्वागत गीत प्रस्तुत किया। डॉ. अमित शर्मा, डॉ. अखिलेश, डॉ. राजीव सिंह, डॉ. अरुण मिश्र, डॉ. संजीव शर्मा, डॉ. सुरेंद्र सिंह आदि ने अतिथियों का स्वागत किया। धर्मेंद्र पुरी के संचालन में हुए कार्यक्रम में केंद्र समन्वय डॉ. प्रभात शुक्ल ने आभार जताया।
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शिक्षाविद मिश्र ने कहा कि सम्मान का सीधा संबंध स्वाभिमान से होता है। स्वाभिमानी शिक्षक हमेशा एक दीपक की तरह प्रकाशमान रहता है और उसी प्रकाश से अन्य दीपक भी प्रज्ज्वलित होते रहते हैं। विशिष्ट अतिथि के रूप में वनस्पति विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. आदर्श पांडेय ने भाषा संप्रेषण पर प्रकाश डाला। कहा कि भाषा जितनी व्यावहारिक और सरल होगी, सीखना उतना ही आसान हो जाएगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्राचार्य डॉ. अवनीश मिश्र ने कहा कि कार्यशाला के दौरान किसी पद्धति विशेष का ज्ञान अर्जित करना ही कार्यशाला का उद्देश्य होता है। कार्यशाला प्रशिक्षणार्थियों का ऐसा समूह तैयार करती है, जो दुनियादारी में परिपक्व होते हैं। इससे पूर्व छात्राध्यापकों ने ईश वंदना और स्वागत गीत प्रस्तुत किया। डॉ. अमित शर्मा, डॉ. अखिलेश, डॉ. राजीव सिंह, डॉ. अरुण मिश्र, डॉ. संजीव शर्मा, डॉ. सुरेंद्र सिंह आदि ने अतिथियों का स्वागत किया। धर्मेंद्र पुरी के संचालन में हुए कार्यक्रम में केंद्र समन्वय डॉ. प्रभात शुक्ल ने आभार जताया।
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